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    पैरों में बेचैनी और झनझनाहट हो सकती है Restless Legs Syndrome का इशारा, मामूली समझने की न करें गलती

    Updated: Sat, 28 Feb 2026 11:59 AM (IST)

    रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति को पैरों में अजीब-सी बेचैनी, झनझनाहट, खिंचाव या रेंगने जैसा एहसास होता है। ...और पढ़ें

    सिर्फ थकान नहीं, दिमाग से जुड़ा है Restless Legs Syndrome'; जानें कब डॉक्टर को दिखाना है जरूरी (Image Source: AI-Generated)

    सिर्फ थकान नहीं, दिमाग से जुड़ा है Restless Legs Syndrome'; जानें कब डॉक्टर को दिखाना है जरूरी (Image Source: AI-Generated) 

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    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप रात को बिस्तर पर लेटते ही पैरों में एक अजीब-सी झनझनाहट, खिंचाव या कुछ रेंगने जैसा महसूस करते हैं? क्या थोड़ा चलने-फिरने से आपको इस परेशानी में आराम मिलता है?

    अगर हां, तो यह कोई सामान्य थकान नहीं, बल्कि 'रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम' हो सकता है। गुड़गांव के न्यूरोमेट वेलनेस केयर के न्यूरोलॉजी डायरेक्टर, डॉ. भूपेश कुमार मनसुखानी के अनुसार, यह समस्या मुख्य रूप से आराम करते समय या रात में ज्यादा परेशान करती है।

    Restless leg syndrome

    (Image Source: Freepik) 

    आखिर क्यों होती है पैरों में यह हलचल?

    यह सिंड्रोम अक्सर हमारे न्यूरोलॉजिकल सिस्टम से जुड़ा होता है। हमारे शरीर की सभी गतिविधियों को हमारा दिमाग और नसें ही कंट्रोल करती हैं। हमारे दिमाग में 'डोपामिन' नाम का एक केमिकल होता है, जो मांसपेशियों की हरकतों को सही ढंग से चलाने में मदद करता है। जब दिमाग में इस रसायन का संतुलन बिगड़ जाता है, तो पैरों में यह अनियंत्रित हरकत और बेचैनी होने लगती है।

    Restless leg syndrome images

    (Image Source: Freepik) 

    अन्य बीमारियों से भी हो सकता है इसका कनेक्शन

    कई बार यह समस्या शरीर की अन्य गंभीर स्थितियों का संकेत भी हो सकती है। डॉक्टर बताते हैं कि यह पार्किंसंस डिजीज से जुड़ा हो सकता है, क्योंकि इस बीमारी में भी शरीर में डोपामिन की कमी हो जाती है। इसके अलावा, कुछ अन्य कारण भी इस बेचैनी से जुड़े हो सकते हैं:

    • शरीर में आयरन की कमी होना
    • न्यूरोपैथी की समस्या
    • रीढ़ की हड्डी में कोई दिक्कत

    रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है असर

    पैरों की इस लगातार दिक्कत के कारण व्यक्ति चैन की नींद नहीं सो पाता है। नींद पूरी न होने की वजह से कई अन्य समस्याएं जन्म लेने लगती हैं। इसकी वजह से दिन भर शरीर में थकान महसूस होना, स्वभाव में चिड़चिड़ापन आना और किसी भी काम में ध्यान लगाने में परेशानी होना आम बात है।

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    What is Restless leg syndrome

    (Image Source: Freepik) 

    कब जाएं डॉक्टर के पास और क्या है बचाव?

    अगर यह बेचैनी आपको बार-बार हो रही है, लंबे समय से बनी हुई है, या आपके परिवार में पहले किसी को भी न्यूरोलॉजिकल बीमारी रही है, तो आपको बिना देरी किए एक न्यूरोलॉजिस्ट से जांच करानी चाहिए। पैरों की इस लगातार बेचैनी को कभी भी नजरअंदाज न करें, क्योंकि यह शरीर का एक इशारा है कि आपके तंत्रिका तंत्र को देखभाल की जरूरत है।

    समय पर इस बीमारी की पहचान होने और सही इलाज से इन लक्षणों को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है। इससे राहत पाने के लिए कुछ जरूरी उपाय काफी मददगार साबित होते हैं:

    • शरीर में आयरन के स्तर की जांच कराना
    • डॉक्टर की सलाह से सही दवाओं का सेवन करना
    • अपनी दिनचर्या में नियमित व्यायाम को शामिल करना
    • समय पर और अच्छी नींद लेने की आदतें अपनाना

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