Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    सब्जियां पकाने की ये 7 गलतियां छीन लेती हैं पोषण! जानिए सही Cooking Trick

    By Niharika PandeyEdited By: Harshita Saxena
    Updated: Wed, 08 Jul 2026 05:49 PM (IST)

    कुकिंग के कुछ तरीके कई सारी सब्जियों की पौष्टिकता को कम देते हैं, लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि उन्हें कच्चा ही खाना हेल्दी होता है। ...और पढ़ें

    पोषण बनाए रखने के लिए अपनाएं ये कुकिंग ट्रिक्स (Picture Credit- AI Generated)

     पोषण बनाए रखने के लिए अपनाएं ये कुकिंग ट्रिक्स (Picture Credit- AI Generated)

    HighLights

    1. उबालने से पोषक तत्व कम होते हैं, स्टीमिंग बेहतर विकल्प है

    2. सब्जियों को छिलके सहित पकाएं और कम पानी उपयोग करें

    3. प्रेशर कुकिंग विटामिन सी और पॉलीफेनॉल जैसे पोषक तत्व बचाती है

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। चाहे अनाज हो या फिर फल, सब्जियां इन्हें ज्यादा से ज्यादा साबुत रूप में खाने की सलाह एक्सपर्ट द्वारा दी जाती है। इसके साथ ही हम अनाज या सब्जियों को किन तरीकों से पका रहे हैं वो भी मायने रखता है। ज्यादा फायदा लेने के लिए हर बार सब्जियों को कच्चा खाने की जरूरत नहीं, बल्कि सही कुकिंग मैथड अपनाने की जरूरत है। इस आर्टिकल में हम कुकिंग के इन तरीकों के फायदों के बारे में जानेंगे।

    कुकिंग के ये तरीके ऐसे बदल देते हैं सब्जियों का गुण

    • उबलाना: ज्यादा उबालने से सब्जियों के पौष्टिक गुण पानी में आ जाते हैं। उबालने से सब्जियों की एंटीऑक्सीडेंट क्षमता कम होने के साथ-साथ पोटेशियम, मैग्नीशियम, जिंक, कॉपर और मैगनीज भी कम हो जाता है।
    • स्टीम करना: इसमें सब्जियां भाप में पकती हैं जिससे वो मुलायम हो जाती हैं। कुकिंग का यह तरीका प्रभावी भी है और सब्जियों की पौष्टिकता को बरकरार भी रखता है। इसमें कम पानी का इस्तेमाल होता है, इसलिए थोड़े बहुत पौष्टिक गुण ही नष्ट होते हैं।
    • सॉते और स्टर फ्राई: सॉते करने का काम जहां कम आंच पर होता है वहीं स्टर फ्राई का तेज आंच पर। ये दोनों ही तरीके कुकिंग के लिए अच्छे हैं, लेकिन ऑयल की मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।
    • ग्रिलिंग: इसमें भी तेज आंच पर कुकिंग होती है और बाकी ऑप्शन के मुकाबले इसमें सब्जियों के पौष्टिक गुणों को कम नुकसान पहुंचता है।
    • बेकिंग और रोस्टिंग: कुकिंग के इन दोनों ही तरीकों को सही माना गया है, क्योंकि इसमें ड्राई हीट का इस्तेमाल होता है और पानी ना के बरारबर डाला जाता है। ऐसे पकाने से सब्जियों में मिठास आ जाती है, जिससे सब्जी का स्वाद भी बढ़ जाता है।
    • प्रेशर कुकिंग और स्लो कुकिंग: इन दोनों ही तरीकों में छोटे बरतनों का इस्तेमाल होता है, लेकिन दोनों का प्रभाव अलग है। चूंकि, प्रेशर कुकिंग में पकाने का समय कम होता है, जिससे विटामिन सी और पॉलीफेनॉल जैसे पोषक तत्व बने रहते हैं। वहीं स्लो कुकिंग में लंबे समय तक सब्जियां आंच पर पकती रहती हैं, जिसकी वजह से वॉटर सॉल्यूबल विटामिन्स कम हो जाते हैं। हालांकि, मिनरल्स और फाइबर बरकरार रहते हैं।

    इस तरह पकाएंगे तो मिलेगा ज्यादा फायदा

    • सब्जियों को पकाते समय कम से कम पानी का इस्तेमाल करें
    • ज्यादातर सब्जियों के छिलके में ही फाइबर, विटामिन ए, के, पोटेशियम और अन्य पोषक तत्व होते हैं। छिलकों को बिना हटाएं ही पकाएं।
    • जितना हो सके सब्जियों को जल्द पकाने की कोशिश करें।
    • सब्जियों को बड़े आकार में काटें, इससे पोषक तत्वों का नुकसान कम होगा
    • सब्जियों को पकाते समय हेल्दी ऑयल का इस्तेमाल करें, जैसे ऑलिव।
    • जिस पानी में सब्जियों को उबाला है उसे फेंकने की बजाय सब्जी में ही इस्तेमाल कर लें

    यह भी पढ़ें- क्या आप भी सिर्फ अंडे को मानते हैं प्रोटीन का बेस्ट सोर्स? आज ही आजमाएं ये 8 सुपरफूड्स