क्या फिर लौट रहा कोरोना का खतरा? आंध्र प्रदेश में हुई मौत ने बढ़ाई चिंता, 5 लक्षणों को पहचानना सबसे जरूरी
आंध्र प्रदेश के कडप्पा में कोविड-19 से हुई एक मौत ने महामारी के खतरे को फिर से उजागर किया है, जिससे इसके लक्षणों, बचाव और सावधानियों को जानना जरूरी हो ...और पढ़ें

कोरोना को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले में Covid-19 के कारण हुई 46 वर्षीय व्यक्ति की मौत इस बात का स्पष्ट संकेत है कि महामारी को हल्के में लेने का समय अभी नहीं आया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि लगातार चार दिनों तक एंटीबायोटिक दवाओं का हैवी डोज दिए जाने के बावजूद मरीज के लक्षण कम नहीं हुए और आखिरकार उसने दम तोड़ दिया।
ऐसे समय में जब संक्रमण के मामले दोबारा सामने आ रहे हैं, कोरोना वायरस के लक्षणों, बचाव और सावधानियों के बारे में जानना बेहद जरूरी हो जाता है।

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आखिर कैसे फैलता है यह वायरस?
कोविड-19 एक संक्रामक रोग है जो SARS-CoV-2 नामक कोरोना वायरस के कारण होता है। यह वायरस मुख्य रूप से हवा के जरिए एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलता है।
जब कोई संक्रमित व्यक्ति खांसता, छींकता या बात करता है, तो उसके रेस्पिरेटरी सिस्टम से वायरस के कण हवा में फैल जाते हैं। सबसे ज्यादा खतरा उन जगहों पर होता है जहां हवा का वेंटिलेशन कम होता है, क्योंकि ऐसी बंद जगहों पर ये संक्रमित कण कुछ मिनटों से लेकर कई घंटों तक हवा में टिके रह सकते हैं। अगर कोई स्वस्थ व्यक्ति इन कणों के संपर्क में आता है या इन्हें सांस के जरिए अंदर खींच लेता है, तो वह भी संक्रमित हो जाता है।
इन लक्षणों को पहचानना सबसे जरूरी
वायरस के संपर्क में आने के 2 से 14 दिनों के भीतर मरीज में इसके लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ लोगों में बेहद हल्के लक्षण होते हैं, जबकि कुछ को अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत आ जाती है।
- सामान्य लक्षण: स्वाद और गंध महसूस न होना, सांस लेने में तकलीफ, सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण, पेट खराब होना या डायरिया।
- इमरजेंसी लक्षण: अगर सांस लेने में बहुत ज्यादा परेशानी हो, त्वचा, होंठ या नाखूनों का रंग पीला, ग्रे या नीला पड़ने लगे, अचानक बहुत ज्यादा कंफ्यूजन हो, जागने में परेशानी हो या छाती में लगातार भारीपन व दर्द महसूस हो, तो बिना एक पल गंवाए मेडिकल मदद लेनी चाहिए।
बचाव के लिए क्या करें?
कोविड-19 से बचने और इसके गंभीर प्रभावों को टालने का सबसे कारगर तरीका वैक्सीनेशन है।
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खासकर 65 वर्ष से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों, कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों, गर्भवती महिलाओं और दिल व फेफड़ों की बीमारी या मोटापे से जूझ रहे लोगों के लिए अपडेटेड वैक्सीन लगवाना सबसे ज्यादा जरूरी है। इसके अलावा, आपको इन बातों का भी ध्यान रखना चाहिए:
- बीमार लोगों से उचित दूरी बनाए रखें।
- अपने हाथों को कम से कम 20 सेकंड तक साबुन और पानी से धोएं। अगर पानी न हो, तो 60% अल्कोहल बेस्ड हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
- दरवाजे के हैंडल जैसी बार-बार छुई जाने वाली सतहों को साफ और डिसइंफेक्ट करें।
- भीड़भाड़ वाली जगहों, खासकर जहां वेंटिलेशन खराब हो, वहां जाने से बचें और अगर जाना पड़े तो मास्क जरूर पहनें।
संक्रमित होने पर क्या है इलाज?
अगर आप कोविड पॉजिटिव पाए जाते हैं या किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हैं, तो तुरंत अपने हेल्थकेयर प्रोफेशनल से संपर्क करें। गंभीर रूप से बीमार पड़ने वाले हाई-रिस्क मरीजों को डॉक्टर ऐसी दवाएं दे सकते हैं जो शरीर में वायरस को फैलने से रोकती हैं।