गर्मी आते ही शरीर में क्यों होने लगती है थकान और सुस्ती? डॉक्टर ने बताया कैसे रखें खुद को एनर्जेटिक
गर्मी के मौसम में शरीर में थकान और सुस्ती महसूस होना आम है। शरीर को तापमान सामान्य रखने में ज्यादा एनर्जी लगती है, जिससे डिहाइड्रेशन और थकावट होती है। ...और पढ़ें

गर्मी में थकान और सुस्ती क्यों होती है (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
शरीर को ठंडा रखने में अधिक ऊर्जा खर्च होती है
पसीने से डिहाइड्रेशन और सेरोटोनिन की कमी होती है
हाइड्रेटेड रहें, नियमित नींद लें, हल्का भोजन करें
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। इन दिनों मौसम ने जरूर पलटी मारी है, लेकिन यह भी सच है कि गर्मी का सीजन शुरू हो चुका है और गर्मियां आते ही अक्सर बहुत थकान महसूस होने लगती है? आपने कभी गौर किया है कि इस सीजन में अक्सर बिना काम किए ही बहुत थकान महसूस होती है।
असल में, मौसम का बदलना सिर्फ हमारे कपड़ों और रूटीन पर ही असर नहीं डालता, बल्कि यह हमारे शरीर के अंदर भी कई तरह के बदलाव लाता है। आइए मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (शालीमार बाग) में इंटरनल मेडिसिन के सीनियर डायरेक्टर डॉ. विनीत अरोरा से जानते हैं कि मौसम के बदलने पर हमारा शरीर इतना थका और हारा क्यों महसूस करता है और इससे कैसे बचें।
गर्मी बढ़ते ही क्यों थकने लगता है शरीर?
जब बाहर का तापमान बढ़ता है, तो हमारा शरीर को अपने तापमान को सामान्य बनाए रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। शरीर की इस कूलिंग प्रोसेस (थर्मोरेगुलेशन) को करने में हमारी काफी एनर्जी खर्च हो जाती है।
साथ ही गर्मी में पसीना ज्यादा आता है, जिससे शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन होने लगता है। ऐसे में अगर हम पर्याप्त पानी न पिएं, तो यही पानी की कमी हमें दिन भर थका हुआ और किसी काम में मन न लगने का अहसास कराती है। इसके अलावा इससे सिरदर्द की समस्या भी होती है।
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ठंड और बादलों का मूड पर असर
इतना ही नहीं अचानक से ठंड बढ़ने या कई दिनों तक बादल छाए रहने से भी हमारे शरीर और दिमाग दोनों पर पड़ता है। जब हमें पर्याप्त धूप नहीं मिलती, तो हमारे शरीर में 'सेरोटोनिन' (Serotonin) नाम के केमिकल का लेवल गिर जाता है।
यह वही केमिकल है, जो हमारे मूड को अच्छा और हमें एक्टिव रखता है। इसके कम होने से लोग अक्सर बिना किसी कारण के उदास, सुस्त और चिड़चिड़ा महसूस करते हैं।
उमस और सूखी हवा भी है वजह
इन दिनों वातावरण में मौजूद उमस भी एक बड़ा कारण है, जिसे हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। उमस वाले दिनों में हमारा पसीना आसानी से सूखता नहीं है, जिससे शरीर खुद को ठंडा नहीं कर पाता।
इसका नतीजा यह होता है कि हमें लगातार भारीपन और थकान लगती है। वहीं दूसरी ओर, बहुत ज्यादा सूखी हवा हमारी नींद खराब कर सकती है, जिससे अगली सुबह उठने पर भी ताजगी का अहसास नहीं होता।
हवा के दबाव (Air Pressure) का असर
इसके अलावा हवा के दबाव में होने वाले बदलाव का असर ऑक्सीजन के लेवल पर भी पड़ता है। इसके कारण कुछ लोगों को हल्की-सी सांस लेने में तकलीफ या बेचैनी हो सकती है, जो हमारी थकान को और ज्यादा बढ़ा देती है।
साथ ही जिन लोगों को पहले से ब्लड प्रेशर, सांस, दिल की बीमारी या थायरॉइड की समस्या है, उन्हें मौसम के यह बदलाव और ज्यादा परेशान कर सकते हैं।

(Picture Credit- AI Generated)
कैसे करें इससे बचाव?
मौसम की मार से बचने और खुद को एनर्जेटिक रखने के लिए कुछ आसान टिप्स अपनाएं:
- दिन भर खुद को हाइड्रेटेड रखें।
- एक नियमित स्लीप रूटीन फॉलो करें।
- हैवी फूड्स खाने के बजाय पौष्टिक और पचने में आसान भोजन लें।
- दोपहर की चिलचिलाती धूप में बाहर जाने से बचें।
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