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    ओडिशा में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: हिरण का कटा सिर, धनुष-तीर और 10 किलो मांस के साथ दबोचे गए चार शिकारी

    Updated: Sun, 31 May 2026 09:16 PM (IST)

    ओडिशा के क्योंझर वन प्रभाग में वन विभाग ने वन्यजीव शिकार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। चार शिकारियों को चित्तीदार हिरण का मांस बेचने के आरोप में गिरफ् ...और पढ़ें

    क्योंझर वन विभाग के अधिकारियों ने चित्तीदार हिरण के शिकार और मांस की बिक्री के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया।

    क्योंझर वन विभाग के अधिकारियों ने चित्तीदार हिरण के शिकार और मांस की बिक्री के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया।

    HighLights

    1. क्योंझर वन प्रभाग में चार शिकारी गिरफ्तार।

    2. वन्यजीव सुरक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज।

    संवाद सूत्र, बड़बिल। ओडिशा में क्योंझर वन प्रभाग के पटना रेंज अंतर्गत अतेई आरक्षित वन क्षेत्र में वन विभाग ने वन्यजीव शिकार के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। 
     
    विभाग की टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए चित्तीदार हिरण (Spotted Deer) के शिकार और उसका मांस बेचने के आरोप में चार शिकारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। 
     
    वन विभाग के अनुसार, वनकर्मियों ने जब मौके पर दबिश दी, तब आरोपित कथित रूप से हिरण के मांस को टुकड़ों में काटकर बाजार में बिक्री के लिए तैयार कर रहे थे।
     

    गिरफ्तार आरोपितों की पहचान

    पकड़े गए आरोपियों में दो स्थानीय और दो ठाकुरमुंडा थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं: 

    •     लक्ष्मण माझी (40 वर्ष) - निवासी: बनमहुलडीहा गांव
    •     जदुमणि माझी (55 वर्ष) - निवासी: बनमहुलडीहा गांव
    •     गोपाल माझी (67 वर्ष) - निवासी: बेंटकरपाड़ा, थाना ठाकुरमुंडा
    •     सान करण माझी (37 वर्ष) - निवासी: बेंटकरपाड़ा, थाना ठाकुरमुंडा


    तलाशी में बरामद हुआ यह सामान 

    छापेमारी के दौरान वन विभाग की टीम ने घटना स्थल की गहन तलाशी ली। इस दौरान शिकार और मांस तोलने के लिए इस्तेमाल होने वाले निम्नलिखित सामान बरामद किए गए: 

    •     वन्यजीव अवशेष: एक चित्तीदार हिरण का कटा हुआ सिर और 10 किलोग्राम कच्चा मांस।
    •     हथियार: तीन धनुष, दस तीर और दो कुल्हाड़ियां।
    •     अन्य सामग्री: मांस रखने के लिए तीन प्लास्टिक की थैलियां और एक तराजू।


    वन्यजीव सुरक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज 

    मामले की जानकारी देते हुए वन अधिकारी धनराज एचडी ने बताया कि चारों गिरफ्तार आरोपितों के विरुद्ध वन्यजीव सुरक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

    उन्होंने आगे कहा कि इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने और आरक्षित क्षेत्र में शिकार गतिविधियों की व्यापकता का पता लगाने के लिए गहन जांच जारी है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीव संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता अटूट है। 
     
    भविष्य में शिकार और अन्य वन्यजीव अपराधों पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए पूरे वन प्रभाग में निगरानी, गश्ती और प्रवर्तन गतिविधियों को और अधिक तेज कर दिया गया है।

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