यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आपको भी है Extra Crispy खाने का शौक? डॉक्टर बोले- "स्वाद के चक्कर में कैंसर को बुलावा दे रहे लोग"
हममें से ज्यादातर लोग Extra Crispy चीजों के दीवाने होते हैं लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जो स्वाद आपको इतना लुभा रहा है वह असल में आपके शरीर के अंदर ...और पढ़ें

HighLights
- 'एक्स्ट्रा क्रिस्पी' स्वाद आपको एक भयानक बीमारी की ओर धकेल रहा है।
- डॉक्टर का कहना है कि ऐसा खाना शरीर में कैंसर के रिस्क को बढ़ा सकता है।
- इस नुकसान से बचने के लिए आपको कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्रिस्पी और गोल्डन ब्राउन स्नैक्स किसे पसंद नहीं आते? आलू के चिप्स, क्रिस्पी पकौड़े या फिर थोड़ी ज्यादा सिकी हुई रोटी- इन सभी का स्वाद हमें अक्सर अपनी ओर खींच लेता है।
ऐसे में, क्या आपने कभी सोचा है कि यह 'एक्स्ट्रा क्रिस्पी' स्वाद आपकी सेहत के लिए कितना हानिकारक हो सकता है (Crispy Food Cancer Risk)? हाल ही में डॉक्टर तरंग कृष्णा ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है, जिसके बाद आपको अपनी खाने की आदतों पर फिर से सोचना पड़ सकता है।
साइलेंट किलर है ऐसा खाना
जब हम आलू, रोटी, ब्रेड या किसी भी कार्बोहाइड्रेट रिच फूड को ज्यादा तापमान पर तलते, भूनते या बेक करते हैं, तो उसमें एक खास केमिकल एक्रिलामाइड (Acrylamide) बनता है। यह वही केमिकल है जिसके बारे में डॉक्टर तरंग कृष्णा चेतावनी दे रहे हैं। यह एक्रिलामाइड आपके शरीर के लिए एक 'साइलेंट किलर' साबित हो सकता है।
डॉक्टर के अनुसार, यह केमिकल सीधे आपके डीएनए (DNA) को नुकसान पहुंचा सकता है। हमारा डीएनए ही शरीर की कोशिकाओं के निर्माण और कार्यप्रणाली का ब्लूप्रिंट होता है। जब डीएनए डैमेज होता है, तो कोशिकाएं अनियमित रूप से बढ़ने लगती हैं और यहीं से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की शुरुआत हो सकती है।
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तो क्या छोड़ दें क्रिस्पी खाना?
इसका मतलब यह नहीं कि आपको कुरकुरा खाना पूरी तरह से छोड़ देना चाहिए। मेन बात है बैलेंस और जागरूकता।
- ओवरकुक न करें: अपने खाने को बहुत ज्यादा ब्राउन या काला होने तक न पकाएं। आलू के चिप्स, फ्रेंच फ्राइज, टोस्ट या पके हुए बिस्कुट को हल्के सुनहरे रंग का होने तक ही पकाएं।
- तापमान पर ध्यान दें: हाई टेम्प्रेचर पर तलने या भूनने से बचें। धीमी आंच पर पकाना ज्यादा सुरक्षित होता है।
- पानी में भिगोना: आलू को तलने से पहले कुछ देर पानी में भिगोकर रखने से एक्रिलामाइड का स्तर कुछ हद तक कम हो सकता है।
- अलग-अलग फूड्स: सिर्फ तले-भुने खाने पर निर्भर न रहें। अपने आहार में फल, सब्जियां, दालें और साबुत अनाज को ज्यादा शामिल करें।
- बेक करने की बजाय उबालें या स्टीम करें: अगर संभव हो तो तलने या बेक करने की बजाय उबालना या स्टीम करना ज्यादा हेल्दी ऑप्शन है।
याद रखें, स्वाद जरूरी है, लेकिन सेहत सबसे ऊपर है। अपनी प्लेट में क्या आ रहा है, इसके बारे में जागरूक रहें और अपनी खाने की आदतों में छोटे-छोटे बदलाव करके आप एक हेल्दी लाइफ जी सकते हैं।