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    अटलांटिक क्रूज शिप पर Hantavirus आउटब्रेक से 3 लोगों की मौत, इंसानों के लिए कितना खतरनाक है ये वायरस?

    Updated: Thu, 07 May 2026 12:50 PM (GMT+05:30)

    एक क्रूज शिप पर हंतावायरस फैलने से 3 लोगों की मौत हो गई है और कई गंभीर रूप से बीमार है। हालांकि, पब्लिक हेल्थ के लिए अभी यह खतरा नहीं है। ...और पढ़ें

    कितना खतरनाक है हंतावायरस? (Picture Courtesy: Freepik)

    कितना खतरनाक है हंतावायरस? (Picture Courtesy: Freepik)

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हाल ही में अटलांटिक क्रूज शिप MV Hondius पर हंतावायरस (Hantavirus) के आउटब्रेक ने पूरी दुनिया को अलर्ट कर दिया है। इस रहस्यमयी और खतरनाक बीमारी की चपेट में आने से एक डच जोड़े समेत तीन लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से बीमार हैं। 

    दक्षिण अफ्रीकी स्वास्थ्य अधिकारियों की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कोई सामान्य इन्फेक्शन नहीं है, बल्कि वायरस के एक बेहद रेयर स्ट्रेन का कहर है। आइए जानते हैं कि यह हंतावायरस क्या है, यह कैसे फैलता है और क्या यह हमारे लिए कोई नया खतरा बन सकता है।

    इंसानों में फैलने वाला खतरनाक स्ट्रेन

    हंतावायरस आमतौर पर चूहों के जरिए फैलता है, लेकिन इस क्रूज शिप से निकाले गए एक यात्री में एंडीज स्ट्रेन कंफर्म हुआ है। यह खोज इसलिए चौंकाने वाली है क्योंकि हंतावायरस का यह इकलौता ऐसा प्रकार है जो इंसानों से इंसानों में फैलने की क्षमता रखता है। 

    दक्षिण अफ्रीका में अधिकारी अब कमर्शियल फ्लाइट, एयरपोर्ट और अस्पताल के लगभग 90 लोगों की तलाश कर रहे हैं, ताकि इस इन्फेक्शन को और लोगों तक फैलने से रोका जा सके।

    Hantavirus Outbreak (1)

    (Picture Courtesy: Freepik)

    क्या इंसान ही बन रहे हैं इन्फेक्शन का जरिया?

    ज्यादातर मामलों में हंतावायरस इन्फेक्टेड चूहों के यूरिन, मल या लार के संपर्क में आने से फैलता है। लेकिन दक्षिण अमेरिका में पाए जाने वाले एंडीज ऑर्थोहंतावायरस के मामले में स्थिति अलग है। शोधों और जांचों से पता चला है कि इस वायरस के इंसानों से इंसानों में फैलने के मामले काफी कम हैं।

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    साथ ही, यह आमतौर पर बहुत करीबी कॉन्टेक्ट, जैसे मरीज की देखभाल करने या एक ही घर में रहने वाले लोगों के बीच फैलता है। इंसानों में यह स्ट्रेन बॉडी फ्लूइड के जरिए फैल सकता है।

    क्या यह महामारी का रूप ले सकता है?

    हालांकि, यह खबर डराने वाली है, लेकिन स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि आम जनता के लिए इसका जोखिम अभी भी कम है। इसके सबसे पहला कारण यह है कि हंतावायरस की इंसान से इंसान में फैलने की संभावना काफी कम है।

    दूसरा, इसके लिए लंबे समय तक और बहुत करीबी संपर्क की जरूरत होती है। क्रूज में सीमित जगह में काफी लोग रहते हैं इसलिए वहां इस वायरस के फैलने की संभावना ज्यादा हो जाती है। 

    इस वायरस के लक्षण कैसे हो सकते हैं?

    हंतावायरस इन्फेक्शन बेहद गंभीर और घातक हो सकता है। इसका सबसे खतरनाक रूप हंतावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम है। यह बीमारी फ्लू जैसे सामान्य लक्षणों से शुरू होती है और बहुत तेजी से रेस्पिरेटरी फेलियर तक पहुंच सकती है। इसके लक्षण हैं-

    गंभीर मामलों में इस बीमारी की मृत्यु दर 40% तक हो सकती है। ऐसी स्थिति में शुरुआती पहचान और इलाज ही जान बचाने का एकमात्र रास्ता है।