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    त्वचा ही नहीं, अब दिमाग को भी झुलसा रही है 'हीटवेव', डॉक्टर बोले- ट्रिगर कर रही माइग्रेन की समस्या

    Updated: Tue, 28 Apr 2026 07:58 AM (GMT+05:30)

    आजकल बढ़ती गर्मी और लगातार चल रही हीटवेव सिर्फ शरीर को ही नहीं, बल्कि हमारे दिमाग को भी गहराई से प्रभावित कर रही है। ...और पढ़ें

    डॉक्टर से जानें क्यों बढ़ता तापमान ट्रिगर कर रहा है माइग्रेन की समस्या (Image Source: AI-Generated)

    डॉक्टर से जानें क्यों बढ़ता तापमान ट्रिगर कर रहा है माइग्रेन की समस्या (Image Source: AI-Generated)


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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आजकल की चिलचिलाती धूप और लू का असर सिर्फ हमारी त्वचा या शरीर की बाहरी सतह तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सीधे हमारे दिमाग पर भी असर डाल रही है।

    नई दिल्ली के पीएसआरआई अस्पताल के कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट, डॉक्टर भास्कर शुक्ला के मुताबिक, लोग अक्सर सिरदर्द को थकान, कम नींद या ज्यादा स्क्रीन टाइम का नतीजा मानकर हल्के में ले लेते हैं, लेकिन असल में, यह लगातार बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी का एक गंभीर संकेत हो सकता है।

    आइए, इस आर्टिकल में जान लीजिए कि कैसे बढ़ती गर्मी आपके दिमाग पर हावी हो रही है और इससे बचने के लिए आपको क्या करना चाहिए।

    Heatwave Alert

    (Image Source: AI-Generated)

    शरीर के साथ-साथ दिमाग में भी होती है पानी की कमी

    जब बाहर भयंकर गर्मी होती है, तो हमारे शरीर को अपने सामान्य तापमान को बनाए रखने और खुद को ठंडा रखने के लिए बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इस दौरान शरीर में तेजी से डिहाइड्रेशन होने लगता है। इसका सीधा असर हमारे दिमाग पर पड़ता है, क्योंकि पानी की कमी के कारण दिमाग तक खून का बहाव और पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। यही मुख्य कारण है कि लोगों को सिर भारी लगना, चक्कर आना और लगातार सिरदर्द जैसी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।

    माइग्रेन के लिए 'ट्रिगर' बन रही है गर्मी

    गर्मी का प्रभाव केवल शारीरिक नहीं होता, बल्कि यह हमारी मानसिक स्थिति को भी बिगाड़ता है। उमस और तेज धूप की वजह से लोगों में चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है, जल्दी थकान होती है और किसी भी काम में ध्यान लगाना मुश्किल हो जाता है। दिमाग पर पड़ने वाला यह मानसिक दबाव सिरदर्द को और ज्यादा भड़का देता है। डॉक्टर बताते हैं कि ज्यादा तापमान एक 'ट्रिगर' की तरह काम करता है, जिसके कारण हीटवेव के दौरान माइग्रेन के अटैक काफी ज्यादा बढ़ जाते हैं।

    इलेक्ट्रोलाइट्स का बिगड़ता संतुलन है खतरनाक

    तेज धूप में ज्यादा देर तक रहने और पर्याप्त पानी न पीने से पसीने के जरिए शरीर से जरूरी तत्व बाहर निकल जाते हैं, जिससे शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ जाता है। यह असंतुलन सिरदर्द को जन्म देता है। खासतौर पर वे लोग जो बाहर धूप में काम करते हैं या जिन्हें लंबे समय तक सफर करना पड़ता है, वे इस खतरे की जद में सबसे ज्यादा होते हैं।

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    Heatwave effect on brain

    (Image Source: AI-Generated)

    गर्मी और सिरदर्द से बचने के लिए क्या करें?

    इस भीषण गर्मी और माइग्रेन से खुद को सुरक्षित रखने के लिए शरीर की जरूरतों को समझना बेहद जरूरी है। इसके लिए आप इन बातों का पालन कर सकते हैं:

    • खूब पानी पिएं: दिन भर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें ताकि डिहाइड्रेशन न हो।
    • सिर को ढकें: धूप में बाहर निकलते समय हमेशा अपने सिर को किसी कपड़े, टोपी या छाते से ढक कर रखें।
    • हल्का भोजन लें: गरिष्ठ या भारी खाने के बजाय हल्का और शरीर को ठंडा रखने वाला भोजन करें।
    • धूप से बचें: ज्यादा लंबे समय तक सीधे तेज गर्मी और धूप के संपर्क में रहने से बचें।

    लापरवाही न करें

    आज के समय में सिरदर्द को एक आम-सी बात समझकर टाल देना बिल्कुल भी सही नहीं है। यह हमारे शरीर का एक इशारा है कि अंदर कुछ ठीक नहीं चल रहा है। खासकर इस चिलचिलाती गर्मी में, अगर आपको बार-बार सिरदर्द हो रहा है और उसके साथ कमजोरी, चक्कर या उल्टी महसूस हो रही है, तो यह खतरे की घंटी है। हमारा शरीर हमें यह चेतावनी देता है कि हीटवेव अब हमारे दिमाग तक पहुंच चुकी है, इसलिए समय रहते अपनी सेहत का पूरा ध्यान रखें।

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