हीटवेव में उल्टी-दस्त को न समझें मामूली, डॉक्टर बोले- 'डिहाइड्रेशन से अंगों को हो सकता है नुकसान'
भीषण गर्मी में उल्टी और दस्त की समस्या जानलेवा हो सकती है, क्योंकि यह शरीर में तेजी से इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी का कारण बनती है। ...और पढ़ें

गर्मी में उल्टी-दस्त को मामूली पेट खराब समझने की भूल न करें (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आजकल भीषण गर्मी और हीटवेव का कहर जारी है। इस मौसम में हम सभी लू लगने और डिहाइड्रेशन से तो डरते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि गर्मी में होने वाले उल्टी और दस्त भी आपकी जान जोखिम में डाल सकते हैं?
जी हां, डॉक्टर चेतावनी दे रहे हैं कि यह समस्या शरीर में पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स को तेजी से खत्म कर देती है। अगर सही समय पर इलाज न मिले, तो खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।
आइए, विस्तार से समझते हैं कि आखिर गर्मी में यह समस्या इतनी गंभीर क्यों हो जाती है और इससे कैसे बचा जा सकता है।

(Image Source: AI-Generated)
गर्मी में क्यों बिगड़ता है पेट?
अक्सर गर्मी के दिनों में खाना और पानी बहुत जल्दी खराब हो जाता है। अगर आप सड़क किनारे मिलने वाला खुला खाना, ज्यादा देर तक बाहर रखा हुआ भोजन या दूषित पानी का सेवन करते हैं, तो पेट की बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है।
एक्सपर्ट का कहना है कि गर्म मौसम में बैक्टीरिया और वायरस बहुत तेजी से पनपते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग, गैस्ट्रोएंटेराइटिस और पेट के संक्रमण हो जाते हैं। इसके अलावा, अत्यधिक गर्मी सीधे तौर पर हमारे शरीर के तापमान नियंत्रण और पाचन तंत्र पर भी बुरा असर डालती है, जिसके नतीजे उल्टी, दस्त, पेट दर्द और कमजोरी के रूप में सामने आते हैं।
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सबसे बड़ा खतरा है डिहाइड्रेशन
गर्मी में हमें पसीना बहुत आता है, जिससे शरीर का पानी पहले ही कम हो रहा होता है। ऐसे में अगर उल्टी और दस्त भी लग जाएं, तो शरीर में पानी और नमक की भारी कमी हो जाती है।
एशियन हॉस्पिटल के एसोसिएट डायरेक्टर और हेड (इंटरनल मेडिसिन, यूनिट III) डॉक्टर सुनील राणा बताते हैं कि उल्टी-दस्त का सबसे खतरनाक परिणाम डिहाइड्रेशन है। शरीर में पानी के साथ-साथ सोडियम और पोटैशियम जैसे जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स कम होने लगते हैं। इससे आपका ब्लड प्रेशर अचानक गिर सकता है, बहुत ज्यादा कमजोरी आ सकती है और गंभीर मामलों में तो किडनी व शरीर के अन्य अंगों पर भी बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
कैसे पहचानें डिहाइड्रेशन के लक्षण?
अगर आपके शरीर में पानी की कमी हो रही है, तो शरीर कुछ खास संकेत देता है। इन्हें पहचानना बेहद जरूरी है:
- बहुत ज्यादा प्यास लगना
- मुंह और होंठों का सूखना
- पेशाब का कम आना या उसका रंग गहरा होना
- चक्कर आना और सुस्ती महसूस होना
- आंखों का अंदर धंस जाना
- छोटे बच्चों के रोने पर आंखों से आंसू कम आना
अगर ये लक्षण दिखें और समय रहते शरीर में पानी की पूर्ति न की जाए, तो हालत बहुत तेजी से बिगड़ सकती है।
किन लोगों को है सबसे ज्यादा खतरा?
डॉक्टर के अनुसार, हीट वेव के दौरान उल्टी-दस्त होने पर कुछ खास समूहों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है:
- छोटे बच्चे और बुजुर्ग
- गर्भवती महिलाएं
- डायबिटीज, किडनी या हृदय रोग से पीड़ित मरीज
- बाहर या धूप में काम करने वाले लोग
इन लोगों के शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखने की क्षमता कम हो सकती है, जिससे गंभीर डिहाइड्रेशन बहुत जल्दी विकसित हो सकता है।
डॉक्टर की क्या है सलाह?
डॉक्टर्स सख्त हिदायत देते हैं कि हीटवेव के दौरान उल्टी-दस्त को मामूली पेट खराब समझकर नजरअंदाज करने की भूल न करें। पसीने की वजह से पानी की कमी और ऊपर से उल्टी-दस्त, ये दोनों मिलकर इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन को बढ़ा देते हैं।
बच्चों और बुजुर्गों में यह स्थिति इतनी गंभीर हो सकती है कि कई बार अस्पताल में भर्ती होने तक की नौबत आ जाती है। डॉक्टरों के अनुसार, अगर मरीज पानी न पी पा रहा हो, पेशाब कम हो जाए, कमजोरी बहुत बढ़ जाए या उल्टी-दस्त लगातार बने रहें, तो बिना देरी किए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
खुद को कैसे बचाएं?
हीट वेव से बचने और खुद को स्वस्थ रखने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनाएं:
- साफ पानी पिएं: हमेशा स्वच्छ और सुरक्षित पानी का ही इस्तेमाल करें।
- ओआरएस का घोल लें: इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी पूरी करने के लिए ORS या इलेक्ट्रोलाइट वाले पेय पदार्थ पीते रहें।
- बासी खाने से बचें: खुला हुआ या बासी खाना बिल्कुल न खाएं।
- धोकर खाएं: फल और सब्जियों को इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह धो लें।
- बाहर का खाना कम करें: सड़क किनारे बिकने वाले कटे हुए फल और स्ट्रीट फूड खाने से पूरी तरह बचें।
- हाइड्रेटेड रहें: किसी भी हाल में अपने शरीर में पानी की कमी न होने दें।
गर्मी के मौसम में उल्टी-दस्त को एक हल्की समस्या समझना आपको भारी पड़ सकता है। सही समय पर इसके लक्षणों को पहचानना और शरीर में पानी की कमी न होने देना ही इस जानलेवा खतरे से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।