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    सावधान! हर दर्द का इलाज फिजियोथेरेपी नहीं, डॉक्टर ने बताया कब हो सकती है खतरनाक

    Updated: Sat, 04 Apr 2026 07:00 AM (IST)

    आजकल लोग हर तरह के दर्द के लिए फिजियोथेरेपी का सहारा लेते हैं, लेकिन डॉ. दीपक कुमार चेतावनी देते हैं कि यह हर दर्द का इलाज नहीं है। ...और पढ़ें

    फिजियोथेरेपी कब असरदार है और कब जोखिम भरी? (Image Source: AI-Generated)

    फिजियोथेरेपी कब असरदार है और कब जोखिम भरी? (Image Source: AI-Generated) 

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आजकल शरीर में दर्द होते ही बहुत से लोग सीधे फिजियोथेरेपी का सहारा लेने लगते हैं। गर्दन, पीठ, कंधे या घुटनों में दर्द होने पर बिना डॉक्टर से सलाह लिए फिजियोथेरेपी शुरू करना एक आम ट्रेंड बन चुका है।

    हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि हर तरह के दर्द का इलाज फिजियोथेरेपी नहीं है। कुछ स्थितियों में यह लाभ की बजाय नुकसान भी पहुंचा सकती है। आइए, आस्था हॉस्पिटल, दिल्ली में कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक सर्जन, डॉ. दीपक कुमार से डिटेल में जानते हैं इस बारे में।

    Physiotherapy for back pain risks

    (Image Source: AI-Generated) 

    क्या फिजियोथेरेपी ही हर दर्द का इलाज है?

    फिजियोथेरेपी मुख्य रूप से मांसपेशियों, जोड़ों और नसों से जुड़े दर्द या चोट के उपचार में मददगार होती है। जैसे कि मांसपेशियों में खिंचाव, स्पोर्ट्स इंजरी, पोस्ट-सर्जरी रिकवरी या लंबे समय तक गलत तरीके से बैठने से होने वाला दर्द। इन मामलों में सही एक्सरसाइज और थेरेपी से दर्द में राहत मिलती है और शरीर की मूवमेंट बेहतर होती है, लेकिन जब दर्द का कारण अंदरूनी बीमारी या गंभीर समस्या हो, तब केवल फिजियोथेरेपी पर निर्भर रहना खतरनाक साबित हो सकता है।

    फिजियोथेरेपी की जल्दबाजी पड़ सकती है भारी

    अगर दर्द अचानक और बहुत तेज हो या इसके साथ बुखार, सूजन, कमजोरी, सुन्नपन या वजन कम होना जैसे लक्षण दिखाई दें, तो यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। ऐसे में, फिजियोथेरेपी शुरू करने से पहले पूरी जांच जरूरी है। उदाहरण के लिए, हड्डी का फ्रैक्चर, इन्फेक्शन, ट्यूमर या नसों पर दबाव जैसी स्थितियों में गलत तरीके से की गई फिजियोथेरेपी समस्या को और बढ़ा सकती है।

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    Side effects of physiotherapy

    (Image Source: AI-Generated)

    कहीं आपकी एक्सरसाइज ही तो नहीं बढ़ा रही दर्द?

    इसके अलावा, हार्ट डिजीज, ऑस्टियोपोरोसिस या स्लिप डिस्क जैसी समस्याओं में भी बिना विशेषज्ञ की सलाह के फिजियोथेरेपी करना जोखिम भरा हो सकता है। कई बार लोग इंटरनेट या आसपास की सलाह के आधार पर एक्सरसाइज करने लगते हैं, जिससे चोट और गंभीर हो सकती है। इसलिए यह जरूरी है कि दर्द की असली वजह को समझा जाए और उसी के अनुसार इलाज चुना जाए।

    याद रखें, हर दर्द एक जैसा नहीं होता

    डॉक्टर सलाह देते हैं कि किसी भी तरह के लगातार या असामान्य दर्द को नजरअंदाज न करें। पहले सही जांच करवाएं और फिर विशेषज्ञ की निगरानी में ही फिजियोथेरेपी शुरू करें। सही समय पर सही उपचार न केवल दर्द से राहत दिलाता है, बल्कि भविष्य में होने वाली जटिलताओं से भी बचाता है।

    इसलिए अगली बार जब शरीर में दर्द हो, तो जल्दबाजी में फिजियोथेरेपी शुरू करने के बजाय पहले डॉक्टर से सलाह लें। याद रखें, हर दर्द एक जैसा नहीं होता और हर दर्द का इलाज भी एक जैसा नहीं होता। सही जानकारी और सावधानी ही आपको सुरक्षित रख सकती है।

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