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    सिर्फ वजन ही नहीं, फर्टिलिटी पर भी पड़ता है थायरॉइड की समस्या का गहरा असर

    Updated: Sun, 22 Feb 2026 09:12 AM (IST)

    भारत में थायरॉइड एक आम समस्या है, जो न केवल मोटापे का कारण बनती है बल्कि पुरुषों और महिलाओं दोनों की प्रजनन क्षमता को भी प्रभावित करती है। ...और पढ़ें

    थायरॉइड की समस्या बन सकती है माता-पिता बनने की राह में रुकावट (Image Source: Freepik)

    थायरॉइड की समस्या बन सकती है माता-पिता बनने की राह में रुकावट (Image Source: Freepik) 

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    संक्षेप में पढ़ें

    प्रेट्र, नई दिल्ली। हमारे देश में थायरॉइड एक बहुत ही आम स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है, जिससे एक बहुत बड़ी आबादी जूझ रही है। वैसे तो यह परेशानी महिलाओं में अधिक देखी जाती है, लेकिन कई पुरुष भी इस समस्या के शिकार होते हैं। शरीर में मोटापे का अचानक बढ़ना भी इसी के असंतुलन का एक मुख्य कारण है। सबसे अधिक ध्यान देने वाली बात यह है कि यह बीमारी केवल वजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिला और पुरुष, दोनों की प्रजनन क्षमता को भी बुरी तरह प्रभावित करती है।

    Thyroid and fertility

    (Image Source: Freepik) 

    गले में छिपी है शरीर के संतुलन की चाबी

    हमारे गले के निचले हिस्से में तितली के आकार की एक छोटी सी ग्रंथि होती है, जिसे थायरॉइड ग्रंथि कहा जाता है। दिखने में यह भले ही छोटी हो, लेकिन पूरे शरीर और विशेष रूप से प्रजनन तंत्र पर इसका बहुत गहरा प्रभाव होता है। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, यह ग्रंथि टी3 (T3) और टी4 (T4) नाम के हार्मोन बनाती है। ये दोनों हार्मोन हमारे शरीर की हर एक कोशिका की ऊर्जा और मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करने का अहम काम करते हैं।

    हॉर्मोन का कम या ज्यादा होना है खतरनाक

    जब यह ग्रंथि सही तरीके से काम करना बंद कर देती है, तो परेशानियां शुरू होती हैं। अगर यह ग्रंथि बहुत कम मात्रा में हॉर्मोन बनाती है (जिसे हाइपोथायरायडिज्म कहते हैं) या फिर बहुत ज्यादा मात्रा में हार्मोन बनाने लगती है (जिसे हाइपरथायरायडिज्म कहते हैं), तो शरीर का पूरा संतुलन बिगड़ जाता है। इसका सीधा और नकारात्मक असर महिलाओं और पुरुषों दोनों के माता-पिता बनने की क्षमता पर पड़ता है।

    महिलाओं की प्रजनन क्षमता पर गहरा असर

    महिलाओं के शरीर में थायरॉइड हॉर्मोन के असंतुलित होने से ओव्यूलेशन (अंडाशय से अंडे के बाहर निकलने की प्रक्रिया) में सीधा खलल पड़ता है। इस रुकावट के कारण महिलाओं को गर्भधारण करने में कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। अक्सर जो महिलाएं बार-बार गर्भपात (मिसकैरेज) या अनियमित मासिक धर्म (पीरियड्स) की परेशानी झेलती हैं, उनके पीछे भी थायरॉइड का अनियंत्रित स्तर एक बहुत बड़ा कारण होता है।

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    यह साफ है कि थायरॉइड को सिर्फ एक सामान्य हॉर्मोनल बीमारी समझना भूल होगी, यह एक गंभीर समस्या है जो इंसान के प्रजनन तंत्र को सीधे तौर पर प्रभावित करती है।

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