क्या सच में काम करते हैं डिटॉक्स ड्रिंक्स, डॉक्टर से जानें किडनी और लिवर के लिए क्यों हो सकते हैं खतरनाक?
आंख बंद करके डिटॉक्स ड्रिंक्स पीना सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। ...और पढ़ें

क्या बॉडी के टॉक्सिन्स बाहर निकालते हैं डिटॉक्स ड्रिंक्स? (AI Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर बॉडी डिटॉक्स का ट्रेंड खूब चल रहा है। हर हफ्ते एक नया मैजिकल डिटॉक्स ड्रिंक सामने आता है। कभी चुकंदर का शॉट तो कभी करेला और गाजर का ब्लेंड। दावा किया जाता है कि ये जूस आपके लिवर को साफ करके शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालेंगे, लेकिन क्या यह सच है?
डॉ. सुधीर कुमार (MD, DM) के अनुसार, यह समझना जरूरी है कि आपका शरीर कोई बंद पाइप नहीं है जिसे फ्लश करने की जरूरत हो, बल्कि यह एक सेल्फ रेगुलेटिंग बायोकेमिकल सिस्टम है। इसलिए आंख बंद करके किसी भी डिटॉक्स जूस को ट्राई करने से पहले पूरा सच जानना जरूरी है।
क्या आपको डिटॉक्स ड्रिंक्स की जरूरत है?
आपको किसी बाहरी जूस की जरूरत नहीं है क्योंकि आपके शरीर के अंग यह काम 24 घंटे कर रहे हैं-
- लिवर- यह दवाओं, शराब, हार्मोन और मेटाबॉलिज्म के कचरे को ऐसे रूप में बदल देता है जिसे शरीर बाहर निकाल सके।
- किडनी- हमारी किडनियां रोजाना लगभग 150-180 लीटर ब्लड को फिल्टर करती हैं। वे यूरिया, क्रिएटिनिन और एक्स्ट्रा नमक जैसे टॉक्सिन्स को लगातार बाहर निकालती रहती हैं।
अगर ये अंग ठीक से काम कर रहे हैं, तो आपको डिटॉक्स जूस की जरूरत नहीं है और अगर ये ठीक से काम नहीं कर रहे हैं, तो कोई भी जूस इन्हें ठीक नहीं कर सकता।
“Detox Juices” Don’t Detox You. Your Organs Already Do.
— Dr Sudhir Kumar MD DM (@hyderabaddoctor) February 24, 2026
Every week, social media promotes a new miracle mix: beetroot shots, bottle gourd juice, karela blends, carrot cleanses.
The promise? “Flush toxins. Cleanse your liver. Reset your body.”
Let’s pause and look at the science.… pic.twitter.com/PPtm0EGRjF
क्या डिटॉक्स जूस से नुकसान हो सकता है?
- किडनी की बीमारी- चुकंदर, टमाटर और लौकी में पोटैशियम की मात्रा ज्यादा होती है। पोटैशियम का बढ़ा हुआ स्तर दिल की धड़कन को खतरनाक रूप से अनियंत्रित कर सकता है।
- पथरी- चुकंदर और पालक के जूस में ऑक्सालेट ज्यादा होता है, जो पथरी की समस्या को और बढ़ा सकता है।
- डायबिटीज- जूस निकालने से फल और सब्जियों का फाइबर खत्म हो जाता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है।
- लिवर डिजीज- इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि सब्जियों का जूस फैटी लिवर या फाइब्रोसिस को ठीक कर सकता है।
- हाइपोनेट्रेमिया- केवल लिक्विड डाइट पर रहने से शरीर में सोडियम का स्तर कम हो सकता है।
साइंस क्या कहती है?
ऐसा कोई क्लीनिकल प्रूफ नहीं जो यह साबित कर सकें कि डिटॉक्स जूस वजन घटाने या अंगों की सफाई में मदद करते हैं। डिटॉक्स के बाद लोग अक्सर प्रोसेस्ड फूड छोड़ने, कम कैलोरी लेने और बेहतर हाइड्रेशन के कारण अच्छा महसूस करते हैं, न कि किसी डिटॉक्सिफिकेशन प्रक्रिया की वजह से।
असल में काम करता है?
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फेक मार्केटिंग के बजाय इन बातों पर ध्यान दें-
- साबुत फल और सब्जियां खाएं, ताकि शरीर को फाइबर मिले।
- भरपूर मात्रा में पानी पिएं और शराब से बचें।
- नियमित एक्सरसाइज और अच्छी नींद लें।
- डायबिटीज, बीपी और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करें।