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    रांची में खतरे के साये में 435 बच्चों का भविष्य: बारिश में टपकती हैं छतें, बाल्टी से पानी निकालने को मजबूर छात्र

    Updated: Fri, 31 Jul 2026 07:00 AM (IST)

    बेड़ो प्रखंड के असरो स्थित राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय में 435 बच्चों की पढ़ाई जर्जर छतों और पानी टपकने के खतरे में है, जिससे छात्र बाल्टी से पानी ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. 435 बच्चे जर्जर छतों के नीचे पढ़ने को मजबूर।

    2. बारिश में टपकती छतें, छात्र निकालते हैं बाल्टी से पानी।

    3. पेयजल संकट और चारदीवारी का अभाव, हादसे का डर।

    संवाद सूत्र, बेड़ो। बेड़ो प्रखंड के असरो स्थित राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय असरो में 435 बच्चों की पढ़ाई खतरे के साये में चल रही है। वर्षा होते ही तीन जर्जर कक्षाओं की छत से पानी टपकने लगता है और कमरे पानी से भर जाते हैं।

    ऐसे में छात्र पढ़ाई छोड़ बाल्टी से पानी निकालने को मजबूर हो जाते हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि कमजोर हो चुकी छत कभी भी भरभराकर गिर सकती है, जिससे बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।

    विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मेरी विद्या तिग्गा ने बताया कि स्कूल में केजी से 10वीं तक की पढ़ाई होती है। कुल 11 कक्षाओं के लिए केवल नौ कमरे हैं। इनमें तीन कमरे पूरी तरह जर्जर हैं, जबकि तीन नए कमरे अब तक अधूरे पड़े हैं।

    Ranchi School

    विद्यालय में 17 शिक्षक, एक लिपिक, एक आईसीटी एवं एक एलएलएफ कर्मी सहित कुल 20 कर्मी कार्यरत हैं, लेकिन भवन और बुनियादी सुविधाओं की कमी शिक्षा व्यवस्था पर भारी पड़ रही है।

    स्कूल में पेयजल संकट भी गंभीर है। बोरिंग का केसिंग फट चुका है और समरसेबल पंप जाम होने से मध्याह्न भोजन के लिए पानी खरीदना पड़ रहा है। विद्यालय में चारदीवारी भी नहीं है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित है।

    ranchi school 1

    प्रधानाध्यापिका ने बताया कि जर्जर भवन और मूलभूत सुविधाओं की कमी की जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों व विभागीय अधिकारियों को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई।

    उनका कहना है कि यदि जल्द मरम्मत या नए भवन की व्यवस्था नहीं हुई तो कभी भी बड़ी अनहोनी हो सकती है। फिलहाल शिक्षक और छात्र रोजाना डर के माहौल में पढ़ाने और पढ़ने को विवश हैं।

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