क्या बार-बार प्रेग्नेंसी से बढ़ता है सर्वाइकल कैंसर का खतरा? डॉक्टर ने बताई सच्चाई
सर्वाइकल कैंसर (बच्चेदानी के मुंह का कैंसर) महिलाओं की सेहत से जुड़ी एक गंभीर चिंता है। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल होता है कि क्या कई बार गर्भवती हो ...और पढ़ें

क्या बार-बार मां बनने से बढ़ रहा है सर्वाइकल कैंसर का खतरा? (Image Source: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाली एक गंभीर बीमारी है। सही जानकारी की कमी के चलते समाज में इसे लेकर कई तरह की भ्रांतियां फैली हुई हैं।
अक्सर यह सवाल पूछा जाता है कि क्या बार-बार प्रेग्नेंट होने से सर्वाइकल कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है? आइए, जनवरी में मनाए जा रहे Cervical Cancer Awareness Month के मौके पर, डॉ. अनादि पचौरी (एसोसिएट डायरेक्टर एवं यूनिट हेड, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी - मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, शालीमार बाग) से इस विषय की गहराई को समझते हैं।

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होता क्यों है सर्वाइकल कैंसर?
सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण ह्यूमन पेपिलोमावायरस (HPV) नामक एक बहुत ही सामान्य वायरस है। यह वायरस सेक्शुअल कॉन्टैक्ट से फैलता है। ज्यादातर वयस्क अपने जीवन में कभी न कभी इस वायरस के संपर्क में आते ही हैं।
ज्यादातर महिलाओं में, उनका इम्यून सिस्टम खुद ही इस वायरस को खत्म कर देता है। समस्या तब आती है जब 'हाई-रिस्क' वाला HPV वायरस कई सालों तक सर्विक्स में बना रहता है। समय के साथ, यह असामान्य कोशिकाओं को जन्म दे सकता है जो इलाज न मिलने पर कैंसर में बदल सकती हैं।
गर्भावस्था और कैंसर के खतरे का कनेक्शन
शोध बताते हैं कि जिन महिलाओं ने तीन या उससे अधिक बार पूर्ण अवधि की गर्भावस्था पूरी की है, उनमें उन महिलाओं की तुलना में सर्वाइकल कैंसर का खतरा थोड़ा ज्यादा हो सकता है जो कभी गर्भवती नहीं हुई या जिनका केवल एक बच्चा है।
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हालांकि, यह समझना जरूरी है कि यह खतरा बहुत ज्यादा नहीं है, और यह मुख्य रूप से तब होता है जब शरीर में पहले से ही HPV का संक्रमण मौजूद हो। यानी, कई बार गर्भवती होना अपने आप में कैंसर का कारण नहीं है, बल्कि यह मौजूद संक्रमण के असर को बढ़ा सकता है।

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ऐसा क्यों होता है? इसके मुख्य कारण
वैज्ञानिकों के अनुसार, इसके पीछे कई फैक्टर्स काम करते हैं:
- हार्मोन में बदलाव: गर्भावस्था के दौरान शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन का स्तर कई महीनों तक काफी बढ़ा रहता है। बार-बार गर्भवती होने से सर्वाइकल कोशिकाएं इन हार्मोन्स के संपर्क में ज्यादा आती हैं, जिससे वे HPV के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकती हैं।
- सर्विक्स में शारीरिक बदलाव: गर्भावस्था के दौरान, सर्विक्स का वह हिस्सा जहां से अक्सर कैंसर शुरू होता है, बाहरी सतह पर ज्यादा आ जाता है। इससे HPV वायरस के लिए वहां संक्रमण करना और टिके रहना आसान हो जाता है।
- इम्यून सिस्टम पर असर: गर्भावस्था के दौरान, बच्चे को सुरक्षित रखने के लिए महिला का इम्यून सिस्टम स्वाभाविक रूप से थोड़ा बदल जाता है। बार-बार गर्भधारण करने से शरीर की HPV को साफ करने की क्षमता थोड़ी कम हो सकती है।
घबराने की नहीं है जरूरत
डॉक्टर का कहना है कि यह जानकारी किसी को डराने के लिए नहीं है। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि ज्यादा बच्चे पैदा करना असुरक्षित है या तीन से ज्यादा बच्चे होने पर हर महिला को कैंसर हो जाएगा।
साथ ही, यह सोचना भी गलत है कि जिन महिलाओं का एक बच्चा है या कोई बच्चा नहीं है, वे पूरी तरह "सुरक्षित" हैं और उन्हें जांच की जरूरत नहीं है। सर्वाइकल कैंसर का खतरा किसी को भी हो सकता है, इसलिए सावधानी ही बचाव है।
बचाव के आसान उपाय
चाहे आप कभी गर्भवती न हुई हों या कई बार मां बन चुकी हों, सुरक्षा के नियम सबके लिए एक जैसे हैं। सर्वाइकल कैंसर से बचाव पूरी तरह संभव है:
- टीकाकरण: अगर आप सही आयु वर्ग में हैं, तो HPV का टीका जरूर लगवाएं।
- नियमित जांच: डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित रूप से 'पैप स्मीयर' या HPV टेस्ट करवाएं।
- धूम्रपान से बचें: धूम्रपान करने से HPV संक्रमण के कैंसर में बदलने का खतरा और बढ़ जाता है।
- सुरक्षा अपनाएं: कंडोम का इस्तेमाल करें। हालांकि यह HPV से पूरी सुरक्षा नहीं देता, लेकिन यह जोखिम को कम जरूर करता है।
- लक्षणों पर नजर रखें: अगर आपको असामान्य ब्लीडिंग, संबंध बनाने के बाद रक्तस्राव, या पेल्विक दर्द महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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