जिसे 8 महीने तक 'एसिडिटी' समझती रही महिला, जांच हुई तो सामने आई रोंगटे खड़े कर देने वाली बीमारी
अक्सर हम पेट में होने वाली जलन को मामूली एसिडिटी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं और घरेलू नुस्खे या एंटासिड का सहारा लेते हैं, लेकिन क्या हो जब यह 'मामूली ...और पढ़ें

क्या आपको भी गैस की दवा से नहीं मिल रहा आराम? 61 वर्षीय महिला के इस मामले से लें सबक (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर हम पेट में गैस, सीने में जलन या दर्द को बहुत हल्के में लेते हैं और सोचते हैं कि यह सिर्फ 'एसिडिटी' है, लेकिन कभी-कभी ये आम से दिखने वाले लक्षण किसी गंभीर बीमारी का इशारा हो सकते हैं।
हाल ही में एक 61 साल की महिला के साथ कुछ ऐसा ही हुआ, जिसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। आइए जानते हैं कि आखिर 8 महीने तक दर्द झेलने वाली इस महिला की असली बीमारी क्या थी और डॉक्टरों ने कैसे उसकी जान बचाई।

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एसिडिटी की दवाइयां खाती रही, पर नहीं मिला आराम
एक रिपोर्ट के अनुसार, 61 वर्ष की एक महिला पिछले 8 महीनों से भयंकर दर्द से गुजर रही थी। उसे पेट के ऊपरी हिस्से और सीने के नीचे तेज दर्द होता था, जो खाना खाने के बाद और भयंकर रूप ले लेता था। दर्द इतना ज्यादा होता था कि जब तक वह उल्टी नहीं कर लेती थी, उसे कोई चैन नहीं मिलता था।
महिला कई बार इमरजेंसी रूम गई, लेकिन हर बार डॉक्टरों ने इसे 'एसिड-पेप्टिक डिसीज' या एसिडिटी मानकर इलाज किया। इन दवाइयों से उसे कोई फायदा नहीं हुआ और उसकी रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह से प्रभावित हो गई।
टेस्ट हुए तो सामने आई एक बेहद दुर्लभ बीमारी
जब तकलीफ बर्दाश्त के बाहर हो गई, तो महिला की विस्तार से जांच की गई। इस जांच में जो हकीकत सामने आई, वह रोंगटे खड़े करने वाली थी। महिला को गैस की नहीं, बल्कि Paraesophageal hiatus hernia नाम की एक रेयर डिजीज थी। इस स्थिति में पेट का एक बहुत बड़ा हिस्सा अपनी सही जगह से खिसक कर भोजन नली के पास वाले छेद से सीने के अंदर चला गया था।
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बात यहीं खत्म नहीं हुई। आगे की जांच में पता चला कि महिला को Gastric volvulus भी हो गया था, यानी उसका पेट अंदर ही अंदर मुड़ गया था। यह एक बेहद खतरनाक स्थिति है। अगर समय पर इसका पता न चलता, तो पाचन तंत्र ब्लॉक हो सकता था, पेट में खून की सप्लाई रुक सकती थी, टिश्यू डैमेज हो सकते थे और यहां तक कि 'गैंग्रीन' जैसी जानलेवा नौबत भी आ सकती थी।
रोबोटिक सर्जरी से मिली नई जिंदगी
इस जटिल केस को सुलझाने के लिए डॉक्टरों ने जनरल एनेस्थीसिया देकर 'रोबोटिक-असिस्टेड पैराएसोफेगल हर्निया रिपेयर' और 'गैस्ट्रोपेक्सी' सर्जरी करने का फैसला किया।
यह ऑपरेशन बहुत ही चुनौतीपूर्ण था क्योंकि पेट का एक बड़ा हिस्सा सीने में जा चुका था और वहां स्कार जैसी सख्त परतें बन चुकी थीं। डॉक्टरों ने बेहद सावधानी से भोजन नली, पेट और डायाफ्राम के बीच बनी सख्त परतों को हटाया। पेट को वापस खींचकर उसकी सही जगह पर रखा। डायाफ्राम में मौजूद उस बड़े छेद को रिपेयर किया, जहां से पेट ऊपर खिसका था। आखिर में, पेट को उसकी सही जगह पर फिक्स कर दिया ताकि वह भविष्य में दोबारा न मुड़े या अपनी जगह से न खिसके।

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इन लक्षणों को न समझें मामूली
एशियन हॉस्पिटल के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के डायरेक्टर और एचओडी, डॉ. अमित मिगलानी ने इस मामले पर गंभीर सलाह दी है। उनका कहना है कि लगातार एसिडिटी, खाना खाने के बाद सीने या पेट में दर्द और बार-बार उल्टी आने जैसी समस्याओं को सिर्फ गैस मानकर टालना नहीं चाहिए।
डॉ. मिगलानी के अनुसार, कई बार इन सामान्य लगने वाले लक्षणों के पीछे हर्निया या पेट मुड़ने जैसी गंभीर बीमारियां छिपी होती हैं। अगर महिला का समय पर सही इलाज न होता, तो पेट में खून का प्रवाह रुकने से उसकी जान भी जा सकती थी।
मरीजों के लिए खास सलाह
अगर आपको दवाइयों से आराम नहीं मिल रहा है, लक्षण बार-बार लौट रहे हैं, या उल्टी करने के बाद ही राहत महसूस होती है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। समय रहते एंडोस्कोपी और सीटी स्कैन जैसी जांचें बीमारी को पकड़ने में अहम भूमिका निभाती हैं। आज रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक तकनीकों के जरिए ऐसे जटिल मामलों का सुरक्षित और असरदार इलाज मुमकिन है, जिससे मरीज जल्द ही अपनी सामान्य जिंदगी में लौट सकता है।