क्या आपको भी लगता है कि सब आपको ही देख रहे हैं? समझिए 'स्पॉटलाइट इफेक्ट' कैसे चुराता है आपका सुकून!
खुद को सेंटर ऑफ अट्रैक्शन समझना कोई खास बात नहीं, एक साइकोलॉजिकल कंडीशन है जिसपर ध्यान दिया जाना चाहिए। ...और पढ़ें

द स्पॉटलाइट इफेक्ट : जब दुनिया के केंद्र हम खुद को समझने लगें (Image Source: AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें लगता है कि इस दुनिया के सेंटर में वो खुद हैं, उन्हें हर समय यह भ्रम रहता है कि सबकी निगाहें उन्हीं पर टिकी हुई हैं। अगर आप भी इन्हीं में से एक हैं तो जान लीजिए कि ऐसा करना खुद को खास समझना या पॉजिटिव रखना बिल्कुल नहीं है, यह एक तरह की साइकोलॉजिकल कंडीशन है जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। इसे साइकोलॉजी की भाषा में द स्पॉटलाइट इफेक्ट कहा जाता है।
क्या है द स्पॉटलाइट इफेक्ट?
द स्पॉटलाइट इफेक्ट एक सोशल साइकोलॉजी का एक टर्म है जिसमें व्यक्ति खुद पर इतना गौर करता है कि उसे लगता है कि सब उसे ही देख रहे हैं। ठीक वैसे ही जैसे किसी फैशन के ईवेंट में किसी शख्स पर खास स्पॉटलाइट पड़ती है और वो अलग नजर आता है।
जान लेने वाली बात यह है कि इस तरह के स्पॉटलाइट इफेक्ट में व्यक्ति समझता है कि सिर्फ उसी की गलतियों को देखा जा रहा है यानी वह अपनी हर छोटी गलती के लिए असहज हो जाता है। इसमें टारगेट पर वो लोग होते हैं जिन्हें सोशल एंग्जायटी होती है।
स्पॉटलाइट इफेक्ट का प्रभाव
इससे दिनभर के काम पर असर पड़ता है और लोगों के आसपास भी सहज नहीं हो पाता। इसमें ज्यादातर समय व्यक्ति परेशान रहता है। इसे उदाहरण के तौर पर समझें तो मान लीजिए किसी दिन आप ऑफिस बगैर ठीक से बाल बनाए चले गए, ऐसे में आपको लगेगा कि सब आपको ही नोटिस कर रहे हैं। इसकी वजह से लोगों से दूर रहने या उनसे छिपने जैसी प्रवृति भी देखी जाती है।
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कैसे पहचानें?
किसी दिन नया आउटफिट पहनकर बाहर निकले और सारा दिन ऐसा ही लगता रहे कि सब लोग आपको ही नोटिस और जज कर रहे हैं। यह फीलिंग दिनभर सहज नहीं होने देती।
अपनी किसी आदत को लेकर भी ऐसा लग सकता है, जिसके चलते एंग्जायटी होना एक आम लक्षण है।
ऐसा लगना कि सब आपको ही देख रहे हैं और हर छोटी गलती पर ध्यान दे रहे हैं। यह संकेत बताता है कि कहीं न कहीं स्पॉटलाइट इफेक्ट के प्रभाव में हैं।
दिमाग में अतीत की बातें-बातें चलते रहना और अपनी हर बात पर ध्यान देना कि उस समय आपने क्या कहा था, यह ओवरथिंकिंग जितना नॉर्मल नहीं है।
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Disclaimer: लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो, तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।