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    स्ट्रोक के इन 6 संकेतों को न करें नजरअंदाज, डॉक्टर ने बताया कब अस्पताल जाना है जरूरी

    Updated: Sun, 28 Dec 2025 04:31 PM (GMT+05:30)

    क्या आप जानते हैं स्ट्रोक अब सिर्फ बुजुर्गों की समस्या नहीं रही है, बल्कि युवाओं में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं। स्ट्रोक में एक-एक मिनट कीमती होता ...और पढ़ें

    ब्रेन स्ट्रोक के लक्षणों की कैसे करें पहचान? (Picture Courtesy: Freepik)

    ब्रेन स्ट्रोक के लक्षणों की कैसे करें पहचान? (Picture Courtesy: Freepik)

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    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अब तक आम धारणा यही रही है कि स्ट्रोक या ब्रेन अटैक (Brain Stroke) सिर्फ उम्रदराज लोगों को होता है, लेकिन बदलती लाइफस्टाइल और बढ़ते रिस्क फैक्टर्स के कारण यह बीमारी अब युवाओं को भी तेजी से अपनी चपेट में ले रही है। डॉक्टर्स के अनुसार, आज 30-40 की उम्र के लोग भी स्ट्रोक के मरीज बन रहे हैं। 

    ऐसे में इसके शुरुआती लक्षणों (Brain Stroke Symptoms) को पहचानना और समय पर इलाज करवाना बेहद जरूरी हो गया है। इसी बारे में जानने के लिए हमने डॉ. अमित बत्रा (डायरेक्टर, न्यूरोलॉजी, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, पटपड़गंज) से बात की। आइए जानें इस बारे में डॉक्टर क्या बता रहे हैं। 

    कब आता है स्ट्रोक?

    स्ट्रोक तब होता है जब दिमाग के किसी हिस्से में अचानक ब्लड फ्लो रुक जाता है या किसी ब्लड वेसल के फटने से दिमाग में खून जमा हो जाता है। ब्लड फ्लो में रुकावट आने से कुछ ही मिनटों में सेल्स डैमेज होने लगती हैं। यही वजह है कि स्ट्रोक को मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है, जहां हर मिनट बेहद कीमती होता है।

    कैसे करें स्ट्रोक की पहचान?

    स्ट्रोक के शुरुआती संकेतों को पहचानने का सबसे आसान तरीका है BEFAST फॉर्मूला-

    • B – Balance (संतुलन)- अचानक चक्कर आना, चलने में लड़खड़ाहट या संतुलन बिगड़ जाना।
    • E – Eyes (आंखें)- एक या दोनों आंखों से अचानक धुंधला दिखना, डबल दिखना या नजर का पूरी तरह चले जाना।
    • F – Face (चेहरा)- चेहरे के एक तरफ झुकाव आ जाना, मुस्कुराने पर चेहरा टेढ़ा दिखना या मुंह का एक हिस्सा नीचे की ओर लटक जाना।
    • A – Arms (बांहें)- शरीर के एक हिस्से में, खासतौर पर हाथ या पैर में अचानक कमजोरी या सुन्नपन महसूस होना
    • S – Speech (बोलचाल)- बोलने में लड़खड़ाहट, शब्दों का साफ न निकलना या सामने वाले की बात समझने में परेशानी।
    • T – Time (समय)- समय सबसे अहम है। इनमें से कोई भी लक्षण दिखते ही तुरंत मेडिकल हेल्प लें।
    Silent Brain Stroke Effects

    और कैसे लक्षण हो सकते हैं?

    इसके अलावा, शरीर के आधे हिस्से में अचानक सुन्नपन, चेहरे की संवेदना का खत्म हो जाना भी स्ट्रोक का संकेत हो सकता है। कुछ मामलों में सिरदर्द भी चेतावनी देता है। हालांकि, अगर सिरदर्द अचानक बहुत तेज हो और उसके साथ उल्टी हो, तो यह ब्रेन हैमरेज का संकेत हो सकता है, जिसमें तुरंत अस्पताल पहुंचना जरूरी है।

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    कई बार स्ट्रोक के लक्षण कुछ ही समय में अपने आप ठीक हो जाते हैं। इसे ट्रांजिएंट इस्केमिक अटैक (TIA) या “मिनी स्ट्रोक” कहा जाता है। भले ही यह अस्थायी हो, लेकिन यह आने वाले बड़े स्ट्रोक की गंभीर चेतावनी है और इसे बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए।

    क्या है स्ट्रोक का इलाज?

    आज मेडिकल साइंस में स्ट्रोक का इलाज काफी आगे बढ़ चुका है। खून के थक्के को घोलने वाली दवाएं और आधुनिक तकनीकों से क्लॉट निकालने की प्रक्रिया से दिमाग को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। लेकिन ये इलाज तभी असरदार होते हैं जब मरीज लक्षण शुरू होने के शुरुआती समय, यानी गोल्डन आवर, में अस्पताल पहुंच जाए।

    क्या हैं स्ट्रोक के रिस्क फैक्टर?

    हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, स्मोकिंग, मोटापा, अनियमित हार्टबीट और हाई कोलेस्ट्रॉल स्ट्रोक के मुख्य रिस्क फैक्टर हैं। इन पर नियंत्रण और शुरुआती लक्षणों की पहचान ही स्ट्रोक से बचाव का सबसे मजबूत तरीका है।