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    'महीने में दो-चार सिगरेट से कुछ नहीं होता'... क्या आप भी ऐसा मानते हैं? डॉक्टर की राय बदल देगी सोच

    Updated: Tue, 10 Mar 2026 11:06 AM (IST)

    इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के डॉ. अंकित जैन के अनुसार, कभी-कभार धूम्रपान करना भी शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। ...और पढ़ें

    क्या आप भी खुद को 'कैजुअल स्मोकर' समझकर गलती कर रहे हैं? (Image Source: AI-Generated)

    क्या आप भी खुद को 'कैजुअल स्मोकर' समझकर गलती कर रहे हैं? (Image Source: AI-Generated) 

    HighLights

    1. कभी-कभार धूम्रपान भी शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचाता है

    2. तंबाकू में 7,000 से ज्यादा कैंसरकारक केमिकल्स होते हैं

    3. धूम्रपान की कोई 'सुरक्षित सीमा' नहीं होती है

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर लोग यह मानते हैं कि स्मोकिंग सिर्फ तभी नुकसान पहुंचाती है जब इसकी लत लग जाए और यह एक रेगुलर हैबिट बन जाए, लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल उलट है।

    इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में मेडिकल ऑन्कोलॉजी के सीनियर कंसल्टेंट, डॉ. अंकित जैन के अनुसार, 'कभी-कभार' धूम्रपान करना भी शरीर को हमारी सोच से कहीं ज्यादा भारी नुकसान पहुंचा सकता है।

    हर साल मार्च के दूसरे बुधवार को No Smoking Day मनाया जाता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि तंबाकू में 7,000 से ज्यादा केमिकल्स मौजूद होते हैं, जिनमें से कई सीधे तौर पर कैंसर पैदा करने वाले तत्वों यानी कार्सिनोजेन्स के रूप में पहचाने जा चुके हैं। 

    Is Social Smoking Harmful

    (Image Source: AI-Generated) 

    स्मोकिंग की कोई 'सेफ लिमिट' नहीं

    जैसे ही कोई व्यक्ति सिगरेट का एक कश लेता है, उसके फेफड़े और खून तुरंत इन खतरनाक केमिकल्स की चपेट में आ जाते हैं। कभी-कभार धूम्रपान करने को जो बात सबसे ज्यादा खतरनाक बनाती है, वह यह है कि मानव शरीर के लिए तंबाकू के धुएं की कोई 'सुरक्षित सीमा' नहीं है।

    कभी-कभार की स्मोकिंग भी बढ़ाती है कैंसर का रिस्क

    डॉक्टर कहते हैं कि शोध भी यह स्पष्ट रूप से साबित कर चुके हैं कि थोड़ी मात्रा में भी धूम्रपान करने से शरीर में कई तरह के कैंसर पनप सकते हैं। इनमें विशेष रूप से फेफड़े, मुंह, गले और ब्लैडर का कैंसर शामिल है। इसके अलावा, एक और बड़ा खतरा यह है कि कभी-कभार किया जाने वाला धूम्रपान आखिरकार व्यक्ति को निकोटीन का आदी बना सकता है, जिसके बाद यह शौक एक नियमित और खतरनाक लत में बदल जाता है।

    कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के मामले में इलाज से बेहतर हमेशा बचाव होता है। कैंसर अक्सर सालों तक शरीर में चुपचाप विकसित होता रहता है और तंबाकू से होने वाला यह अंदरूनी नुकसान तुरंत दिखाई नहीं देता। इसलिए, सेहत के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प यही है कि धूम्रपान से पूरी तरह दूरी बनाई जाए।

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    कुल मिलाकर धूम्रपान का कोई भी सुरक्षित स्तर नहीं होता है। यहां तक कि बहुत दिनों में पी गई सिर्फ एक सिगरेट भी आपके लिए लंबे समय के सीरियस हेल्थ इश्यूज ला सकती है।

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