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    हड्डियों को मजबूत करने वाला विटामिन-D बन सकता है किडनी और दिल का दुश्मन, डॉक्टर ने दी चेतावनी

    Updated: Wed, 24 Jun 2026 08:39 AM (IST)

    आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, बदलता लाइफस्टाइल और धूप से बढ़ती दूरी ने हम में से ज्यादातर लोगों को विटामिन-D की कमी का शिकार बना दिया है। ...और पढ़ें

    क्या आप भी धड़ल्ले से खा रहे हैं Vitamin-D सप्लीमेंट्स? (Image Source: AI-Generated)

    क्या आप भी धड़ल्ले से खा रहे हैं Vitamin-D सप्लीमेंट्स? (Image Source: AI-Generated)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आजकल जरा-सी थकान या कमजोरी महसूस होते ही लोग तुरंत विटामिन-D के सप्लीमेंट्स लेना शुरू कर देते हैं। धूप में कम निकलना और बिगड़े हुए लाइफस्टाइल के कारण इन गोलियों का चलन काफी बढ़ गया है।

    यह बिल्कुल सच है कि हड्डियों की मजबूती, अच्छी इम्युनिटी और बेहतर सेहत के लिए विटामिन-D बहुत जरूरी है, लेकिन क्या आपको पता है कि इसकी अधिकता आपकी सेहत के लिए बहुत बड़ा खतरा बन सकती है?

    जी हां, जिस तरह विटामिन-D की कमी शरीर को नुकसान पहुंचाती है, उसी तरह बिना डॉक्टरी सलाह के इसके सप्लीमेंट्स का जरूरत से ज्यादा सेवन भी आपकी सेहत बिगाड़ सकता है। आइए, फोर्टिस अस्पताल, शालीमार बाग के कंसल्टेंट-नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. भानु मिश्रा से समझते हैं इस गंभीर खतरे के बारे में।

    Vitamin d overdose

    (Image Source: AI-Generated)

    Vitamin-D की ओवरडोज आखिर खतरनाक क्यों है?

    जब हम अपनी मर्जी से सप्लीमेंट्स खाते हैं, तो शरीर में विटामिन-D का स्तर सामान्य से बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। मेडिकल भाषा में इसे 'विटामिन-डी टॉक्सिसिटी' या 'हाइपरविटामिनोसिस डी' कहा जाता है। एक बात हमेशा ध्यान रखें कि यह समस्या कभी भी धूप सेंकने या डाइट से नहीं होती, बल्कि केवल सप्लीमेंट्स की ओवरडोज से होती है।

    विटामिन-D का मुख्य काम हमारे शरीर में कैल्शियम को सोखना है, लेकिन जब विटामिन-D हद से ज्यादा हो जाता है, तो शरीर में कैल्शियम का स्तर भी असामान्य रूप से बढ़ जाता है। इस स्थिति को 'हाइपरकैल्सीमिया' कहते हैं और यही स्थिति कई गंभीर बीमारियों की जड़ है।

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    इन लक्षणों को कभी न करें नजरअंदाज

    विटामिन-D की ओवरडोज के लक्षण रातों-रात नहीं बल्कि धीरे-धीरे सामने आते हैं, इसलिए इन्हें पहचानना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। अगर आप सप्लीमेंट्स ले रहे हैं और आपको नीचे दी गई कोई भी समस्या महसूस हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें:

    • थकान और मांसपेशियों में कमजोरी: कैल्शियम की अधिकता के कारण आपकी मांसपेशियां कमजोर पड़ने लगती हैं और आप हमेशा थका हुआ महसूस करते हैं।
    • पेट की दिक्कतें और कब्ज: शरीर में बढ़ा हुआ कैल्शियम पाचन तंत्र को बिगाड़ देता है। इससे जी मचलाना, उल्टी आना, पेट दर्द और कब्ज की शिकायत हो सकती है।
    • बार-बार पेशाब आना और बहुत ज्यादा प्यास: बढ़े हुए कैल्शियम को किडनी शरीर से बाहर निकालने की कोशिश करती है। इससे आपको बार-बार पेशाब आता है और शरीर में पानी की कमी हो सकती है।
    • भूख और वजन में कमी: पाचन की समस्याओं और लगातार बीमार महसूस करने की वजह से भूख लगनी बंद हो सकती है, जिससे तेजी से वजन गिरने लगता है।
    • हड्डियों में दर्द: ज्यादा विटामिन-D हड्डियों को मजबूत करने के बजाय उनमें मौजूद कैल्शियम को ही बाहर निकालने लगता है, जिससे हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और दर्द रहने लगता है।
    • किडनी पर सीधा असर: कैल्शियम का स्तर लंबे समय तक ज्यादा रहे तो किडनी में पथरी बन सकती है। गंभीर मामलों में यह किडनी फेलियर का कारण भी बन सकता है।
    • दिल से जुड़ी बीमारियां: अगर स्थिति ज्यादा गंभीर हो जाए, तो यह आपके दिल की धड़कन को भी प्रभावित कर सकता है।

    vitamin d toxicity

    (Image Source: AI-Generated)

    विटामिन-डी के ओवरडोज से कैसे बचें?

    विटामिन-D की ओवरडोज से बचना बहुत आसान है, बस आपको इन जरूरी बातों का ध्यान रखना है:

    • डोज का सख्ती से पालन करें: डॉक्टर ने सप्लीमेंट्स की जो मात्रा और जितने दिनों का कोर्स तय किया है, केवल उतना ही लें। अपनी मर्जी से डोज बढ़ाने की गलती न करें।
    • बिना डॉक्टर से पूछे दवा न लें: अपनी मर्जी से कोई भी सप्लीमेंट न खाएं। सबसे पहले ब्लड टेस्ट करवाएं और डॉक्टर की सलाह लें। वे आपकी टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर सही डोज बताएंगे।
    • नेचुरल तरीकों को अपनाएं: अपने शरीर के लिए जरूरी विटामिन-D का ज्यादातर हिस्सा प्राकृतिक धूप से लेने की कोशिश करें। इसके अलावा अपनी डाइट में फैटी फिश, अंडे की जर्दी और फोर्टिफाइड दूध जैसी चीजों को शामिल करें।

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