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    सप्लीमेंट्स लेने के बाद भी क्यों नहीं बढ़ रहा विटामिन-डी? इन 5 गलतियों के कारण काम नहीं कर रही दवाएं

    Updated: Mon, 02 Feb 2026 10:53 AM (IST)

    विटामिन-डी की कमी (Vitamin-D Deficiency) एक आम समस्या है, लेकिन अक्सर सप्लीमेंट्स लेने के बाद भी इसका स्तर कम रहता है। इसके कई कारण हो सकते हैं, जिनपर ...और पढ़ें

    कहीं बेकार तो नहीं हो रहीं आपकी विटामिन-डी की गोलियां? (Picture Courtesy: Freepik)

    कहीं बेकार तो नहीं हो रहीं आपकी विटामिन-डी की गोलियां? (Picture Courtesy: Freepik)

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    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। विटामिन-डी की कमी आज एक बेहद आम समस्या बन गई है, जिससे भारत की बड़ी जनसंख्या परेशान है। इसके कारण थकान, बाल झड़ना, हड्डियों में दर्द जैसे लक्षण (Vitamin-D Deficiency Symptoms) नजर आते हैं। ऐसे में कई लोग डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट्स लेना शुरू तो कर देते हैं, लेकिन बाद में जब वे ब्लड टेस्ट करवाते हैं, तो भी विटामिन-डी का लेवल का कम ही बना रहता है। 

    अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो इसके पीछे सप्लीमेंट्स की गलती नहीं, बल्कि आपके शरीर और लाइफस्टाइल से जुड़े कुछ कारण (Reasons Why Vitamin-D is Not Working) जिम्मेदार हो सकते हैं। आइए समझें क्यों विटामिन-डी सप्लीमेंट्स काम नहीं कर रहे हैं।  

    Vitamin D Deficiency symptoms

    फैट की कमी

    विटामिन-डी एक फैट-सॉल्यूबल विटामिन है। इसका मतलब है कि इसे शरीर में अब्जॉर्ब होने के लिए फैट की जरूरत होती है। ऐसे में अगर आप विटामिन-डी की गोली खाली पेट ले रहे हैं या आपने खाने में फैट की कमी है, तो  आपका शरीर उसे सोख नहीं पाएगा। इसलिए इसे अपने दिन के सबसे हैवी मील के साथ लें, जिसमें हेल्दी फैट्स शामिल हों। 

    मैग्नीशियम की कमी

    यह सबसे जरूरी है, लेकिन अक्सर अनदेखा किया जाने वाला कारण है। विटामिन-डी को शरीर में एक्टिव रूप में बदलने के लिए मैग्नीशियम की जरूरत होती है। अगर आपके शरीर में मैग्नीशियम कम है, तो आप कितना भी विटामिन-डी ले लें, वह शरीर में इनएक्टिव फॉर्म में ही रहेगा और अपना काम नहीं करेगा। इसलिए अपनी डाइट में कद्दू के बीज, पालक, बादाम और डार्क चॉकलेट शामिल करें या डॉक्टर से मैग्नीशियम सप्लीमेंट के बारे में पूछें।

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    गट हेल्थ की समस्याएं

    विटामिन-डी का अब्जॉर्प्शन आपकी छोटी आंत में होता है। अगर आप पाचन संबंधी समस्याओं जैसे सीलिएक डिजीज, क्रोहन डिजीज या आईबीएस से जूझ रहे हैं, तो आपकी आंतें सप्लीमेंट को ब्लड तक पहुंचाने में फेल हो सकती हैं। साथ ही, लिवर या गॉल ब्लैडर की समस्याओं के कारण भी विटामिन-डी का अब्जॉर्प्शन ठीक से नहीं हो पाता।

    मोटापा

    मोटापा- विटामिन-डी फैट सेल्स में फंस जाता है। अगर आपका वजन ज्यादा है, तो विटामिन-डी ब्लड में पहुंचने के बजाय शरीर की चर्बी में जमा हो जाता है। ऐसे में सामान्य खुराक काम नहीं करती।

    गलत खुराक या गलत रूप

    कई बार लोग जरूरत से कम खुराक लेते हैं, जो गंभीर कमी को पूरा करने के लिए काफी नहीं होती। इसके अलावा, विटामिन-डी के दो मुख्य रूप हैं- D2 (Ergocalciferol) और D3 (Cholecalciferol)। शोध बताते हैं कि D3 शरीर में स्तर बढ़ाने में D2 की तुलना में कहीं ज्यादा असरदार है।



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