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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    महिला मुक्केबाज इमान खलीफ को क्यों कहा जा रहा है ‘Biological Male’? क्या है इसके पीछे की पूरी वजह

    Updated: Sat, 03 Aug 2024 04:01 PM (IST)

    पेरिस ओलंपिक्स के बीच इमान खलीफ इटली की एंजेला कैरिनी से मैच के बाद विवादों से घिर गई हैं। ऐसी अवफाहें उड़ाई जा रही थीं कि वो बायोलॉजिकल मेल हैं तो कु ...और पढ़ें

    क्या हैं Hyperandronism के लक्षण? (Picture Courtesy: Jagran Files)
    क्या हैं Hyperandronism के लक्षण? (Picture Courtesy: Jagran Files)

    HighLights

    1. पेरिस ओलंपिक्स में महिला मुक्केबाज इमान खलीफ को लेकर कई विवादित बयान दिए जा रहे हैं।
    2. ऐसा कहा जा रहा है कि उन्हें Hyperandrogenism की समस्या है।
    3. इस कंडीशन में टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ जाता है।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Paris Olympics Iman Khelif's Controversy: हाल ही में, पेरिस ओलंपिक 2024 के दौरान अल्जीरिया की महिला बॉक्सर इमान खलीफ (Iman Khelif) और इटली की एंजेला कैरिनी के बीच हुआ मुकाबला काफी विवादों में घिरा हुआ था। आपको बता दें कि मुकाबला शुरू होने के 46 सेकंड बाद ही एंजेला मुकाबला छोड़कर बाहर हो गईं थी, जिसके बाद उन्होंने एक बयान दिया था कि मुझे आजतक इतनी जोर से किसी ने हिट नहीं किया। इसके बाद लोगों ने कई अटकलें लगानी शुरू कर दी कि इमान बायोलॉजिकल पुरुष हैं और उन्हें महिलाओं के खिलाफ मैच खेलने देना नाइंसाफी है।

    Hyperandronism

    (Picture Courtesy: Reuters)

    हालांकि, इसके बाद IOC ने कहा कि इमान पासपोर्ट पर महिला हैं और उन्होंने सभी मेडिकल टेस्ट भी पास किए हैं। इसके बाद कई लोग इमान के बचाव में आए और उन्होंने यह कहा कि इमान को Hyperandrogenism की समस्या है। लेकिन इस बात की भी कोई पुष्टि नहीं की गई है। इस कंडीशन के बारे में हमने डॉक्टर से जानने की कोशिश की।

    यह भी पढ़ें:  कौन हैं इमान खलीफ?

    डॉ. आस्था दयाल (सी.के. बिरला अस्पताल, गुरुग्राम में स्त्री रोग एवं प्रसुति विभाग की निदेशक) ने बताया कि टेस्टोस्टेरोन एक सेक्स हार्मोन है, जो महिलाओं और पुरुषों, दोनों में ही बनता है। हालांकि, पुरुषों में इसकी मात्रा महिलाओं की तुलना में काफी ज्यादा होती है। लेकिन अगर किसी महिला में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, तो उसे Hyperandrogenism कहा जाता है।

    किन कारणों से महिलाओं में बढ़ सकता है टेस्टोस्टेरोन?

    • पोलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस)- यह ओवरीज में होने वाली एक बीमारी है, जिसमें टेस्टोस्टेरोन का लेवल बढ़ जाता है। इसके कारण अनियमित माहवारी, एक्ने और फेशियल हेयर जैसे लक्षण नजर आते हैं।
    • एडरनल ग्लैंड डिसऑर्डर- एडरनल ग्लैंड्स में किसी समस्या, जैसे- एडरनल हाइपरप्लेसिया या एडरनल ट्यूमर की वजह से भी टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर बढ़ता है।
    • एंड्रोजन बनाने वाले ट्यूमर- ऐसा आमतौर पर नहीं होता, लेकिन कुछ ट्यूमर, जो एडरनल ग्लैंड या ओवरीज में हुए हो, वे टेस्टोस्टेरोन हार्मोन रिलीज करते हैं। इसके कारण भी टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ जाता है।
    • मेनोपॉज- मेनोपॉज के समय होने वाले हार्मोनल बदलावों की वजह से भी कभी-कभी टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के स्तर में बदलाव आते हैं।
    • दवाओं की वजह से- कुछ दवाओं या सप्लीमेंट्स की वजह से भी हार्मोन लेवल, खासकर टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ सकता है।

    टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ने के क्या प्रभाव नजर आते हैं?

    खबरें और भी

    • एक्सट्रा बाल उगना- टेस्टोस्टेरोन लेवल बढ़ने के कारण चेहरे, सीने और पीठ पर बाल उगने लगते हैं।
    • एक्ने और ऑयली स्किन- इसके कारण एक्ने और स्किन में ज्यादा ऑयल बनने की समस्या भी होती है।
    • बाल झड़ना- बाल झड़ने की समस्या भी टेस्टोस्टेरोन बढ़ने की वजह से हो सकती है।
    • भारी आवाज- कुछ महिलाओं की आवाज भी भारी होने लगती है।
    • अनियमित पीरियड्स- अनियमित पीरियड्स आना या पीरियड्स मिस होना टेस्टोस्टेरोन बढ़ने की वजह से होता है।
    • इनफर्टिलिटी- टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ने की वजह से ओव्यूलेशन में दिक्कतें आ सकती हैं और इसके कारण कंसीव करने में दिक्कत होती है।
    • मूड स्विंग्स- टेस्टोस्टेरोन लेवल बढ़ने की वजह से चिड़चिड़ापन, मूड स्विंग्स और आक्रामाक व्यवहार जैसे लक्षण भी देखने को मिलते हैं।
    • मसल मास बढ़ना- टेस्टोस्टेरोन बढ़ने की वजह से मसल मास ज्यादा हो जाता है।

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