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    सिर्फ फेफड़े ही नहीं, शरीर के इन अंगों को भी खोखला करता है सिगरेट का धुआं; डॉक्टर की चेतावनी

    Updated: Mon, 13 Apr 2026 07:44 AM (IST)

    सिगरेट पीना सिर्फ फेफड़ों को ही नहीं, बल्कि पूरे शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। ...और पढ़ें

    शरीर के इन हिस्सों को अंदर ही अंदर 'छलनी' कर रही है सिगरेट (Image Source: Freepik)

    शरीर के इन हिस्सों को अंदर ही अंदर 'छलनी' कर रही है सिगरेट (Image Source: Freepik) 

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। जब कोई व्यक्ति सिगरेट पीता है, तो वह अनजाने में अपनी ही सांसों के लिए एक बड़ा संकट खड़ा कर लेता है। जी हां, अक्सर लोग तनाव से बचने के लिए सिगरेट का सहारा लेते हैं, लेकिन हकीकत में यह किसी समस्या का हल नहीं, बल्कि हकीकत से भागने का एक तरीका है। एक छोटी-सी खांसी से शुरू होने वाली यह लत धीरे-धीरे सांस फूलने और सीढ़ियां चढ़ने तक में परेशानी का कारण बन जाती है।

    long term effects of tobacco

    (Image Source: AI-Generated) 

    खून में घुलता 7,000 केमिकल्स का जहर

    क्या आप अंदाजा लगा सकते हैं कि तंबाकू के धुएं में 7,000 से भी ज्यादा खतरनाक केमिकल्स होते हैं? डॉक्टर के मुताबिक, जब कोई व्यक्ति सिगरेट का कश लगाता है, तो ये सारे रसायन सीधे खून में अवशोषित हो जाते हैं और शरीर के कोने-कोने तक पहुंच जाते हैं।

    इसके कारण शरीर के डीएनए को भारी नुकसान पहुंचता है और शरीर में अंदरूनी सूजन और 'ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस' बढ़ जाता है। यही वजह है कि धूम्रपान का असर शरीर के किसी एक हिस्से तक सीमित नहीं रहता।

    शरीर के हर अंग पर होता है सीधा अटैक

    कैलाश दीपक हॉस्पिटल के जाने-माने पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. सुशील कुमार उपाध्याय और डॉ. रितीशा भट्ट चेतावनी देते हैं कि धूम्रपान सिर्फ फेफड़ों को ही नहीं, बल्कि सिर से लेकर पैर तक शरीर के हर अंग को खोखला कर देता है:

    • फेफड़े और कैंसर का खतरा: लंबे समय तक सिगरेट पीने से क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस, एम्फिसेमा और सीओपीडी जैसी जानलेवा बीमारियां होती हैं। इसके अलावा, यह केवल फेफड़ों के कैंसर का ही नहीं, बल्कि मुंह, गले और यूरिनरी ब्लैडर के कैंसर का भी एक बहुत बड़ा कारण है।
    • दिल और दिमाग की नसें: एक अकेली सिगरेट दिल की धड़कन की लय को बिगाड़ सकती है। यह नसों को सिकोड़ कर ब्लड प्रेशर बढ़ाती है, जिससे नसों में खून के थक्के जमने लगते हैं। नतीजतन, हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
    • डायबिटीज पर असर: अगर किसी व्यक्ति को हाई ब्लड शुगर की समस्या है और वह सिगरेट भी पीता है, तो उसकी यह बीमारी पूरी तरह बेकाबू हो सकती है।
    • इनफर्टिलिटी की समस्या: पुरुषों में धूम्रपान के कारण कमजोरी और इनफर्टिलिटी की समस्या आ सकती है। वहीं, महिलाओं में इसके कारण गर्भावस्था के दौरान गंभीर जटिलताएं पैदा हो सकती हैं, जिसका सीधा और खतरनाक असर उनके नवजात शिशु पर पड़ता है।

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    (Image Source: Freepik) 

    परिवार के लिए जानलेवा है आपकी लत

    इस बुरी आदत का सबसे दुखद पहलू यह है कि धूम्रपान करने वाला व्यक्ति सिर्फ अपनी जान ही जोखिम में नहीं डालता, बल्कि अपने निर्दोष परिवार को भी नुकसान पहुंचाता है। घर के मासूम बच्चे और बुजुर्ग माता-पिता आपके द्वारा छोड़े गए धुएं को अपनी सांसों के जरिए अंदर लेने के लिए मजबूर होते हैं। इसे 'पैसिव स्मोकिंग' या 'सेकंड-हैंड स्मोक' कहा जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए उतना ही खतरनाक है।

    विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़े इस बात के गवाह हैं कि हर साल दुनिया भर में लाखों लोग धूम्रपान से जुड़ी बीमारियों की वजह से अपनी जान गंवा देते हैं। याद रखिए, मरने वाले ये लोग सिर्फ कोई आंकड़ा नहीं हैं, बल्कि वे किसी के पिता, किसी की मां, किसी के भाई या किसी की बेटी हैं।

    असली ताकत सिगरेट छोड़ने में है

    डॉक्टर्स का साफ कहना है कि असली ताकत सिगरेट को उंगलियों के बीच दबाने में नहीं है, बल्कि इस लत को हमेशा के लिए अपनी जिंदगी से निकाल फेंकने में है। अगर हम इस आदत को छोड़ दें, तो हमारा समाज और हमारा देश कहीं ज्यादा सुरक्षित हो जाएगा।

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