बिना एक्सरसाइज आपको जवान रखेगा एंटी-एजिंग का यह सीक्रेट, ऐसा हम नहीं; वैज्ञानिक कह रहे हैं
हम सब जानते हैं कि हेल्दी रहने और उम्र बढ़ने की गति को धीमा करने के लिए सही खान-पान के साथ-साथ एक्सरसाइज कितनी जरूरी है, लेकिन क्या हो अगर आपको कसरत स ...और पढ़ें

वैज्ञानिक बोले- Betaine बढ़ाओ, बिना एक्सरसाइज के एंटी-एजिंग फायदे पाओ (Image Source: Freepik)
HighLights
एक्सरसाइज के दौरान किडनी कमांड सेंटर की तरह काम करती है।
किडनी शरीर में बीटाइन नामक एक मेटाबोलाइट का फ्लो बढ़ा देती है।
बीटाइन एंटी-एजिंग फायदों को शरीर में पहुंचाने का काम करता है।
एएनआई, नई दिल्ली। अगर उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को थोड़ा धीमा किया जा सके और वो भी रोज घंटों पसीना बहाए- तो यह किसी चमत्कार से कम नहीं लगेगा। हाल के वैज्ञानिक शोधों ने दिखाया है कि हमारे शरीर में मौजूद एक खास तत्व बीटाइन (Betaine) ऐसा प्रभाव दिखा सकता है। आमतौर पर फिट रहने के लिए एक्सरसाइज को सबसे जरूरी माना जाता है, लेकिन वैज्ञानिकों ने समझ लिया है कि यह फायदा (Anti Aging Secret) आखिर किस वजह से मिलता है और हैरानी की बात है कि इसमें हमारी किडनी एक बड़ा रोल निभाती है।
शरीर का छिपा हुआ ‘कमांड सेंटर’
अध्ययन में पता चला कि चाहे आप आराम कर रहे हों, इंटेंस एक्सरसाइज कर रहे हों या किसी भी तरह का प्रशिक्षण ले रहे हों- किडनी इस दौरान एक कमांड सेंटर की तरह काम करती है। यह बीटाइन नामक मेटाबोलाइट को बढ़ाती है, जो शरीर में कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को सक्रिय कर देता है।
यह बीटाइन तीन बड़े काम करता है:
- शरीर का मेटाबोलिक बैलेंस बनाए रखना
- इम्यून सेल्स को फिर से एक्टिव करना
- शरीर में सूजन कम करना
ये तीनों फायदे वही हैं जिनसे एक्सरसाइज को ‘एंटी-एजिंग’ एक्टिविटी माना जाता है।
बीटाइन देने से एक्सरसाइज जैसे फायदे
अध्ययन की सबसे दिलचस्प खोज यह रही कि जब शरीर में बीटाइन की मात्रा बढ़ाई गई, तो कई ऐसे लाभ मिले जो लंबे समय तक नियमित व्यायाम करने पर मिलते हैं। जैसे-
- सोचने और समझने की क्षमता यानी कॉग्निटिव फंक्शन में सुधार
- शरीर में क्रॉनिक इंफ्लेमेशन यानी दीर्घकालिक सूजन में कमी
यह सुझाव देता है कि बीटाइन शरीर के भीतर उन प्रक्रियाओं को सक्रिय कर देता है जो हमें युवा और ऊर्जा से भरपूर बनाए रखने में मदद करती हैं।
बीटाइन मिलता कहां है?
बीटाइन कोई विदेशी या दुर्लभ तत्व नहीं है। यह एक छोटा सा मॉलीक्यूल है जो- चुकंदर, पालक और कुछ अन्य सब्जियों में स्वाभाविक रूप से पाया जाता है। शरीर भी इसे थोड़ी मात्रा में खुद बनाता है। यही कारण है कि इसे सुरक्षित और प्राकृतिक माना जाता है।
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चीन की दो प्रमुख संस्थाओं- चीनी विज्ञान अकादमी और झुआनवु हॉस्पिटल कैपिटल मेडिकल यूनिवर्सिटी ने मिलकर यह अध्ययन किया। यह कोई छोटा मोटा शोध नहीं था। शोधकर्ताओं ने 6 साल तक प्रतिभागियों के शरीर में होने वाले बदलावों को नजदीकी से ट्रैक किया।
उन्होंने यह देखा कि शरीर तुरंत किए गए व्यायाम पर कैसे प्रतिक्रिया देता है और जब कोई लंबे समय तक व्यायाम करता है तो शरीर कैसे बदलता है। इसके लिए जीन, प्रोटीन, मेटाबोलाइट्स और आंत के बैक्टीरिया तक की गतिविधियों को मॉनिटर करने वाले आधुनिक मल्टी-ओमिक्स टूल्स का उपयोग किया गया।
क्यों खास है यह खोज?
अब तक हम यह जानते थे कि एक्सरसाइज शरीर को यंग और हेल्दी रखने में मदद करती है, लेकिन आखिर 'कैसे' यह पूरी तरह साफ नहीं था। इस शोध ने न सिर्फ उस मैकेनिज्म को समझाया, बल्कि यह भी दिखाया कि व्यायाम के कई फायदे बीटाइन जैसे एक प्राकृतिक तत्व के जरिए भी हासिल किए जा सकते हैं।
इसका मतलब यह नहीं कि व्यायाम की जगह एक सप्लिमेंट ले लिया जाए, बल्कि यह समझने का मौका है कि हमारा शरीर कितना स्मार्ट है और कैसे कुछ प्राकृतिक तत्व उसे मजबूत बनाए रखते हैं।
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