बिना काटे कैसे चुनें मीठा और रसीला तरबूज? खरीदारी करते समय जरूर चेक करें ये 5 चीजें
तरबूज खरीदते समय सबसे बड़ी चुनौती यही होती है कि कैसे बिना काटे मीठा और रसीला तरबूज चुनें। ...और पढ़ें

कैसे चुनें मीठा तरबूज? (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। गर्मियों का मौसम आते ही बाजार में हर तरफ तरबूज नजर आने लगते हैं। चिलचिलाती धूप में तरबूज न केवल प्यास बुझाता है, बल्कि शरीर को ताजगी भी देता है, लेकिन कई बार तरबूज मीठे नहीं निकलते हैं।
इसलिए तरबूज खरीदते समय यह एक बड़ी चुनौती होती है कि मीठा और पूरी तरह पका हुआ तरबूज कैसे चुनें। इसमें कुछ टिप्स आपके काम आ सकते हैं। आइए जानें इनके बारे में।
पीली धारियां चेक करें
तरबूज की शुद्धता और उसके मीठे होने का सबसे बड़ा प्रमाण है उस पर बनी पीली धारियां। अगर तरबूज पर पीले रंग की धारियां बनी हैं, तो समझ जाइए कि वह अंदर से पूरी तरह पका हुआ है और मीठा होगा। लेकिन अगर पीले की जगह सफेद या हरी धारियां दिखें, तो इसका मतलब है कि तरबूज या तो पूरी तरह पका नहीं है या उसे केमिकल से पकाया गया है।

(Picture Courtesy: Freepik)
वजन से करें पहचान
तरबूज को उठाकर उसका वजन महसूस करें। एक पका हुआ और रसीला तरबूज हमेशा अपने आकार की तुलना में भारी महसूस होगा। भारी होने का मतलब है कि तरबूज में पानी की मात्रा भरपूर है और वह पूरी तरह से रस से भरा हुआ है। अगर आकार बड़ा है लेकिन वजन हल्का लग रहा है, तो समझ लीजिए कि वह अंदर से सूख चुका है या बहुत ज्यादा रेशेदार है।
थपथपा कर आवाज सुनें
तरबूज को अपने हाथ से हल्के से थपथपाएं या अपनी उंगलियों से नॉक करें। अगर थपथपाने पर आवाज गहरी और थोड़ी खोखली आती है, तो वह एक पके हुए तरबूज की निशानी है। लेकिन अगर आवाज खोखली नहीं आ रही है, तो इसका मतलब है कि तरबूज अभी कच्चा है।
खबरें और भी
छिलके की बनावट और धारियां
तरबूज का बाहरी हिस्सा भी बहुत कुछ बयां करता है। एक अच्छे तरबूज का छिलका गहरा हरा और मैट होना चाहिए। चमकने वाला तरबूज अक्सर कच्चा होता है क्योंकि पकने के बाद उसकी चमक कम हो जाती है। साथ ही, अगर तरबूज पर भूरे रंग के जालीदार निशान दिखें, तो भी समझ जाइए कि तरबूज काफी मीठा है।
आकार पर दें ध्यान
तरबूज चुनते समय बहुत ज्यादा टेढ़े-मेढ़े आकार वाले तरबूज से बचें। हमेशा एक समान आकार वाला तरबूज चुनें। इसका मतलब होता है कि तरबूज को सही मात्रा में धूप और पानी मिला है।