फिटनेस का पुराना फॉर्मूला: आयुर्वेद की इन बातों में छिपा है सेहतमंदी का राज
खुद को शरीर और मन से सेहतमंद रखने के लिए आयुर्वेद की इन बातों को अपने रूटीन में शामिल किया जा सकता है। ...और पढ़ें

हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए आयुर्वेद से जानें (Image Source: AI Generated)
HighLights
ब्रह्म मुहूर्त में उठना और मौखिक स्वच्छता अपनाना
योग, प्राणायाम और शरीर की तेल मालिश करें
पौष्टिक नाश्ता और रात का हल्का भोजन करें
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपकी दिनचर्या की शुरुआत भागदौड़ और दबाव के साथ होती है? सुबह उठकर जल्दबाजी में ऑफिस के लिए तैयार होना, हड़बड़ी में नाश्ता तैयार करना और फिर फटाफट उसे खाना भी। आयुर्वेद इस बारे में कुछ कहता है, अगर आप खुद को शरीर और मन से सेहतमंद रखना चाहते हैं तो आयुर्वेद में बताई गई बातों को अपने रूटीन में शामिल किया जा सकता है। आइए जानते हैं एक हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए क्या कहता है आयुर्वेद।
हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए क्या कहता है आयुर्वेद?
जिसे हम आजकल रूटीन कहते हैं, उसे आयुर्वेद में दिनचर्या कहा गया है। आयुर्वेद जिंदगी जीने का एक साइंस है, जिसमें बताया गया है कि हमारा शरीर प्रकृति की परछाई की तरह है और इसे उसी के हिसाब से चलना चाहिए। आइए बताते हैं हेल्दी लाइफस्टाइल से जुड़े कुछ टिप्स के बारे में:
1. ब्रह्म मुहूर्त में उठना
आयुर्वेद के मुताबिक, व्यक्ति को सूर्योदय से कम से कम 90 मिनट पहले उठना चाहिए। ब्रह्म मुहूर्त के इस समय को सात्विक ऊर्जा वाला समय कहा गया है।
2. ओरल क्लेजिंग
अमा यानी शरीर के टॉक्सिन बाहर निकालने के लिए ओरल क्लेजिंग बेहद जरूरी है, इसमें जीभ की सफाई, ऑयल पुलिंग और दांतों की सफाई शामिल है।
3. गुनगुने पानी का सेवन
ओरल क्लेजिंग के बाद 1-2 गिलास गुनगुना पानी पीने की सलाह दी गई है। वहीं, ज्यादा फायदे के लिए पानी में शहद, नींबू या अदरक के टुकड़े डाले जा सकते हैं।
4. हल्का-फुल्की एक्सरसाइज
शरीर में लचीलापन और फुर्ती बनी रहे, इसके लिए योग खासकर प्राणायाम और सूर्य नमस्कार करना फायदेमंद साबित हो सकता है।
5. बॉडी और हेयर ऑयलिंग
शरीर और बालों में तेल लगाकर मसाज करें। इसमें वात दोष के लिए तिल का तेल, पित्त दोष के लिए नारियल तेल और कफ दोष के लिए सरसों का तेल सही बताया गया है।
6. नहाने की प्रक्रिया
आयुर्वेद की माने तो शरीर और बालों में तेल लगाने और मसाज के बाद नहाने जाना चाहिए।
7. पौष्टिक नाश्ता
आयुर्वेद कहता है कि नाश्ता ऐसा होना चाहिए जिसमें पोषक तत्व अच्छे खासे हों, गर्म हो और साथ ही उसे आसानी से पचाया जा सके।
8. दोपहर का खाना
आयुर्वेद में दोपहर के खाने का सबसे सही समय 12-1 बजे का बताया गया है। इस समय पित्त सबसे ज्यादा मजबूत होता है।
9. दोपहर के खाने के बाद आराम
दोपहर के खाने के बाद बहुत ही कम समय के लिए सोना भी आयुर्वेद में हेल्दी माना गया है, लेकिन जिन लोगों को कफ दोष की समस्या है उन्हें सावधान रहने की जरूरत है।
10. शाम का आराम
शाम के आराम में मेडिटेशन जैसी प्रक्रिया शामिल हैं, जिससे नर्वस सिस्टम रात में आराम के लिए तैयार होता है।
11. रात को हल्का और जल्दी खाना
आयुर्वेद में रात का खाना 7 बजे तक करना सही माना जाता है। सोने से करीब 2-3 घंटे पहले का गैप होना जरूरी है।
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Source : The Art of Living and The Ayurveda Institute