चुपके से कैंसर को दावत दे रही हैं ये 7 चीजें, हल्के में न लें एक्सपर्ट की चेतावनी
हम अक्सर अपनी रोजमर्रा की जिन्दगी में खान-पान और लाइफस्टाइल से जुड़ी कई ऐसी छोटी-बड़ी गलतियां कर बैठते हैं, जो आगे चलकर हमारी सेहत पर भारी पड़ सकती हैं। ...और पढ़ें

धीरे-धीरे कैंसर का खतरा बढ़ा रही हैं 7 चीजें, हो जाएं सावधान (Image Source: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी रोजमर्रा की कुछ साधारण आदतें, जैसे- सुबह की खौलती हुई चाय की चुस्की लेना या बासी तेल में बना खाना खाना, आपकी सेहत के लिए कितना खतरनाक हो सकता है? जी हां, हम अक्सर अनजाने में ऐसी चीजों का सेवन कर लेते हैं, जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को न्यौता दे सकती हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से कई चीजों की कोई 'सुरक्षित सीमा' है ही नहीं! इस आर्टिकल में हम आपको न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन के बताए उन 7 खतरों के बारे में जानकारी दे रहे हैं जो शायद आपके आसपास ही मौजूद हैं।
View this post on Instagram
धूम्रपान

(Image Source: Freepik)
चाहे सिगरेट हो, वेप्स हों, या फिर किसी और के धूम्रपान करने से निकलने वाला धुआं। इन सभी की कोई भी 'सेफ लिमिट' नहीं है। धूम्रपान का थोड़ा-सा भी संपर्क फेफड़ों और भोजन नली के कैंसर के खतरे को काफी हद तक बढ़ा देता है। इसलिए इससे पूरी तरह दूरी बनाना ही बेहतर है।
शराब का सेवन
एक्सपर्ट के मुताबिक, शराब के लिए भी कोई सुरक्षित सीमा नहीं है। शराब की थोड़ी मात्रा भी कैंसर के खतरे को शुरू कर सकती है। इसके अलावा, शराब शरीर में उन पोषक तत्वों (जैसे फोलेट और विटामिन A, C, D, E) के अवशोषण को कम कर देती है जो हमारे शरीर की रक्षा करते हैं।
खबरें और भी

(Image Source: Freepik)
हॉट ड्रिंक्स
अगर आप बहुत ज्यादा गर्म, यानी खौलती हुई चाय, कॉफी या सूप पीने के शौकीन हैं, तो सावधान हो जाइए। बहुत ज्यादा गर्म चीजें पीने से फूड पाइप को बार-बार नुकसान पहुंचता है, जिससे एसोफैगस कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह है कि इन ड्रिंक्स को हमेशा गुनगुना या पीने लायक गर्म ही पिएं, एकदम उबलता हुआ नहीं।
फफूंदी लगे चावल, गेहूं और मूंगफली
अगर अनाज या मूंगफली को सही तरीके से स्टोर नहीं किया जाता, तो उनमें एफलाटॉक्सिन पैदा हो सकते हैं। अगर इनमें फफूंदी लग गई हो, तो इनकी कोई सुरक्षित सीमा नहीं है- यानी इन्हें बिल्कुल न खाएं। ये टॉक्सिन्स सीधे लिवर के डीएनए को नुकसान पहुंचाते हैं और लिवर कैंसर का कारण बन सकते हैं।

(Image Source: Freepik)
जला हुआ तंदूरी खाना
तंदूरी या ग्रिल्ड खाने में अगर कोई हिस्सा काला पड़ गया है, तो उसे खाने से बचें। एक्सपर्ट की सलाह है कि खाने से जले हुए काले हिस्सों को हटा दें और खतरा कम करने के लिए अपने भोजन में सलाद और सब्जियों को जरूर शामिल करें।
बार-बार गर्म किया हुआ तेल
खाना पकाने के तेल को बार-बार गर्म करना सेहत के लिए हानिकारक है। तेल को 2-3 बार से ज्यादा दोबारा गर्म न करें। अगर तेल काला, गाढ़ा या धुंआ छोड़ने लगे, तो उसे तुरंत फेंक दें। तेल को बार-बार गर्म करने से उसमें टॉक्सिक कंपाउंड्स बनते हैं जो समय के साथ डीएनए को नुकसान पहुंचाते हैं।

(Image Source: Freepik)
रेड मीट
रेड मीट के सेवन की एक सीमा तय करें। इसे हफ्ते में पका हुआ 350 से 500 ग्राम तक ही खाना सुरक्षित माना जा सकता है। इससे ज्यादा सेवन करना, और विशेष रूप से इसे बहुत तेज आंच पर पकाना, कोलोरेक्टल कैंसर के खतरे को बढ़ा देता है।
अपनी आदतों में छोटे-छोटे बदलाव करके आप अपनी सेहत को सुरक्षित रख सकते हैं।
यह भी पढ़ें- क्या देर रात खाना खाने से भी हो सकता है कैंसर? पढ़ें- डॉक्टर का जवाब
यह भी पढ़ें- कम उम्र में बढ़ रहा है कैंसर का जोखिम, क्या हैं इसके कारण और कैसे कर सकते हैं इससे बचाव?