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    शुगर रिपोर्ट नॉर्मल है? फिर भी हो सकता है 'इंसुलिन रेजिस्टेंस' का खतरा, ऐसे करें पहचान

    Updated: Sun, 22 Mar 2026 10:52 AM (IST)

    अक्सर सामान्य ब्लड शुगर रिपोर्ट के बावजूद इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा हो सकता है, जो भविष्य में गंभीर बीमारियों का संकेत है। ...और पढ़ें

    शुगर रिपोर्ट 'नॉर्मल' आने का मतलब यह नहीं कि आप हेल्दी हैं (Image Source: AI-Generated)

    शुगर रिपोर्ट 'नॉर्मल' आने का मतलब यह नहीं कि आप हेल्दी हैं (Image Source: AI-Generated) 

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    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर हम अपनी ब्लड शुगर रिपोर्ट में 'फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज' (FBG) और 'HbA1C' के स्तर को सामान्य देखकर बेफिक्र हो जाते हैं। हमें लगता है कि हमारी सेहत बिल्कुल ठीक है, लेकिन अपोलो हॉस्पिटल के सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार कहते हैं कि तस्वीर इससे कहीं ज्यादा बड़ी हो सकती है।

    आपकी रिपोर्ट सामान्य होने के बावजूद आपके शरीर के भीतर 'इंसुलिन रेजिस्टेंस' की समस्या पनप सकती है, जो भविष्य में गंभीर बीमारियों का संकेत है।

    Insulin Resistance symptoms

    (Image Source: AI-Generated) 

    अगर HbA1C लेवल 5.7 से ज्यादा है, तो संभल जाएं

    डायबिटीज होने से पहले शरीर 'प्री-डायबिटीज' के स्टेज से गुजरता है। अगर आपकी फास्टिंग शुगर 100 से 125 mg/dL के बीच है या आपका HbA1C लेवल 5.7 से 6.4 के बीच आता है, तो इसे प्री-डायबिटीज माना जाता है। इस स्थिति में रहने वाले लोगों को भविष्य में टाइप-2 डायबिटीज और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है।

    क्या है इंसुलिन रेजिस्टेंस?

    इंसुलिन रेजिस्टेंस एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन हार्मोन के प्रति सही प्रतिक्रिया नहीं दे पातीं। चौंकाने वाली बात यह है कि यह समस्या तब भी मौजूद हो सकती है जब आपकी शुगर रिपोर्ट (FBG और HbA1C) पूरी तरह सामान्य दिख रही हो। इसलिए, केवल शुगर लेवल की जांच सेहत का पूरा पैमाना नहीं है।

    इसे कैसे करें कैलकुलेट?

    इंसुलिन रेजिस्टेंस का पता लगाने के लिए कुछ खास तरीके और फॉर्मूले अपनाए जाते हैं:

    • HOMA-IR: यह इंसुलिन रेजिस्टेंस मापने का सबसे प्रमुख तरीका है। इसके लिए 'फास्टिंग सीरम इंसुलिन' और 'फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज' की वैल्यू की जरूरत होती है। अगर आपका HOMA-IR स्कोर 2 से अधिक आता है, तो यह इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत है।
    • TG/HDL अनुपात: आपके कोलेस्ट्रॉल की रिपोर्ट में मौजूद ट्राइग्लिसराइड (TG) और एचडीएल (HDL) का अनुपात भी बहुत कुछ बताता है। अगर यह अनुपात 2 से ज्यादा है, तो इसे इंसुलिन रेजिस्टेंस का एक मार्कर माना जाता है।
    • TyG इंडेक्स: ट्राइग्लिसराइड ग्लूकोज (TyG) इंडेक्स का 4.7 से ज्यादा होना भी यह दर्शाता है कि शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या शुरू हो चुकी है।

    डॉक्टर की सलाह

    अगर आपके ब्लड टेस्ट में इंसुलिन रेजिस्टेंस के लक्षण दिखते हैं, तो घबराने के बजाय सही कदम उठाना जरूरी है। सबसे पहले अपने डॉक्टर और एक अच्छे डाइटिशियन से सलाह लें।

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    अच्छी बात यह है कि लाइफस्टाइल में बदलाव करके इसे काफी हद तक ठीक किया जा सकता है। एक हेल्दी और बैलेंस डाइट, रोजाना रेगुलर एक्सरसाइज और वजन को कंट्रोल रखकर इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारा जा सकता है।

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