क्या है 'एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट', जिससे 60 की उम्र में आमिर खान ने बिना जिम जाए घटाया 18 Kg वजन
बॉलीवुड एक्टर आमिर खान ने 60 साल की उम्र में 18 किलो वजन कम करके सभी को चौंका दिया है। उन्होंने बताया कि यह बदलाव किसी जिम रूटीन से नहीं, बल्कि एक खास ...और पढ़ें

60 की उम्र, 18 किलो वेट लॉस! बिना जिम आमिर खान ने कैसे किया यह कमाल? (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर हम सुनते हैं कि वजन घटाने के लिए घंटों जिम में पसीना बहाना पड़ता है और भारी कसरत करनी पड़ती है, लेकिन बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। मार्च में 61 साल के होने जा रहे आमिर खान अचानक अपने नए और स्लिम लुक में सामने आए हैं, जिसे देखकर हर कोई हैरान है।
उन्होंने खुलासा किया है कि उन्होंने 18 किलो वजन कम किया है, लेकिन इसके लिए उन्होंने जिम में कोई 'कड़ी मेहनत' नहीं की, बल्कि एक खास तरह की डाइट अपनाई जिसने उनके शरीर पर जादू की तरह काम किया। बता दें, इसे 'एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट' कहते हैं।
मजे की बात यह है कि आमिर अकेले नहीं हैं, साल 2024 में एक्ट्रेस विद्या बालन ने भी इसी फॉर्मूले से 'बिना एक्सरसाइज' के अपना वजन घटाकर सबको चौंका दिया था। आइए, सेलेब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर से मदद से इस डाइट के बारे में जानते हैं।

(Image Source: Freepik)
क्या है एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट?
आसान शब्दों में समझें, तो यह एक ऐसी डाइट है जिसे शरीर की अंदरूनी सूजन (Inflammation) को कम करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य वजन घटाना नहीं, बल्कि शरीर को अंदर से रिपेयर करना होता है। बता दें, इस डाइट में चीनी, मैदा, शराब, प्रोसेस्ड फूड और सूरजमुखी जैसे कुछ ऑयल्स से पूरी तरह परहेज करना होता है।
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आमिर खान ने बताया कि उन्होंने यह डाइट मुख्य रूप से अपनी पुरानी माइग्रेन की समस्या से राहत पाने के लिए शुरू की थी। उनके लिए यह डाइट जादू की तरह साबित हुई, क्योंकि इससे न सिर्फ उन्हें माइग्रेन से काफी राहत मिली, बल्कि बाय-प्रोडक्ट के रूप में उनका 18 किलो वजन भी कम हो गया।
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हमेशा बुरी नहीं होती इन्फ्लेमेशन
न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर का कहना है कि आजकल हर किसी को यह लगता है कि उनके शरीर में बहुत ज्यादा इन्फ्लेमेशन या सूजन है, लेकिन हकीकत यह है कि इन्फ्लेमेशन शरीर के लिए सामान्य है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जो शरीर को हील करने और टिश्यूज को रिपेयर करने में मदद करती है। इसलिए, आपके शरीर को इसकी जरूरत होती है।
समस्या तब आती है जब यह समय के साथ कम नहीं होती। जी हां, जरूरत के समय इन्फ्लेमेशन का बढ़ना और काम खत्म होने पर उसका शांत हो जाना जरूरी है। इसे कम करने के लिए कोई एक डाइट काम नहीं आती। इसे सिर्फ आपका पूरा लाइफस्टाइल ही मैनेज कर सकता है।
न्यूट्रिशनिस्ट का कहना है कि इन्फ्लेमेशन को कंट्रोल करने के लिए आपको इन 4 बातों का ध्यान रखना चाहिए:
खाने का सही तरीका
सबसे पहली और जरूरी बात यह है कि घर का बना खाना खाएं। ऐसी चीजें खाएं जिनका नाम आपकी अपनी भाषा में हो, न कि कोई फैंसी विदेशी नाम। खाने को सही समय पर खाएं। इसके अलावा, सबसे जरूरी बात यह है कि खाना खाते समय टीवी, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम को बंद रखें। खाने पर पूरा ध्यान देना बहुत जरूरी है।
समझदारी से एक्सरसाइज करें
रेगुलर एक्सरसाइज करना जरूरी है, लेकिन सही तरीके से। न्यूट्रिशनिस्ट का कहना है कि ऐसी एक्सरसाइज करें जिससे आपका शरीर रिकवर कर सके। ऐसा न सोचें कि आज ही इतनी ज्यादा कसरत कर लेंगे कि अगले तीन दिनों में पतले दिखने लगेंगे। ऐसा करने से आप पतले तो नहीं दिखेंगे, लेकिन अगले तीन दिनों के लिए 'बेड रेस्ट' पर जरूर चले जाएंगे। इसलिए वही व्यायाम करें जिसे आपका शरीर झेल सके और रिकवर कर सके।
उम्र का ख्याल रखें और नींद को दें प्राथमिकता
40 की उम्र में 20 साल के युवा जैसा बरताव न करें। देर रात तक जागना शरीर के लिए हानिकारक होता है। किशोरावस्था या 20 की उम्र में यह उतना नुकसान नहीं पहुंचाता, लेकिन 40, 50 और 60 की उम्र में यह शरीर के लिए बहुत हानिकारक है। इसलिए अपनी नींद को प्राथमिकता दें। अच्छी नींद ही आपको खुश और शांत रखेगी।
दूसरों की देखा-देखी न करें
आखिर में, सबसे जरूरी बात यह है कि इस बात पर बहुत ज्यादा ध्यान न दें कि आपके आस-पास के लोग क्या कर रहे हैं। वे कौन-सी डाइट फॉलो कर रहे हैं या वे क्या कह रहे हैं, इससे आपको फर्क नहीं पड़ना चाहिए। अपनी सेहत और अपनी जरूरतों पर ध्यान दें।