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क्या डेंटल क्लीनिंग करवाने से वाकई दांत हिलने लगते हैं? एक्सपर्ट ने बताया इसके पीछे का मेडिकल सच

Published: Tue, 02 Jun 2026 02:20 PM (IST)

लोगों के बीच एक बहुत आम सवाल होता है- "क्या डेंटल क्लीनिंग करवाने से मेरे दांत ढीले तो नहीं पड़ ...और पढ़ें

मुंह की बदबू और मसूड़ों से खून आने की असली वजह है टार्टर (Image Source: AI-Generated)

मुंह की बदबू और मसूड़ों से खून आने की असली वजह है टार्टर (Image Source: AI-Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। डेंटल क्लीनिंग या स्केलिंग का नाम सुनते ही अक्सर लोगों के मन में एक डर बैठ जाता है। ज्यादातर लोगों को लगता है कि डेंटिस्ट से दांतों की सफाई करवाने पर उनके दांत कमजोर होकर ढीले पड़ जाएंगे।

अगर आप भी इसी उलझन के कारण डेंटिस्ट के पास जाने से कतराते हैं, तो आइए दिल्ली के PSRI अस्पताल की सीनियर डेंटल सर्जन, डॉ. विभूति जैन की मदद से आज इस आम गलतफहमी से पर्दा उठाते हैं।

side effects of dental cleaning

(Image Source: AI-Generated)

क्या सच में कमजोर होते हैं दांत?

अगर सीधे तौर पर कहा जाए, तो यह बात पूरी तरह से गलत है। डॉ. विभूति जैन का कहना है कि प्रोफेशनल डेंटल क्लीनिंग से दांत कभी भी ढीले या कमजोर नहीं होते। इसके उलट, मसूड़ों और दांतों को लंबी उम्र तक स्वस्थ बनाए रखने के लिए इस प्रक्रिया को बेहद जरूरी और फायदेमंद माना गया है।

क्लीनिंग के दौरान क्या किया जाता है?

जब हम दांतों की नियमित सफाई में लापरवाही बरतते हैं, तो दांतों और मसूड़ों के बीच गंदगी की एक सख्त परत जमने लगती है, जिसे 'टार्टर' कहा जाता है।

  • यह टार्टर इतनी आसानी से नहीं निकलता और मसूड़ों में सूजन पैदा करता है।
  • इसकी वजह से मसूड़ों से खून आना शुरू हो जाता है।
  • यह मुंह में पनपने वाली बदबू का भी मुख्य कारण बनता है।

डेंटल क्लीनिंग के दौरान दांतों पर जमे इसी हानिकारक प्लाक और टार्टर को मशीन द्वारा हटाया जाता है, जिससे इन सभी बीमारियों से बचाव होता है।

सफाई के बाद दांत ढीले क्यों महसूस होते हैं?

यही वह बिंदु है जहां से यह सारा भ्रम पैदा होता है। दरअसल, दांतों का ढीलापन डेंटल क्लीनिंग की वजह से नहीं आता, बल्कि यह मसूड़ों की पहले से मौजूद बीमारी या हड्डियों की कमजोरी का नतीजा होता है।

होता यह है कि टार्टर दांतों के आसपास इतनी मोटी और सख्त परत बना लेता है कि वह कमजोर दांतों के लिए एक 'नकली सहारे' का काम करने लगता है। जब डेंटिस्ट इस गंदगी को हटाते हैं, तो वह अस्थाई सहारा भी छिन जाता है। तब जाकर मरीज को पहली बार अपने दांतों का असली ढीलापन महसूस होता है।

सफाई के बाद होने वाली झनझनाहट का क्या?

क्लीनिंग करवाने के बाद कुछ लोगों को एक-दो दिन तक दांतों में हल्की झनझनाहट हो सकती है। इसके अलावा मसूड़ों में थोड़ी-सी असहजता भी महसूस हो सकती है, लेकिन यह बिल्कुल सामान्य है और धीरे-धीरे अपने आप ठीक हो जाती है। नियमित रूप से दांतों की सफाई करवाते रहने से मसूड़ों की बीमारियों का खतरा हमेशा के लिए कम हो जाता है।

आपको कब करवानी चाहिए डेंटल क्लीनिंग?

डेंटिस्ट हर 6 से 12 महीने में एक बार डेंटल क्लीनिंग करवाने की सलाह देते हैं। अगर आपके मुंह से अक्सर बदबू आती है, दांतों पर प्लाक ज्यादा जमता है या मसूड़ों की कोई परेशानी है, तो आपको यह सफाई जरूर करवानी चाहिए।

डॉ. विभूति जैन बताती हैं कि अपने दांतों की सही देखभाल और नियमित तौर पर डेंटल चेकअप करवाना ही मजबूत दांतों का असली राज है। इसलिए, दांतों के ढीले होने की झूठी बातों में न आएं और अपनी ओरल हेल्थ को प्राथमिकता दें।

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