अनियंत्रित डायबिटीज छीन सकती है आपकी आंखों की रोशनी? डॉक्टर ने दी गंभीर चेतावनी
अगर डायबिटीज कंट्रोल नहीं है, तो इसके कारण ग्लूकोमा यानी काला मोतिया होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।

डायबिटीज के कारण बढ़ जाता है ग्लूकोमा का खतरा (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जिसका असर शरीर के हर हिस्से पर पड़ता है, जिसमें आंखें भी शामिल हैं। अगर डायबिटीज को कंट्रोल न किया जाए, तो इसका असर ऑप्टिक नर्वस पर पड़ने लगता है, जिसके कारण आंखों को काफी नुकसान पहुंचता है।
ऐसे में सवाल आता है कि क्या अनियंत्रित डायबिटीज ग्लूकोमा की भी वजह बन सकता है? आइए इस सवाल का जवाब डॉ. महिपाल सिंह सचदेव (चेयरमैन एंड मेडिकल डायरेक्टर, सेंटर फॉर साइट ग्रुप ऑफ आई हॉस्पिटल) से जानते हैं।
ब्लड वेसल्स पर हमला
जब शरीर में ब्लड शुगर लेवल लंबे समय तक बढ़ा रहता है, तो यह पूरे शरीर की छोटे ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देता है। इसमें हमारी आंखों की रेटिना के छोटे वेसल्स भी शामिल हैं। हाई शुगर के कारण ये नसें कमजोर और डैमेज हो जाती हैं, जिसे डायबिटिक रेटिनोपैथी कहा जाता है।

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असामान्य नसों का बनना
जैसे-जैसे यह बीमारी बढ़ती है, आंखें इस नुकसान की भरपाई करने की कोशिश करती हैं। इस प्रक्रिया में आंखों के भीतर नई और असामान्य ब्लड वेसल्स बनने लगती हैं। ये नई नसें बहुत नाजुक होती हैं और आंखों के उस हिस्से पर बन जाती हैं जहां से फ्लूएड बाहर निकलता है। इसके कारण आंखों के अंदर का फ्लूएड बाहर नहीं निकल पाता और प्रेशर बढ़ना शुरू हो जाता है।
आंखों के दबाव में बढ़ोतरी और ग्लूकोमा
आंखों के भीतर एक्वियस ह्यूमर नाम के फ्लूएड का जमाव होने से आंखों के अंदर प्रेशर बढ़ जाता है। यही बढ़ा हुआ दबाव ग्लूकोमा का मुख्य कारण बनता है। इसे नियोवैस्कुलर ग्लूकोमा भी कहा जाता है। यह बढ़ा हुआ दबाव सीधे ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचाता है, जो आंखों से संकेतों को दिमाग तक भेजने का काम करती है।
आंखों की रोशनी जाने का खतरा
अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए, तो ऑप्टिक नर्व को होने वाला यह नुकसान गंभीर और आंखों की रोशनी जाने का कारण बन सकता है। जिन लोगों की डायबिटीज नियंत्रित नहीं रहती, उनमें ग्लूकोमा विकसित होने का जोखिम बहुत ज्यादा होता है।
बचाव के लिए क्या कर सकते हैं?
आंखों को सुरक्षित रखने के लिए 3 बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है-
- ब्लड शुगर के स्तर को हमेशा स्थिर और नियंत्रित रखें।
- आंखों की नियमित जांच करवाते रहें।
- डायबिटिक आई डिजीज के लक्षण दिखते ही तुरंत इलाज शुरू करें।
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