51 की उम्र में भी कैसे इतने जवां दिखते हैं Mahesh Babu? बर्गर-पेस्ट्री ही नहीं, दही-चावल से भी करते हैं परहेज
आपको जानकर हैरानी होगी कि साउथ इंडियन होने के बावजूद महेश बाबू सबसे बड़े 'कंफर्ट फूड' यानी कर्ड राइस से पूरी तरह तौबा कर ली है।

महेश बाबू की फिटनेस का 'नो डेयरी' फॉर्मूला (Image Source: Instagram & AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। साउथ सुपरस्टार महेश बाबू को देखकर कोई नहीं कह सकता कि वे 51 साल के हो चुके हैं। उनका चेहरा आज भी किसी यंगस्टर जैसा ही चमकता है। फैंस हमेशा से उनकी इस 'एवरग्रीन' फिटनेस का राज जानना चाहते थे।
हाल ही में यह राज खुल गया है और हैरानी की बात यह है कि महेश बाबू ने अपनी डाइट से साउथ इंडिया की जान माने जाने वाले 'कर्ड राइस' को पूरी तरह से बाहर कर दिया है। जी हां, आइए एक नजर डालते हैं कि सुपरस्टार ऐसा क्यों करते हैं और इसके पीछे का साइंस क्या है।
इंटरव्यू में किया चौंकाने वाला खुलासा
एक मजेदार इंटरव्यू के दौरान जब महेश बाबू के सामने बर्गर, पेस्ट्री और दही-चावल में से किसी एक को चुनने की शर्त रखी गई, तो उनका जवाब बिल्कुल सरप्राइजिंग था। उन्होंने बेझिझक कहा- "इनमें से कोई नहीं।" एक्टर ने साफ किया कि वह दूध या दही से बनी चीजों और ब्रेड से कोसों दूर रहते हैं। इसके अलावा, मीठा भी उनकी थाली में न के बराबर ही होता है।
'गट-स्किन कनेक्शन' का साइंस
महेश बाबू की दमकती त्वचा का असली क्रेडिट उनकी डाइट में शामिल सब्जियों को जाता है। जब आप भरपूर सब्जियां खाते हैं, तो उनमें मौजूद फाइबर आपके पेट के गुड बैक्टीरिया को मजबूत बनाता है। इससे शरीर की अंदरूनी सूजन कम होती है, जिसका सीधा असर आपके चेहरे की चमक पर दिखता है और बढ़ती उम्र का असर धीमा हो जाता है। मेडिकल भाषा में इसे ही 'गट-स्किन एक्सिस' कहते हैं।
कैसा है सुपरस्टार का डाइट रूटीन?
महेश बाबू सिर्फ डाइट ही नहीं, बल्कि अपने वर्कआउट रूटीन को लेकर भी बेहद सख्त हैं:
- स्ट्रिक्ट वर्कआउट: वे हफ्ते में 5 दिन करीब 60 से 90 मिनट तक जिम में पसीना बहाते हैं। उनके इस रूटीन में मोबिलिटी, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और हेवी स्ट्रेचिंग शामिल है।
- बैलेंस डाइट: दिन भर में वे 5 से 6 छोटे-छोटे मील लेते हैं। उनके मेन्यू में मुख्य रूप से अंडे, ओट्स, ताजे फल, नट्स, लीन मीट और प्रोटीन शेक शामिल होते हैं।
क्या आपको भी छोड़ देने चाहिए कर्ड-राइस?
महेश बाबू की बात सुनकर अगर आप भी दही-चावल छोड़ने का मन बना रहे हैं, तो जरा रुकिए। किसी खास डिश को हमेशा के लिए त्यागना जरूरी नहीं है। कर्ड राइस अपने आप में एक बेहद पौष्टिक डाइट है।
असल में हेल्दी रहने का असली रूल फाइबर और प्रोटीन का सही बैलेंस बनाए रखना है। हालांकि, अगर आपको लैक्टोज इनटॉलरेंस है, तो यकीनन दूध-दही से दूरी बनाना आपकी सेहत और त्वचा दोनों के लिए एक बेहतरीन कदम साबित हो सकता है।
