यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सुबह या शाम: किस समय एक्सरसाइज करने से कम होगा डायबिटीज का खतरा? ब्लड शुगर झट से हो जाएगा कंट्रोल
क्या आप जानते हैं कि आप किस समय एक्सरसाइज (Right Time to Exercise) करते हैं इसका आपकी सेहत पर काफी गहरा असर पड़ता है। खासकर ब्लड शुगर कंट्रोल करने में ...और पढ़ें

HighLights
- डायबिटीज का खतरा कम करने के लिए एक्सरसाइज करना जरूरी है
- एक्सरसाइज ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद करती है
- मॉडिरेट या विगरस एक्सरसाइज करने से सेहत को फायदा मिलता है
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए नियमित व्यायाम एक असरदार तरीका है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दिन के अलग-अलग समय (Best Time to Exercise) पर एक्सरसाइज करने का असर भी अलग हो सकता है? जी हां, अगर आपको डायबिटीज है या इंसुलिन रेजिस्टेंस ज्यादा है, तो शाम को एक्सरसाइज करना आपके लिए फायदेमंद है।
एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि शाम (Best Exercise Time for Blood Sugar) को एक्सरसाइज करने से ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में ज्यादा फायदा मिल सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो टाइप-2 डायबिटीज के खतरे में हैं या जिन्हें इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या है। आइए जानें इस बारे में पूरी डिटेल।
क्या कहती है स्टडी?
इस स्टडी में पाया गया कि शाम को मॉडरेट से हाई इंटेंसिटी वाली एक्सरसाइज करने से दिनभर का ब्लड शुगर लेवल कम होता है। यह फायदा खासतौर से वयस्कों में देखा गया, जिनका वजन ज्यादा है, मोटापे से ग्रस्त है या ज्यादातर समय बैठे रहने वाली लाइफस्टाइल जीते हैं। रिसर्चर्स ने पाया कि शाम के समय की गई एक्सरसाइज इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाने और रातभर ब्लड शुगर को स्टेबल रखने में मदद करती है।
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क्यों शाम का समय ज्यादा फायदेमंद है?
- इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार- शाम को हमारा मेटाबॉलिज्म धीमा होने लगता है, खासकर अगर हम पूरे दिन एक्टिव नहीं रहे हैं। ऐसे में शाम को एक्सरसाइज करने से शरीर की इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ती है, जिससे ग्लूकोज का इस्तेमाल बेहतर तरीके से होता है।
- डिनर के बाद ब्लड शुगर स्पाइक को कंट्रोल करना- ज्यादातर लोगों का डिनर दिन के सबसे बड़े मील्स में से एक होता है, जिसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा भी ज्यादा हो सकती है। शाम को एक्सरसाइज करने से पोस्ट-मील ब्लड शुगर स्पाइक को कम करने में मदद मिलती है।
- रातभर ब्लड शुगर को स्थिर रखना- रात को सोते समय ब्लड शुगर लेवल अचानक बढ़ या घट सकता है। शाम के समय एक्सरसाइज करने से लिवर और मांसपेशियों में ग्लूकोज का स्टोरेज बेहतर होता है, जिससे रात में ब्लड शुगर ज्यादा स्टेबल रहता है।
किस तरह की एक्सरसाइज करें?
स्टडी के मुताबिक मॉडिरेट या विगरस एक्सरसाइज करना ज्यादा फायदेमंद होता है।
खबरें और भी
- वॉकिंग या जॉगिंग करें। 30-45 मिनट की ब्रिस्क वॉक या रनिंग करें।
- स्ट्रेंथ ट्रेनिंग वेट लिफ्टिंग या बॉडीवेट एक्सरसाइज, जैसे- पुश-अप्स, स्क्वैट्स आदि।
- योग और स्ट्रेचिंग यह तनाव कम करके ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करता है।
- साइकिलिंग या स्विमिंग कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ के लिए बेहतरीन ऑप्शन।
ये बातें भी हैं जरूरी
समय के साथ-साथ इस बात का ध्यान रखना भी जरूरी है कि आप नियमित रूप से एक्सरसाइज करें और अपने डॉक्टर या फिटनेस एक्सपर्ट से सलाह लेकर ही अपना रूटीन सेट करें। इसके अलावा, इस बात का भी ध्यान रखें कि डायबिटीज के मरीजों को एक्सरसाइज से पहले और बाद में अपना ब्लड शुगर चेक करना चाहिए, ताकि हाइपोग्लाइसीमिया यानी लो ब्लड शुगर से बचा जा सके।