सेहत के लिए किसी खजाने से कम नहीं गढ़वाल-कुमाऊं की यह 'ग्लूटेन-फ्री' खीर, आसानी से करें घर पर तैयार
उत्तराखंड की लोक संस्कृति और पारंपरिक व्यंजनों की बात हो, तो 'झंगोरे की खीर' का जिक्र आना लाजमी है। ...और पढ़ें

स्वाद और सेहत का बेजोड़ संगम है उत्तराखंड की मशहूर 'झंगोरे की खीर' (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। देवभूमि उत्तराखंड के पारंपरिक खानपान की बात करें, तो 'झंगोरे की खीर' का नाम सबसे ऊपर आता है। यह सिर्फ एक मीठा व्यंजन नहीं है, बल्कि यह पहाड़ी सभ्यता, वहां की खेती और सेहत का एक अनूठा मिश्रण है।
कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्रों में कोई भी त्योहार, शुभ अवसर या धार्मिक आयोजन इस पारंपरिक खीर के बिना अधूरा ही माना जाता है। अपनी सादगी और बेहतरीन पोषण की वजह से यह अन्य सभी मिठाइयों से एकदम जुदा है।

(Image Source: AI-Generated)
क्या है झंगोरा?
झंगोरा मुख्य रूप से एक प्रकार का 'मोटा अनाज' है। पहाड़ों में सदियों से लोग इसे अपने नियमित भोजन के तौर पर इस्तेमाल करते आ रहे हैं।
चूंकि, पर्वतीय क्षेत्रों का जीवन और वहां की भौगोलिक स्थितियां काफी मुश्किल होती हैं, इसलिए सीमित संसाधनों के बीच झंगोरा वहां के लोगों को भरपूर पोषण और ऊर्जा देने का काम करता है। यही अहम कारण है कि उत्तराखंड के खानपान में इसे इतना ऊंचा दर्जा दिया गया है।
कैसे बनती है यह स्वादिष्ट खीर?
इस पौष्टिक खीर को पकाने की विधि बेहद सरल और पारंपरिक है:
- सबसे पहले झंगोरे को अच्छे से साफ किया जाता है और फिर कुछ देर के लिए पानी में भिगोकर रख दिया जाता है।
- इसके बाद दूध को उबाला जाता है। दूध उबलने पर उसमें भीगा हुआ झंगोरा डालते हैं और इसे बिल्कुल धीमी आंच पर आराम से पकाते हैं।
- जैसे-जैसे झंगोरा दूध में घुलता है, खीर गाढ़ी होने लगती है। फिर इसमें मिठास के लिए गुड़ या चीनी मिलाई जाती है।
- खीर की महक और जायके को दोगुना करने के लिए आखिर में इसमें इलायची, केसर और मेवे (काजू, बादाम और किशमिश) डाले जाते हैं।
सेहत के लिए किसी खजाने से कम नहीं
झंगोरे की खीर केवल जीभ को ही नहीं भाती, बल्कि शरीर के लिए भी यह बेहद फायदेमंद मानी जाती है:
- पोषक तत्वों की खान: झंगोरा कैल्शियम, फाइबर, आयरन और कई अन्य जरूरी पोषक तत्वों से भरा होता है।
- ऊर्जा और पाचन: यह शरीर में बहुत आसानी से पच जाता है और लंबे समय तक भरपूर ताकत बनाए रखता है।
- ग्लूटेन फ्री: जो लोग अपनी फिटनेस और सेहत को लेकर ज्यादा जागरूक रहते हैं, उन्हें भी यह खूब पसंद आता है क्योंकि यह पूरी तरह से 'ग्लूटेन फ्री' अनाज है।
पहाड़ी मौसम के हिसाब से शरीर को प्राकृतिक रूप से ताकत देने वाला यह एक बेहद प्राचीन और असरदार आहार है।