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    क्यों कुछ लोगों को आइसक्रीम खाते ही सिर में होने लगता है तेज दर्द? समझें 'ब्रेन फ्रीज' का सच

    Updated: Thu, 18 Jun 2026 06:00 PM (IST)

    इस आर्टिकल में डॉक्टर ने आइसक्रीम खाने के बाद होने वाले 'ब्रेन फ्रीज' का वैज्ञानिक कारण समझाया है। ...और पढ़ें

    ठंडी आइसक्रीम का पहला बाइट और सिर में बिजली-सा दर्द? (Image Source: AI-Generated)

    ठंडी आइसक्रीम का पहला बाइट और सिर में बिजली-सा दर्द? (Image Source: AI-Generated) 

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। गर्मियों का मौसम हो और ठंडी-ठंडी आइसक्रीम का जिक्र न हो, ऐसा तो हो ही नहीं सकता है। बच्चों से लेकर बड़ों तक, सभी को आइसक्रीम खाना बहुत पसंद होता है, लेकिन क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आइसक्रीम की बड़ी बाइट लेते ही आपके सिर में अचानक बहुत तेज दर्द उठ गया हो?

    अगर हां, तो घबराइए नहीं, आप अकेले नहीं हैं जिनके साथ ऐसा होता है। आइए, दिल्ली के मैक्योर एंड आस्था हॉस्पिटल के जनरल फिजिशियन डॉ. प्रतीक कुमार से जानते हैं इसके पीछे की कुछ वजहों के बारे में।

    ice cream

    (Image Source: AI-Generated) 

    क्या है 'ब्रेन फ्रीज'?

    आम बोलचाल की भाषा में इस अचानक उठने वाले दर्द को "ब्रेन फ्रीज" या "आइसक्रीम हेडेक" कहा जाता है। यह दर्द कुछ ही सेकंड से लेकर एक या दो मिनट तक रहता है और फिर अपने आप ही गायब हो जाता है। अच्छी बात यह है कि यह बिल्कुल भी खतरनाक नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बेहद दिलचस्प वैज्ञानिक कारण काम करता है।

    आखिर सिर में दर्द होता क्यों है?

    जब हम बहुत तेजी से कोई ठंडी चीज जैसे आइसक्रीम खाते हैं या कोल्ड ड्रिंक पीते हैं, तो हमारे मुंह के ऊपरी हिस्से यानी तालू और गले के पिछले हिस्से का तापमान अचानक गिर जाता है।

    हमारा शरीर इस अचानक हुए बदलाव को तुरंत भांप लेता है। इसके कारण वहां मौजूद ब्लड वेसल्स पहले सिकुड़ती हैं और फिर बहुत तेजी से फैलती हैं। रक्त वाहिकाओं में होने वाले इसी अचानक बदलाव से दर्द के सिग्नल पैदा होते हैं, जो हमें सिर के अगले हिस्से में तेज दर्द के रूप में महसूस होते हैं।

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    ट्राइजेमिनल नर्व का कनेक्शन

    इस पूरी प्रक्रिया में 'ट्राइजेमिनल नर्व' नाम की एक अहम नर्व का बहुत बड़ा रोल होता है। इसका काम हमारे चेहरे और सिर की संवेदनाओं को दिमाग तक पहुंचाना है। जब मुंह का ऊपरी हिस्सा बहुत ज्यादा ठंडा हो जाता है, तो यह नर्व एक्टिव हो जाती है और हमारा दिमाग इस अचानक आई ठंडक को एक तेज सिरदर्द समझने लगता है।

    माइग्रेन के मरीजों को है ज्यादा खतरा

    जिन लोगों को माइग्रेन की समस्या होती है, उन्हें 'आइसक्रीम हेडेक' होने की संभावना ज्यादा होती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि उनकी नसें और तंत्रिकाएं तापमान में होने वाले बदलावों को लेकर ज्यादा संवेदनशील होती हैं। हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि यह दर्द माइग्रेन से बिल्कुल अलग होता है और बहुत जल्दी ठीक भी हो जाता है।

    दर्द उठ जाए, तो तुरंत क्या करें?

    वैसे तो यह सिरदर्द कुछ ही मिनटों में अपने आप चला जाता है, लेकिन अगर आपको तुरंत राहत चाहिए, तो एक आसान-सा नुस्खा आजमा सकते हैं- अपनी जीभ को तालू पर लगाएं या फिर धीरे-धीरे सांस लें। इससे उस ठंडे हिस्से को दोबारा गर्म होने में मदद मिलेगी और आपको दर्द से तुरंत राहत मिल जाएगी।

    कैसे बचें इस 'आइसक्रीम हेडेक' से?

    इस दर्द से बचने का सबसे आसान तरीका यह है कि ठंडी चीजों का मजा आराम से लें। बड़े-बड़े कौर लेने या तेजी से ठंडी चीजें निगलने से हमेशा बचना चाहिए। धीरे-धीरे खाने से आपके मुंह और गले को तापमान के बदलाव के हिसाब से खुद को ढालने का वक्त मिल जाता है और सिरदर्द की संभावना कम हो जाती है।

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