क्या आपको भी होता है किडनी के पास दर्द? जानिए कब यह 'पथरी' के बजाय, हो सकता है कैंसर का संकेत
किडनी स्टोन और किडनी कैंसर दोनों के कुछ लक्षण समान हो सकते हैं, जिससे इनमें फर्क करना मुश्किल होता है। ...और पढ़ें

कैसे पहचानें किडनी स्टोन और किडनी कैंसर? (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। किडनी कैंसर और किडनी स्टोन दोनों ही किडनी से जुड़ी बीमारियां हैं। हालांकि, ये दोनों बिल्कुल अलग-अलग समस्याएं हैं, लेकिन इनके कुछ लक्षण एक जैसे हो सकते हैं। इसी वजह से बिना डॉक्टरी जांच के इनमें फर्क कर पाना कई बार बहुत मुश्किल हो जाता है।
एंड्रोमेडा कैंसर अस्पताल की कंसल्टेंट (रेडिएशन ऑन्कोलॉजी) डॉ. पर्ल आनंद के अनुसार, इन दोनों बीमारियों के अंतर को समझना बेहद जरूरी है, ताकि समय रहते सही इलाज मिल सके। आइए, आज World Kidney Cancer Day के मौके पर जानते हैं कि आप किडनी स्टोन और किडनी कैंसर के बीच का फर्क कैसे पहचान सकते हैं।

(Image Source: AI-Generated)
किडनी स्टोन क्या है और कैसे दिखते हैं इसके लक्षण?
किडनी स्टोन असल में मिनरल्स और नमक के ठोस टुकड़े होते हैं, जो किडनी के अंदर बन जाते हैं।
जब किसी को पथरी होती है, तो उसे पीठ, कमर के साइड में या पेट के निचले हिस्से में अचानक और बहुत तेज दर्द होता है। यह दर्द लहरों की तरह आता-जाता रहता है। इसके अलावा कुछ और लक्षण भी दिख सकते हैं, जैसे:
- जी मिचलाना और उल्टी आना।
- पेशाब करते समय जलन महसूस होना।
- पेशाब में खून आना।
अगर पथरी छोटी है, तो वह अक्सर अपने आप पेशाब के रास्ते बाहर निकल जाती है, लेकिन बड़ी पथरी के लिए मेडिकल ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ती है।
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किडनी कैंसर कैसे अलग है?
दूसरी तरफ, किडनी कैंसर तब होता है जब किडनी में असामान्य कोशिकाएं अनियंत्रित होकर तेजी से बढ़ने लगती हैं।
सबसे ध्यान देने वाली बात यह है कि शुरुआती स्टेज में किडनी कैंसर का कोई भी लक्षण दिखाई नहीं देता। कई बार तो इसका पता अचानक तब चलता है, जब किसी और वजह से इमेजिंग टेस्ट करवाए जाते हैं। जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, ये लक्षण सामने आ सकते हैं:
- पेशाब में खून आना।
- कमर के साइड या पीठ के निचले हिस्से में लगातार दर्द रहना।
- बिना किसी कारण के वजन कम होना।
- बहुत ज्यादा थकान और बुखार रहना।
- पेट में किसी गांठ का महसूस होना।
दर्द से समझें दोनों के बीच का सबसे बड़ा अंतर
अगर आप कन्फ्यूज हैं, तो 'दर्द का तरीका' दोनों के बीच एक बहुत बड़ा अंतर बता सकता है:
- पथरी का दर्द: यह एकदम अचानक उठता है, बहुत तेज होता है और रुक-रुक कर आता है।
- कैंसर का दर्द: यह दर्द हल्का, लेकिन लगातार बना रहता है, और समय के साथ धीरे-धीरे बढ़ता जाता है।
यह सच है कि पेशाब में खून दोनों ही बीमारियों में आ सकता है, लेकिन अगर इसके साथ बिना किसी कारण के तेजी से वजन गिर रहा है और लगातार थकान बनी हुई है, तो यह कैंसर का इशारा हो सकता है।
सही जांच है बेहद जरूरी
चूंकि दोनों बीमारियों के कई लक्षण आपस में मिलते-जुलते हैं, इसलिए अगर आपको पेशाब से जुड़ी कोई भी लगातार बनी रहने वाली समस्या हो या पेशाब में खून दिखे, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें।
डॉक्टर सही बीमारी का पता लगाने के लिए अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और लेबोरेटरी टेस्ट की मदद लेते हैं। सही जांच के बाद ही वह आपको एक सही इलाज की सलाह दे सकते हैं।
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