क्या आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स और बर्फ का गोला सचमुच करते हैं शरीर को ठंडा या हैं सिर्फ मीठा छलावा?
गर्मी के मौसम में लोग आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स वगैरह खूब खाते-पीते हैं, ताकि शरीर ठंडा रहे। हालांकि, सच इससे बिल्कुल उल्टा है। ...और पढ़ें

क्या गर्मी के मौसम में आइसक्रीम खाना सेहत के लिए सही है? (AI Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। उत्तर भारत में गर्मी अपने तेवर तीखे कर चुकी है। दिल्ली और उत्तर प्रदेश में पारा 45 डिग्री को पार कर चुका है। ऐसे में भीषण गर्मी से राहत की तलाश में लोग आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स या रंग-बिरंगे बर्फ के गोले का सहारा लेते हैं।
ये स्वाद में बेहतरीन होते हैं और इन्हें खाते ही तुरंत ठंडक भी महसूस होती है। इसलिए गर्मी के मौसम में लोग इन्हें खाना खूब पसंद करते हैं, लेकिन क्या ये सचमुच आपके शरीर को ठंडक पहुंचाते हैं या ये सिर्फ एक छलावा है?
आइए डॉ. लेफ्टिनेंट कर्नल सुमित लावनिया (सीनियर कंसल्टेंट एंड एचओडी, इंटरनल मेडिसिन, यथार्थ सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल, आगरा) से जानते हैं कि इन चीजों को गर्मियों में खाना कितना फायदेमंद है।
क्या वाकई शरीर को ठंडा करती है आइसक्रीम?
मनोवैज्ञानिक और शारीरिक तौर पर, ज्यादा ठंडी चीजें खाने पर हमें तुरंत राहत का एहसास होता है, लेकिन यह राहत बहुत ही थोड़े समय का होता है। हमारा शरीर आंतरिक तापमान लगभग 37 डिग्री बनाए रखने के लिए काम करता है। जब हम बहुत ठंडी चीजें खाते हैं, तो शरीर का आंतरिक तापमान अचानक गिर जाता है।
इस असंतुलन को ठीक करने के लिए हमारा थर्मोरेगुलेशन सिस्टम एक्टिव हो जाता है और शरीर उस कमी को पूरा करने के लिए अंदरूनी गर्मी बढ़ाने लगता है। यानी, जो चीज आपको ठंडी लग रही थी, वह आपके शरीर की गर्मी को बढ़ा सकती है।
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(Picture Courtesy: Freepik)
सेहत पर क्या होता है असर?
- आइसक्रीम- आसक्रीम में भारी मात्रा में रिफाइंड शुगर और सैचुरेटेड फैट होता है। जब आप इसे खाते हैं, तो शुरुआत में तो अच्छा लगता है, लेकिन जैसे ही यह पेट में पहुंचती है, इसे पचाने के लिए शरीर को बहुत ज्यादा एनर्जी खर्च करनी पड़ती है। पाचन क्रिया तेज होने से मेटाबॉलिज्म बढ़ता है, जिससे शरीर के अंदर गर्मी पैदा होती है। इसके अलावा, इतनी कैलोरी और शुगर अचानक मिलने से ब्लड शुगर लेवल तेजी से स्पाइक करता है।
- कोल्ड ड्रिंक्स- पैक्ड कोल्ड ड्रिंक्स, सोडा और प्रिजर्वेटिव वाले जूस में कैफीन, आर्टिफिशियल फ्लेवर और बहुत ज्याता चीनी होती है। भले ही ये आपकी प्यास को पल भर के लिए शांत कर दें, लेकिन असल में ये आपके शरीर को डिहाइड्रेट करते हैं। चीनी की ज्यादा मात्रा के कारण शरीर के सेल्स पानी को ठीक से सोख नहीं पाते और कैफीन के कारण बार-बार यूरिन आता है, जिससे शरीर से पानी बाहर निकल जाता है।
- बर्फ का गोला- सड़कों पर मिलने वाला बर्फ का गोला गर्मियों का सबसे पुराना साथी है। क्रश्ड आइस पर रंग-बिरंगे सीरप डालकर इसे तैयार किया जाता है। इन सीरप में कोई पोषक तत्व नहीं होते, बल्कि हानिकारक सिंथेटिक कलर्स और चीनी की चाशनी होती है। सबसे बड़ा खतरा इसमें इस्तेमाल होने वाले पानी और बर्फ की क्वालिटी का होता है। अगर बर्फ दूषित या गंदे पानी से बनी है, तो यह आपको सीधे तौर पर टाइफाइड, पेट का इन्फेक्शन और फूड पॉइजनिंग का शिकार बना सकती है।
बेहतर विकल्प क्या है?
अगर आप सचमुच अपने शरीर को अंदर से ठंडा और हाइड्रेटेड रखना चाहते हैं, तो इन चीजों को प्राकृतिक फूड्स से रिप्लेस करें।