स्क्रीन टाइम ने बढ़ा दी है आंखों की परेशानी? 'कंप्यूटर विजन सिंड्रोम' से राहत देंगे ये 8 उपाय
आंखों का सही तरीके से बचाव किए बिना ही लंबे समय तक कंप्यूटर या डिजिटल डिवाइस का इस्तेमाल आंखों में थकान, सिरदर्द, धुंधलापन और ड्राई आइज जैसी समस्याओं ...और पढ़ें

कंप्यूटर विजन सिंड्रोम से बचने के 8 आसान तरीके (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
मॉनिटर से सही दूरी और उचित पोश्चर बनाए रखें
"20-20-20" नियम से आंखों को नियमित आराम दें
स्क्रीन ब्राइटनेस एडजस्ट करें और आंखों की जांच कराएं
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। डिजिटल आई स्ट्रेन या कंप्यूटर विजन सिंड्रोम आंखों से जुड़ी कई सारी समस्याओं का एक ग्रुप है और ऐसा लंबे समय तक कंप्यूटर, टैबलेट और मोबाइल फोन जैसे डिजिटल डिवाइस का इस्तेमाल करने से होता है।
सिंगापुर में साल 2015 में हुई स्टडी बताती है कि 16 साल से 30 साल के लोग कम से कम 3 से 4 घंटे अपने मोबाइल पर बिताते हैं। इसमें टीवी या कंप्यूटर स्क्रीन शामिल नहीं है। आंखों पर पड़ने वाले इस स्ट्रेन को दूर करने के कुछ सामान्य तरीकों को अपनाकर राहत पा सकते हैं।
मॉनिटर से रखें सही दूरी
कंप्यूटर स्क्रीन से कम से कम 25 से 28 इंच की दूरी बनाकर काम करें। स्क्रीन का लेवल आपकी आंखों से बस थोड़ा ही नीचे होना चाहिए। वहीं, उसका बीच का हिस्सा आंखों के लेवल से सिर्फ 10 से 15 डिग्री ही नीचे होना चाहिए।
आंखों के हो करीब
अगर आप प्रिंटेट मटेरियल का इस्तेमाल अपने काम में कर रहे हैं तो वह कीबोर्ड से ऊपर और मॉनिटर से नीचे होना चाहिए। इसके लिए आप क्लिपबोर्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं जोकि मॉनिटर के जितना करीब हो अच्छा है।
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कुर्सी और पोश्चर हो सही
एग्रोनॉमिक कुर्सी पर बैठें, जिससे शरीर आराम की पॉजिशन में हो। आपके पैर जमीन पर फ्लैट रखे होने चाहिए और हाथों को चेयर आर्म का सपोर्ट दें। आपकी कलाइयां टाइपिंग के दौरान कीबोर्ड पर रखी हुई नहीं होनी चाहिए।
स्क्रीन की ब्राइटनेस
कमरे की ब्राइटनेस के साथ ही अपने स्क्रीन की ब्राइटनेस को मैच करें। अगर आपके कंप्यूटर की स्क्रीन कमरे से ज्यादा ब्राइट होगी तो आंखों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। वैसे आप स्क्रीन ग्लेयर फिल्टर भी लगा सकते हैं। आंखों के आराम के हिसाब से स्क्रीन की ब्राइटनेस सेट करें।
आई ब्रेक लें
“20-20-20” के रूल को याद रखें, यानी हर 20 मिनट में आपको 20 फीट की दूरी पर 20 सेकंड के लिए देखें। जब तक स्क्रीन पर काम कर रहे हैं इस प्रक्रिया को दोहराते रहें। आप चाहें तो अपनी जगह से उठकर कुछ मिनट का वॉक भी कर सकते हैं।
ड्राई आइज से बचे रहें
यह डिजिटल आई स्ट्रेन को बढ़ाने का काम करती है। लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करते हुए एअर कंडीशनर या पंखे की सीधी हवा चेहरे पर पड़ने से आंखों में ड्राइनेस आ सकती है। इससे बचने के लिए डॉक्टर की सलाह पर आंखों को ल्युब्रिकेट करने वाले आई ड्रॉप का इस्तेमाल करें।
आंखें चेक कराते रहें
आंखों को किसी प्रकार की परेशानी से बचाने के लिए नियमित रूप से आंखों की जांच कराते रहें। स्ट्रेन को कम करने के लिए कंप्यूटर स्क्रीन के लिए खासतौर से तैयार किए गए क्लोज व्यू वाले आईवियर पहनें।