रांची में रेलवे फ्लाईओवर का 30% काम ही पूरा, जुलाई में खत्म हो रही डेडलाइन; बारिश से दुर्घटनाएं बढ़ी
रांची के केतारी बागान रेलवे क्रॉसिंग पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर का काम जुलाई में 18 महीने की समय सीमा पूरी होने के बावजूद केवल 30% ही हो पाया है। ...और पढ़ें

केतारी बगान रेलवे फाटक पर कीचड़ होने से दुर्घटना के शिकार होते वाहन चालक
HighLights
फ्लाईओवर का 30% काम ही पूरा, जुलाई में समय सीमा समाप्त।
बारिश से सड़क पर कीचड़, गड्ढे, फिसलन; दुर्घटनाएं बढ़ीं।
भू-अर्जन और पाइपलाइन शिफ्टिंग में देरी से निर्माण धीमा।
जागरण संवाददाता, रांची। राजधानी रांची के केतारी बागान रेलवे क्रासिंग पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर परियोजना की तिथि जुलाई महीनें में पूरी हो जाएगी। 18 महीनें का समय पूरा हो जाएगा। लेकिन अबतक केतारी बगान रेलवे फाटक पर फ्लाईओवर का 30 प्रतिशत भी काम पूरा नहीं हो सका है।
वहीं फ्लाईओवर के आसपास बारिश होने से सड़क पर कीचड़, गड्ढे और फिसलन की स्थिति बनी हुई है, जिससे रोजाना आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग फिसलन के कारण दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं।
शुक्रवार को हुई बारिश के बाद निर्माण स्थल के आसपास की स्थिति और खराब हो गई है। सड़क पर जमा कीचड़ और निर्माण सामग्री के कारण दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण एजेंसी द्वारा पर्याप्त सुरक्षा बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। साथ ही बार-बार कीचड़ पर डस्ट डालने की मांग की गई है, लेकिन इसके बाद भी ठेकेदार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा हैं।

(केतारी बगान रेलवे फाटक पर पसरा कीचड़ की तस्वीर)
सुरक्षा मानकों पर उठ रहे सवाल
नागरिकों का आरोप है कि फ्लाईओवर निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है। कई स्थानों पर खुले निर्माण क्षेत्र और अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था लोगों के लिए जोखिम पैदा कर रही है। खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया चालकों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है।
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जल्द समाधान की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि फ्लाईओवर शहर के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है, लेकिन निर्माण के दौरान आम नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा से समझौता नहीं होना चाहिए।
भू-अर्जन के कारण फंसा हुआ है मामला : ठेकेदार
केतारी बगान रेलवे फाटक पर फ्लाईओवर निर्माण का कार्य कर रहे राजीव रंजन ने बताया कि भू-अर्चन के कारण फ्लाईओवर के निर्माण में काफी गति धीमी हो गई है। अबतक पानी पाइपलाइन व अंडरग्रांड बिजली शिफ्टिंग का काम अधूरा पड़ा है।
अधिकारी फाइल आगे नहीं बढ़ाते है। ठेकेदार आखिर क्या कर सकता है। अगर समय पर सारी चीजें हो गई होती तो, अबतक केतारी बगान रेलवे फाटक पर फ्लाईओवर बनकर तैयार हो गया होता।
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