लगातार काम और टारगेट का प्रेशर बढ़ा रहा है आपका सिरदर्द? ऐसे करें अपने दिमाग को करें 'रीसेट'
ऑफिस खत्म होने के बाद अगर आपको भी सिरदर्द की समस्या रहती है, तो आपको अपने ब्रेन को रीसेट करने की जरूरत है, ताकि तनाव कम हो। ...और पढ़ें

ऑफिस का काम खत्म होते ही शुरू हो जाता है सिरदर्द? (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल और कॉर्पोरेट कल्चर में वर्क स्ट्रेस यानी काम का तनाव एक आम समस्या बन चुका है। इससे न सिर्फ आपका मूड खराब होता है, बल्कि आपकी सेहत को भी नुकसान पहुंचता है। अगर पिछले कुछ समय से ऑफिस के काम के दौरान या उसके बाद आपको सिरदर्द की समस्या होने लगी है, तो इसे हल्के में न लें।
दरअसल, लगातार तनाव के कारण हमारा नर्वस सिस्टम फाइट या फ्लाइट मोड में रहता है। इससे दिल की धड़कने बढ़ती हैं, मांसपेशियां खिंची रहती हैं और शररी का पेन थ्रेशहोल्ड भी कम हो जाता है। इसका नतीजा यह होता है कि थोड़ा-सा भी तनाव होते ही तेज सिरदर्द शुरू हो जाता है और इसे ठीक होने में लंबा समय लगता है।
हालांकि, कुछ आसान तरीकों से आप अपने नर्वस सिस्टम को रीसेट कर सकते हैं, जिससे स्ट्रेस कम होता है और वर्क स्ट्रेस के कारण होने वाले सिरदर्द से भी राहत मिलेगी। आइए जानें इन तरीकों के बारे में।
काम के बीच में लें छोटे ब्रेक
अक्सर हम एक मीटिंग खत्म होते ही तुरंत दूसरे काम में कूद पड़ते हैं। ऐसा करने के बजाय, अपने दिन में छोटे-छोटे ट्रांजिशन पीरियड शामिल करें। एक काम खत्म होने के बाद अगले काम पर जाने से पहले 5 से 10 मिनट का पॉज लें। इस दौरान गहरी सांस लें, थोड़ा स्ट्रेच करें या बस आंखें बंद करके शांत बैठें। ये छोटे ब्रेक मसल्स के तनाव को कम करते हैं और स्ट्रेस हार्मोन के लेवल को घटाते हैं।

(AI Generated Image)
पोस्चर और एर्गोनॉमिक्स पर दें ध्यान
घंटों गलत पोस्चर में बैठकर लैपटॉप पर काम करने से गर्दन और कंधों की नसें ब्लॉक होने लगती हैं, जो टेंशन हेडेक का कारण है। अपनी कुर्सी और स्क्रीन की हाइट को सही एडजस्ट करें। काम के दौरान अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें। समय-समय पर अपने कंधों और जबड़े को ढीला छोड़ें, क्योंकि तनाव में हम अक्सर अनजाने में इन्हें भींच लेते हैं।
खबरें और भी
माइंडफुलनेस और ब्रीदिंग एक्सरसाइज
मेडिटेशन और फोकस्ड ब्रीदिंग जैसी तकनीकें हमारे दिमाग को तनाव से लड़ना सिखाती हैं। जब आप माइंडफुलनेस की प्रैक्टिस करते हैं, तो आपका ब्रेन स्ट्रेस को एक खतरे की तरह देखना बंद कर देता है, जिससे नर्वस सिस्टम शांत होता है और सिरदर्द की फ्रीक्वेंसी कम होने लगती है।
वर्क लाइफ बाउंड्री बनाएं
वर्क फ्रॉम होम हो या ऑफिस, काम का एक फिक्स समय तय करना बेहद जरूरी है। लॉग-ऑफ करने के बाद ऑफिस के ईमेल या मैसेज देखना बंद करें। अपने घर में एक कोना फिक्स करें जो सिर्फ काम के लिए हो, ताकि जब आप वहां से उठें, तो आपका दिमाग भी काम के मोड से बाहर आ सके।
फिजिकल एक्टिविटी को रूटीन का हिस्सा बनाएं
जब आप तनाव में होते हैं, तो शरीर में स्ट्रेस हार्मोन्स बढ़ने लगता है। इसे कम करने में फिजिकल एक्टिविटी काफी मददगार हो सकती है। रोजमर्रा के रूटीन में वॉक, योग या हल्की स्ट्रेचिंग शामिल करें। नियमित मूवमेंट से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और शरीर में एंडोर्फिन रिलीज होते हैं, जो प्राकृतिक पेनकिलर का काम करते हैं।
अगर इनके बाद भी आपका सिरदर्द ठीक नहीं हो रहा है या लगातार बढ़ रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेने में देरी न करें। कई बार सिरदर्द के पीछे अन्य मेडिकल कारण भी हो सकते हैं।