कमजोर इम्युनिटी से बढ़ता है टीबी का खतरा, डाइट में आज ही शामिल करें ये पोषक तत्व
दुनिया के टीबी (ट्यूबरकुलोसिस) संक्रमण का सबसे बड़ा बोझ भारत पर है। लांसेट ग्लोबल हेल्थ की ताजा रिपोर्ट बताती है कि 2023 में कुपोषण से बचाव कर भारत मे ...और पढ़ें

टीबी से बचाव के लिए मजबूत करें इम्युनिटी (Picture Credit- AI Genearted)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
ब्रह्मानंद मिश्र, नई दिल्ली। जब शरीर को भोजन के जरिये पर्याप्त कैलोरी, प्रोटीन और आवश्यक पोषक तत्व नहीं मिलते, तो इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ने लगता है। इससे संक्रमण और बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। इसी में एक सबसे गंभीर तरह की बीमारी है- ट्यूबरकुलोसिस यानी टीबी।
लांसेट की हालिया रिपोर्ट की मानें तो कुपोषण का सही ढंग से निदान कर साल 2023 में दुनियाभर में टीबी के 23 लाख मामलों यानी एक चौथाई टीबी को रोका जा सकता था। भारत में टीबी के 40 प्रतिशत मामले कुपोषण या अस्वस्थ खानपान के चलते होते हैं। अगर भोजन में सामान्य तौर पर दाल, तेल, चावल और सूक्ष्म पोषक तत्वों का भी ध्यान रखा जाए, तो टीबी के जोखिम 49 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।
टीबी में सबसे महत्वपूर्ण थेरेपी है सही पोषण
डॉ. रीतिका समादार (न्यूट्रिशनिस्ट, मैक्स अस्पताल, नई दिल्ली) कहती हैं कि हमें समझना होगा कि सही पोषण न केवल शरीर को सेहतमंद रखता है बल्कि संभावित बीमारियों से भी बचाता है। टीबी जैसी बीमारियां कमजोर इम्यून सिस्टम के चलते होती हैं। टीबी के निदान में सबसे सपोर्टिव थेरेपी न्यूट्रिशन ही है।
इससे रिकवरी में काफी मदद मिलती है। चूंकि, टीबी ऐसी बीमारी है जिसमें इम्युनिटी कमजोर हो जाती है, मांसपेशियों का तेजी से ह्रास होता है और वजन में कमी आने लगती है। ऐसे में बिगड़ती स्थिति को संभालने के लिए सही पोषण आवश्यक है, ताकि रिकवरी की जा सके। अगर अच्छा न्यूट्रिशन देंगे तो इम्युनिटी अच्छी रहेगी और संक्रमण से लड़ने में शरीर की क्षमता बेहतर बनेगी।
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उच्च प्रोटीन और हाइड्रेशन का ख्याल :
टीबी के चलते होने वाले मांसपेशियों के क्षय को रोकने के लिए उच्च प्रोटीन युक्त आहार का सुझाया जाता है। टीबी की दवाओं का साइड इफेक्ट्स होता है, जिससे लिवर और किडनी जैसे अंग भी प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में सही और संतुलित पोषण के साथ-साथ स्वच्छता और पर्याप्त हाइड्रेशन का ध्यान रखना होता है। इससे शरीर के अन्य अंगों के प्रभावित होने की आशंका कम हो जाती है और इससे साइड इफेक्ट्स काफी हद तक सीमित रहते हैं।
सही आहार रखेगा संक्रमण से दूर
स्वस्थ व्यक्ति को भी अपने आहार को लेकर सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि अच्छा खुराक नहीं मिलने से इम्यून सिस्टम कमजोर होती है, जिससे टीबी जैसे संक्रमण की आशंका रहती है। कुपोषित लोग टीबी की चपेट में आसानी से आ जाते हैं। ऐसे लोगों के बचाव और रिकवरी में काफी समय लगता है। इसलिए, स्वस्थ आहार, स्वस्थ आदतें और संतुलित दिनचर्या को जीवन में शामिल करना चाहिए।
संक्रमण रोकने के लिए खानपान
- टीबी के मरीजों के लिए सबसे जरूरी है कि उन्हें भोजन के माध्यम से पर्याप्त प्रोटीन उपलब्ध कराया जाए।
- भोजन में दालें, दूध, दही, अंडा, नान वेज आदि आवश्यक हैं।
- वजन में गिरावट को रोकने के लिए कैलोरी की अधिकता वाला भोजन देना चाहिए।
- कैलोरी की भरपाई के लिए भोजन में पर्याप्त अनाज, खिचड़ी, केले, सूखे मेवे और मौसमी फल आवश्यक है।
- इम्युनिटी को बढ़ाने के लिए मौसमी फलों और सब्जियों की जरूरत होती है।
- विटामिन-सी, आयरन की प्रचुरता वाले फल-सब्जियां जैसे आंवला, संतरा आदि खाने से इम्युनिटी बढ़ती है।
- हाइड्रेशन का खयाल रखना जरूरी है, ताकि साइड इफेक्ट्स कम रह सके। इसके लिए पानी, नींबू पानी, नारियल पानी लेते रहना चाहिए।