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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पसीना, थकान और हैवी ब्लीडिंग! गर्मियों में Periods क्यों बढ़ा देते हैं तकलीफ? जानें कारण

Published: Sun, 06 Jul 2025 03:19 PM (IST)

गर्मियों में महिलाओं के लिए पीरियड्स एक चुनौती बन सकते हैं। गर्मी और पसीने के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ ...और पढ़ें

क्‍या आपको भी पीर‍ियड्स के दौरान होती है हैवी ब्‍लीड‍िंग? (Image Credit- Freepik)
क्‍या आपको भी पीर‍ियड्स के दौरान होती है हैवी ब्‍लीड‍िंग? (Image Credit- Freepik)

HighLights

  1. पीरियड क्रैम्प्स को झेलना मुश्किल होता है।
  2. गर्मी के मौसम में तो समस्‍या और बढ़ जाती है।
  3. इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं।

 लाइफस्‍टाइल डेस्‍क, नई दिल्‍ली। गर्मियों का मौसम हम सभी के ल‍िए चुनौती भरा हो सकता है। इस मौसम में सेहत का कुछ ज्‍यादा ही ख्‍याल रखने की सलाह दी जाती है। गर्मी में तापमान के बढ़ने से ज्‍यादा पसीना आने, हीट रैशेज, जलन और खुलजी की समस्‍या तो हो ही जाती है। इससे हर कोई परेशान हाेता है। वहीं मह‍िलाओं के ल‍िए तो ये मौसम और भी चुनौती से भरा हो सकता है। खासकर तब जब पीर‍ियड्स आते हैं।

इस मौसम में गर्मी, पसीना, नमी के कारण पीरियड्स के दौरान इन्‍फेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है। साथ ही इसके लक्षण भी तेज होने लगते हैं। जैसे ज्‍यादा ब्‍लीड‍िंग होना, पेट में मरोड़ और ऐंठन, साथ ही थकान जैसी समस्‍या देखने को म‍िलती है। आमतौर पर मह‍िलाएं इसे नॉर्मल मानकर इग्‍नोर कर देती हैं। लेक‍िन हम आपको बता दें क‍ि ये गर्मि‍यों में हार्मोनज बदलाव की वजह से होता है।

आज का हमारा लेख भी इसी व‍िषय पर है। हम आपको बताएंगे क‍ि गर्मियों में पीर‍ियड्स क्‍यों ज्‍यादा हैवी लगते हैं। इसके पीछे क्‍या कारण हो सकते हैं। आइए जानते हैं व‍िस्‍तार से-

गर्मी में हमारा शरीर कैसे र‍िएक्‍ट करता है?

आपको बता दें क‍ि हार्मोन (जैसे एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन) से ही हमारे पीरियड्स आते हैं। ये हार्मोन तनाव, नींद और पानी की मात्रा से प्रभावित होते हैं। गर्मी में तापमान बढ़ने के कारण हमें पसीना ज्‍यादा आता है। इससे हमारा शरीर जल्दी डिहाइड्रेट हो जाता है। साथ ही गर्मी में नींद भी ठीक से पूरी नहीं हो पाती है। खानपान भी गड़बड़ हो ही जाता है। इन सबका असर हमारे हार्मोन पर पड़ता है और इसका सीधा असर पीरियड्स पर देखने को म‍िलता है।

डिहाइड्रेशन से क्या होता है असर?

दरअसल, पानी की कमी से खून गाढ़ा हो जाता है। इस कारण पीरियड्स के दौरान ज्यादा क्लॉट्स यानी क‍ि थक्के बनने लगते हैं और इससे दर्द भी बढ़ सकता है। ऐसे में जब यूट्रस के मसल्‍स ड‍िहाइड्रेट हो जाते हैं तो दर्द बढ़ जाता है।

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गर्मी में ब्लड वेसल्स क्यों बढ़ती हैं?

इसके अलावा गर्मी में शरीर की नसें फैलने लगती हैं। ऐसा इसल‍िए ताकि ज्यादा खून बहकर शरीर को ठंडा रखा जा सके। यही ज्यादा खून यूट्रस तक भी पहुंचता है, जिससे ब्लीडिंग बढ़ जाती है। जिन महिलाओं का फ्लो पहले से ज्यादा होता है, उन्हें गर्मियों में ज्‍यादा परेशानी हो सकती है।

कैसे करें बचाव?

  • पानी खूब पिएं।
  • ज्यादा पानी वाले फलों को डाइट में शाम‍िल करें।
  • हल्का और ठंडा खाना ही खाएं।
  • थोड़ी हल्की एक्सरसाइज करें।
  • अच्‍छी नींद लें।

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Disclaimer: लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो, तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

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