सरायकेला में बालू लदे डंपर ने घर को रौंदा: मलबे में दबे 3 बच्चे सुरक्षित, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
ईचागढ़ में बालू लदा एक अनियंत्रित टीपर घर में घुस गया, जिससे मलबे में दबे तीन बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हादसे के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम क ...और पढ़ें
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HighLights
बालू लदा टीपर अनियंत्रित होकर घर में घुसा।
मलबे में दबे तीन बच्चों को सुरक्षित बचाया गया।
ग्रामीणों ने सड़क जाम कर कार्रवाई की मांग की।
संवाद सूत्र, मिलन चौक (ईचागढ़)। सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ में डुमटांड़-ईचागढ़ मुख्य सड़क पर घुनीयापाड़ा के समीप बुधवार को बालू लदा अनियंत्रित आइशर डंपर एक घर में घुस गया।
मिली जानकारी के अनुसार, टीपर मंगल राजवार के घर की कच्ची दीवार तोड़ते हुए अंदर जा घुसा। हादसे के समय घर में सो रहे तीन बच्चे मलबे में दब गए। दुर्घटना के बाद परिजनों ने तत्काल मलबा हटाकर तीनों बच्चों को बाहर निकाला।
इसके बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ईचागढ़ ले जाकर प्राथमिक उपचार कराया गया। बच्चों के सुरक्षित बचने से परिजनों ने राहत की सांस ली। हादसे के बाद टीपर चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया।

सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और आक्रोशित होकर मुख्य सड़क को करीब दो घंटे तक जाम कर दिया। ग्रामीण फरार टीपर व चालक को पकड़ने तथा बालू लदे वाहनों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
सूचना मिलने पर अंचलाधिकारी दीपक प्रसाद और थाना प्रभारी वरुण यादव मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाकर जाम हटवाया। इस दौरान जाम में फंसे बालू लदे चार टीपर और एक हाइवा को जब्त कर ईचागढ़ थाना लाया गया।
अंचलाधिकारी ने बताया कि वाहनों के चालान व कागजात की जांच की जा रही है। सभी वाहनों में चालान मिला है। ओवरलोड की भी जांच की जा रही है।

इस अवसर पर मुखिया राखोहरी सिंह मुंडा समेत ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बालू लदे वाहनों में कई चालक बिना वैध लाइसेंस के वाहन चलाते हैं। इससे क्षेत्र में गंभीर हादसे की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों ने नियमित लाइसेंस जांच की मांग की। अंचलाधिकारी ने क्षतिग्रस्त मकान की मरम्मत कराने और चालकों के लाइसेंस की जांच कराने का आश्वासन दिया। मौके पर जिला परिषद सदस्य जोतीलाल मांझी, जेएलकेएम नेता तरुण महतो समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।