विदेशी रेसिपी में देसी ट्विस्ट देकर बनाया गया था भारत का पहला केक, दिलचस्प है 143 साल पहले की कहानी
भारत में केक का इतिहास 1883 में केरल के मंबल्ली बापू के बेक किए गए पहले केक से जुड़ा है।
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कैसे बना था भारत का पहला केक? (AI Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। किसी का जन्मदिन हो, एनिवर्सरी हो या कोई भी सेलिब्रेशन हो, अब केक उसका अहम हिस्सा बन चुका है। बिना केक के कोई भी सेलिब्रेशन और पार्टी अधूरी सी लगती है, लेकिन क्या आप जानते हैं केक भारत कैसे पहुंचा?
माना जाता है कि 19वीं शताब्दी से पहले भारत में केक कोई नहीं बनाता था और न ही ये हमारे त्योहारों या खान-पान का हिस्सा था। लेकिन ब्रिटिश शासन के दौरान केरल की एक छोटी-सी बेकरी में सबसे पहली बार केक बेक किया गया। आइए जानें देश के पहले केक की कहानी।
किसने बेक किया था पहला केक?
भारत में सबसे पहली बार केक बेक करने का श्रेय केरल के मंबल्ली बापू को जाता है। केरल के कन्नूर जिले में थलस्सेरी में उनकी एक छोटी-सी बेकरी थी, जिसका नाम था मंबल्ली रॉयल बिस्किट फैक्ट्री। वो बर्मा यानी आज के म्यांमार से पहले ही बिस्किट और ब्रेड बेक करना सीखकर आए थे और अपनी बेकरी में यही बेक करके बनाते और बेचते थे, लेकिन अभी तक उन्होंने केक नहीं बनाया था।
साल 1883 में क्रिसमस से कुछ दिन पहले एक ब्रिटिश मर्डोक ब्राउन इंग्लैंड से अपने साथ प्लम केक लेकर आए। क्रिसमस का समय था, इसलिए वो चाहते थे कि उन्हें भारत में ही फ्रेश प्लम केक मिल जाए। ब्राउन मंबल्ली बापू की बेकरी पर पहुंचे और उन्हें प्लम केक चखाकर पूछा कि क्या वो ऐसा केक तैयार कर सकते हैं?
हालांकि, इससे पहले मंबल्ली बापू ने कभी केक नहीं बनाया था, लेकिन फिर भी वो मान गए। ब्राउन ने उन्हें केक बनाने की पूरी प्रक्रिया समझाई और किशमिश, खजूर, कोको जैसी सामग्रियां दीं। उन्होंने फर्मेंटेशन के लिए फ्रेंच ब्रांडी का इस्तेमाल करने की सलाह दी।
हालांकि, मंबल्ली बापू ने हूबहू बताई गई रेसिपी को न मानकर इसमें अपना देसी ट्विस्ट दिया। उन्होंने ब्रांडी के बजाय कैश्यू एप्पल का इस्तेमाल करके बनाई जाने देसी शराब का इस्तेमाल किया और मलाबार तट के खेतों से ताजे मसाले और सूखे मेवों का इस्तेमाल करके केक बनाया।
जब ब्राउन ने चखा केक
जब मंबल्ली बापू का पारंपरिक लकड़ी की भट्टी में बेक किया हुआ केक मर्डोक ब्राउन ने चखा, तो वे हैरान रह गए। उन्हें इसका स्वाद इतना पसंद आया कि उन्होंने तुरंत मंबल्ली बापू को एक दर्जन और प्लम केक बनाने का ऑर्डर दे दिया। इस तरह बेक हुआ था भारत का पहला केक।
आज भी खुली है ये बेकरी
भारत का पहला केक बेक करने वाले मंबल्ली बापू की बेकरी आज भी केरला में खुली है और लोगों के बीच काफी मशहूर भी है। आज भी इस बेकरी में पारंपरिक तरीके से लकड़ी की भट्टी पर केक बेक किया जाता है।
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