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रोज माउथवॉश करते हैं? तो इस्तेमाल से पहले जान लें इससे जुड़े 7 जरूरी फैक्ट्स

By Niharika PandeyEdited By: Harshita Saxena
Published: Thu, 20 Aug 2026 09:00 AM (IST)

रोजाना माउथवॉश इस्तेमाल करना सुरक्षित है लेकिन कौन-सा माउथवॉश लें और कौन-सा नहीं इसकी सही जानकारी आपको परेशानियां से बचा सकता है।

माउथवॉश के इस्तेमाल से पहले जानें 7 जरूरी बातें (Picture Credit- AI Generated)

माउथवॉश के इस्तेमाल से पहले जानें 7 जरूरी बातें (Picture Credit- AI Generated)

HighLights

  1. माउथवॉश ब्रशिंग और फ्लॉसिंग का विकल्प नहीं है

  2. केमिकल वाले माउथवॉश अच्छे बैक्टीरिया को भी मार सकते हैं

  3. सांसों की बदबू के लिए डेंटिस्ट की सलाह लेना बेहतर है

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। ब्रशिंग और फ्लॉसिंग के साथ माउथवॉश को डेली रूटीन में शामिल करने की सलाह डेंटिस्ट देते हैं। लेकिन इसके ज्यादा या फिर केमिकल से भरपूर माउथवॉश के इस्तेमाल से ड्राई माउथ या फिर टिशूज के सेंसिटिव हो जाने की समस्या भी हो सकती है। इस आर्टिकल में हम माउथवॉश से जुड़े ऐसे 7 फैक्ट्स के बारे में जानेंगे जो आपको बेहतर रिजल्ट पाने में मदद कर सकते हैं।

डेंटिस्ट भी नहीं हैं एकमत

कई डेंटिस्ट ब्रशिंग और फ्लॉसिंग के साथ माउथवॉश को भी जरूरी मानते हैं। इससे सहमत एक्सपर्ट्स का मानना है कि ब्रश और फ्लॉस मुंह के हर कोने में नहीं पहुंच पाते। जबकि माउथवॉश आपकी इस मुश्किल को चुटकियों में हल कर देता है। वहीं, कुछ डेंटिस्ट इसके इस्तेमाल को उतनी अहमियत नहीं देते।

ब्रशिंग को रिप्लेस नहीं करता

भले ही यह आपके मुंह के हाइजीन को मेंटेन रखता है, लेकिन यह ब्रशिंग का विकल्प नहीं है। माउथवॉश से कुल्ला भर कर लेना कीटाणुओं और प्लाक को हटाने के लिए काफी नहीं। लोग इस बात को लेकर कंफ्यूज रहते हैं और माउथवॉश को ही कम्प्लीट केयर मान लेते हैं।

सेंसेशन का मतलब असरदार होना नहीं

अगर माउथवॉश इस्तेमाल करते ही मुंह के अंदर जलन हो रही है तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह अपना काम बेहतर कर रहा है। माउथवॉश से होने वाली जलन अल्कोहल या उसमें एड किए गए फ्लेवर की वजह से हो सकता है।

गुड बैक्टीरिया भी मर जाते हैं

कुछ माउथवॉश में एंटीमाइक्रोबायल एजेंट होते हैं जोकि बैक्टीरिया को मारते हैं, लेकिन यह गुड या बैड बैक्टीरिया के बीच अंतर नहीं कर पाते। जबकि गुड बैक्टीरिया आपके मुंह की सेहत के लिए जरूरी माने जाते हैं।

लेबल जरूर पढ़ें

कोई भी माउथवॉश लेने से पहले यह चेक कर लें कि उसमें अल्कोहल और सोडियम लॉरेल सल्फेट या एसएलसी तो नहीं। ज्यादातर माउथ केयर प्रोडक्ट्स में ये दो तत्व पाए जाते हैं। ऐसा माउथवॉश देखें, जिसका अल्कलाइन पीएच हो और यह जितना ज्यादा होगा, मुंह की सेहत के लिए उतना ही बेहतर है।  

ब्लडप्रेशर पर असर

मुंह में ऐसे बैक्टीरिया भी मौजूद होते हैं जो भोजन से मिलने वाले नाइट्रेट्स को नाइट्रिक ऑक्साइड में बदल देते हैं। इससे ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में भी मदद मिलती है। वहीं लगातार ब्रॉड स्पेक्ट्रम वाले एंटीमाइक्रोबायल माउथवॉश इस्तेमाल करने से यह संतुलन बिगड़ सकता है। हालांकि, इस असंतुलन को सीधे माउथवॉश के इस्तेमाल से जोड़कर नहीं देखा जा सकता, अभी इस दिशा में रिसर्च जारी है।

समस्याएं सिर्फ छुपती हैं हटती नहीं

सांसों से बदबू आना मसूड़ों से जुड़ी बीमारी का संकेत हो सकता है और माउथवॉश करने से भले ही कुछ समय के लिए यह समस्या छुप जाए लेकिन जड़ से खत्म नहीं होती। ऐसा होने पर माउथवॉश इस्तेमाल करने की बजाय सबसे पहले डेंटिस्ट की सलाह लें।

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Disclaimer: लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो, तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।