वर्कआउट के बाद हो रहा मसल्स में दर्द? ऑर्थोपेडिक सर्जन ने बताया कब है नॉर्मल और कब चिंता की बात
ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. दीपक कुमार का कहना है कि वर्कआउट के बाद मांसपेशियों में होने वाले दर्द को 'डिलेड ऑनसेट मसल सोरनेस' (DOMS) कहते हैं। ...और पढ़ें

वर्कआउट के बाद मांसपेशियों में दर्द क्यों होता है? (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर जब हम वर्कआउट करना शुरू करते हैं या अपनी रेगुलर एक्सरसाइज में बदलाव करते हैं, तो अगले दिन शरीर में दर्द होने लगता है। अगर आप इस दर्द से घबरा जाते हैं, तो आपको बता दें कि यह एक बिल्कुल सामान्य बात है।
मेडिकल भाषा में इस दर्द को 'डिलेड ऑनसेट मसल सोरनेस' कहा जाता है। आस्था हॉस्पिटल, दिल्ली में कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक सर्जन, डॉ. दीपक कुमार का कहना है कि यह दर्द कसरत करने के तुरंत बाद नहीं होता, बल्कि 12 से 24 घंटे बाद शुरू होता है और 48 से 72 घंटों तक बना रह सकता है। असल में, यह इस बात का सबूत है कि आपका शरीर नई मेहनत के हिसाब से खुद को ढाल रहा है। आइए, डिटेल में समझते हैं इस बारे में।

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मांसपेशियों में क्यों होता है दर्द?
डॉ. दीपक कहते हैं, जब आप अचानक कोई भारी व्यायाम करते हैं, तो आपके मसल फाइबर्स में बहुत ही बारीक टूट-फूट या 'माइक्रो-टियर्स' आ जाते हैं। यह कोई गंभीर चोट नहीं है, बल्कि मांसपेशियों के विकास का एक प्राकृतिक और जरूरी हिस्सा है। जब ये सूक्ष्म दरारें बनती हैं, तो शरीर इनकी मरम्मत के लिए उस हिस्से में खून का बहाव तेज कर देता है। मरम्मत की इसी प्रक्रिया के कारण हमें हल्की सूजन और दर्द महसूस होता है। जब ये मांसपेशियां पूरी तरह से ठीक हो जाती हैं, तो वे पहले से कहीं ज्यादा मजबूत बन जाती हैं।
लैक्टिक एसिड का भ्रम और सच्चाई
ज्यादातर लोगों का मानना है कि वर्कआउट के बाद होने वाले दर्द का कारण शरीर में 'लैक्टिक एसिड' का जमा होना है, लेकिन डॉक्टर के अनुसार यह बात पूरी तरह सही नहीं है। एक्सरसाइज के दौरान शरीर में लैक्टिक एसिड जरूर बनता है, लेकिन यह कुछ ही घंटों के भीतर शरीर से बाहर निकल जाता है। चूंकि, दर्द एक या दो दिन बाद शुरू होता है, इसलिए इसका असली कारण लैक्टिक एसिड नहीं, बल्कि मांसपेशियों में आई वही सूक्ष्म टूट-फूट और सूजन ही है।
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दर्द कब ज्यादा होता है और कब सावधान होना चाहिए?
कुछ खास स्थितियों में यह दर्द ज्यादा महसूस हो सकता है, जैसे:
- अचानक से बहुत भारी वजन उठा लेना।
- लंबे अंतराल के बाद दोबारा कसरत शुरू करना।
- सीढ़ियां चढ़ने-उतरने जैसी मूवमेंट्स करना।
कसरत के बाद हल्का दर्द होना सामान्य है, लेकिन अगर दर्द असहनीय हो, बहुत ज्यादा सूजन आ जाए या आपको शरीर का वह हिस्सा हिलाने में भी दिक्कत होने लगे, तो सावधान हो जाएं, क्योंकियह किसी अंदरूनी चोट का इशारा हो सकता है।
दर्द से राहत पाने के असरदार तरीके
इस दर्द को कम करने और रिकवरी को तेज करने के लिए आप कुछ आसान तरीके अपना सकते हैं:
- कसरत शुरू करने से पहले शरीर को वार्म-अप करें और अंत में कूल-डाउन जरूर करें।
- वर्कआउट के बाद शरीर की हल्की स्ट्रेचिंग करें।
- मांसपेशियों की अच्छी रिकवरी के लिए पर्याप्त पानी पिएं और संतुलित आहार लें।
- शरीर को भरपूर आराम दें।
सबसे अहम बात यह है कि अपनी कसरत की तीव्रता या वजन हमेशा धीरे-धीरे बढ़ाएं ताकि आपकी मांसपेशियां सुरक्षित तरीके से उस मेहनत की आदी हो सकें।