पूरी नींद के बावजूद सुबह उठते ही रहती है थकान? नजरअंदाज न करें, हो सकता है हाई ब्लड शुगर का संकेत
दिनभर थकान महसूस होना हाई ब्लड शुगर का संकेत हो सकता है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ...और पढ़ें

क्या आपको भी दिनभर होती है थकान? (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि आप रात भर 7-8 घंटे की पूरी नींद लेते हैं, लेकिन सुबह उठते ही फिर से थकान महसूस होने लगती है? दिन भर ऐसा लगता है जैसे शरीर में एनर्जी बची ही नहीं है।
अक्सर हम इसे काम का तनाव या भागदौड़ मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह हाई ब्लड शुगर का एक बड़ा संकेत हो सकता है। जब शरीर में इंसुलिन का संतुलन बिगड़ता है, तो ग्लूकोज सेल्स तक पहुंचने के बजाय ब्लड में ही जमा होने लगता है। इसके कारण सेल्स को एनर्जी नहीं मिलती और थकान महसूस होती है।
हाई ब्लड शुगर और थकान का कनेक्शन
हाइपरग्लाइसीमिया यानी हाई ब्लड शुगर सीधे तौर पर आपकी एनर्जी के लेवल को प्रभावित करता है।
- सेल्स को एनर्जी न मिलना- ग्लूकोज शरीर को एनर्जी देता है। इंसुलिन की कमी या रेजिस्टेंस के कारण जब यह ग्लूकोज सेल्स में नहीं जा पाता, तो शरीर थका हुआ महसूस करता है।
- डिहाइड्रेशन- जब शुगर लेवल बढ़ता है, तो किडनी एक्स्ट्रा शुगर को बाहर निकालने के लिए ज्यादा पेशाब बनाती है। शरीर से फ्लूएड कम होने पर डिहाइड्रेशन होता है, जो थकान का कारण बनता है।
इन लक्षणों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज
अगर थकान के साथ-साथ आपको नीचे दिए गए लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो डॉक्टर से मिलना जरूरी है-
- बार-बार प्यास लगना और पेशाब आना- सामान्य से ज्यादा प्यास लगना या बार-बार बाथरूम जाना हाई शुगर का सबसे क्लासिक लक्षण है।
- धुंधली दृष्टि- हाई शुगर आंखों के लेंस के आकार को प्रभावित कर सकती है, जिससे चीजें साफ दिखाई नहीं देतीं।
- घाव भरने में समय लगना- अगर कोई छोटी-सी चोट या खरोंच ठीक होने में हफ्तों ले रही है, तो यह शुगर लेवल बढ़ने का संकेत है।
- अचानक वजन कम होना- बिना किसी डाइट या एक्सरसाइज के अगर वजन तेजी से कम हो रहा है, तो शरीर अपनी एनर्जी के लिए मांसपेशियों और फैट को जलाने लगता है।
- हाथों-पैरों में झुनझुनी- नसों पर शुगर के कारण पैरों में सूनापन या चींटी चलने जैसा अहसास होना।
क्या करें जब महसूस हो लगातार थकान?
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- ब्लड शुगर टेस्ट करवाएं- घर पर ग्लूकोमीटर से या लैब में जाकर HbA1C और फास्टिंग शुगर की जांच करवाएं।
- हाइड्रेटेड रहें- दिन भर खूब पानी पिएं, ताकि शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकल सकें।
- एक्टिव रहें- हर 45 मिनट के काम के बाद 5 मिनट का वॉक ब्रेक लें। हल्की फिजिकल एक्टिविटी इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारती है।
- खान-पान में बदलाव- अपनी डाइट से मैदा, चीनी और मीठी चीजों को तुरंत हटा दें। प्रोटीन और फाइबर से भरपूर खाना खाएं।