बच्चों में बिना लक्षणों के भी फैल सकता है हेपेटाइटिस A, एक्सपर्ट गाइड की मदद से पेरेंट्स ऐसे रखें ख्याल
बच्चों में हेपेटाइटिस A का ज्यादा खतरा रहता है। पेरेंट्स फॉलो करें एक्सपर्ट का बताया ये वैक्सीनेशन शेड्यूल और हाइजीन टिप्स। ...और पढ़ें

हेपेटाइटिस ए के शुरुआती लक्षण न करे बराबर हैं (Image Source: AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। ज्यादातर माता-पिता अपने बच्चों को बीमारियों से बचाने के लिए हर संभव सावधानी बरतते हैं। फिर भी, हेपेटाइटिस ए कई बार नजरों से बच ही जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि छह साल से कम उम्र के ज्यादातर हेपेटाइटिस ए वायरस (HAV) संक्रमित बच्चों में स्पष्ट लक्षण नजर नहीं आते, जिससे परिवारों के लिए यह समझना मुश्किल हो जाता है कि बच्चे को इन्फेक्शन हुआ है या नहीं। इसे लेकर डॉ. अमित रस्तोगी, पेडियाट्रिशियन और नियोनेटोलॉजिस्ट, डॉ. अमित रस्तोगी चाइल्ड स्पेशलिस्ट एंड वैक्सीनेशन सेंटर & प्रेसिडेंट, लखनऊ एकेडमी ऑफ पेडियाट्रिक्स यहां बता रहे हैं कि हेपेटाइटिस ए इन्फेक्शन में किस तरह के लक्षण दिखते हैं और उनके इलाज के लिए क्या सावधानियां बरती जा सकती है।
हेपेटाइटिस ए इन्फेक्शन के लक्षण
डॉ. अमित रस्तोगी का कहना है कि वैसे तो इसके लक्षण शुरू में नजर नहीं आते जिसकी वजह से पहचान करना मुश्किल हो जाता है। अगर लक्षण दिखाई भी देते हैं, तो वे आमतौर पर इन्फेक्शन के दो से छह हफ्ते बाद सामने आते हैं। इनमें बुखार, थकान, मल का रंग फीका होना, भूख कम लगना और गहरे रंग का पेशाब शामिल हो सकते हैं।
हेपेटाइटिस ए से बचाव कैसे करें?
क्योंकि हेपेटाइटिस ए दूषित भोजन, पानी या संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क से फैलता है, इसलिए स्वच्छता आदतें बनाए रखने से बहुत फर्क पड़ सकता है। भोजन करने से पहले अच्छी तरह हाथ धोना, उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी पीना और यह सुनिश्चित करना कि भोजन अच्छी तरह धोकर और पकाकर खाया जाए, बेहद महत्वपूर्ण है।
हेपेटाइटिस ए से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका टीकाकरण (Hepatitis A Vaccination) है। एक बाल रोग विशेषज्ञ के रूप में, हमारी सलाह है कि बच्चों को 12 महीने की उम्र में हेपेटाइटिस ए का पहला टीका और 18 से 19 महीने की उम्र में दूसरा डोज दी जाये । टीकाकरण बच्चों को लम्बे समय तक हेपेटाइटिस ऐ से सुरक्षित रखता है।“
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पेरेंट्स के लिए खास गाइड, ऐसे रखें बच्चों का ख्याल
अपोलो हॉस्पिटल्स, शेषाद्रिपुरम में पीडियाट्रिशियन और नियोनेटोलॉजिस्ट, कंसलटेंट, डॉक्टर रश्मि जीनाकेरी की माने तो कुछ खास बातों का ध्यान रखते हुए बच्चों को हेपेटाइटिस ए इन्फेक्शन से बचाया जा सकता है। आइए जानते हैं ये खास टिप्स:
माता-पिता को बच्चों में नियमित रूप से साबुन से हाथ धोने की आदत डालनी चाहिए, खासकर खाना खाने से पहले और शौचालय का इस्तेमाल करने के बाद।
बच्चों को दिया जाने वाला पानी और भोजन साफ, सुरक्षित और ताजा होना चाहिए। घर का बना पौष्टिक खाना खिलाने और अस्वच्छ जगहों का भोजन न खाने से भी संक्रमण का खतरा कम हो सकता है।
हेपेटाइटिस से बचाव के लिए वैक्सीनेशन यानी टीकाकरण भी बहुत जरूरी है। माता-पिता को अपने बच्चों को नियमित जांच के साथ टीकों के बारे में सलाह लेते रहना चाहिए।
सभी टीके सही समय पर लगवाने से लंबे समय के स्वास्थ्य जोखिमों को कम किया जा सकता है।
हेपेटाइटिस के जिन लक्षणों पर तुरंत ध्यान देना जरूरी है, उनमें बुखार, जी मिचलाना और पेट दर्द शामिल हैं।
इसके साथ पेशाब का रंग गहरा होना और आंखों व त्वचा का पीला पड़ना भी हो सकता है। इन लक्षणों की समय पर पहचान करके तुरंत डॉक्टर से सलाह ली जानी चाहिए।
इस वर्ल्ड हेपेटाइटिस डे पर रोजमर्रा की साफ-सफाई से जुड़ी आसान आदतें अपनाएं और बच्चे के टीकाकरण की टाइम टेबल का ध्यान रखें। इससे बच्चे के लिवर और पूरे स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है।