पहाड़ों पर रहने वालों को डायबिटीज का खतरा कम, शरीर का यह एक बदलाव खुद कंट्रोल रखता है शुगर लेवल
एक नई रिसर्च से पता चला है कि ज्यादा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में डायबिटीज का खतरा काफी कम होता है। ...और पढ़ें

वैज्ञानिकों ने बताया क्यों पहाड़ों पर रहने वालों को कम होता है डायबिटीज का खतरा (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
एएनआई, नई दिल्ली। अगर आप पहाड़ों या हाई एल्टीट्यूड वाले इलाकों में रहते हैं, तो आपके लिए एक बेहद अच्छी खबर है। एक नए अध्ययन से यह साबित हुआ है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में डायबिटीज होने का खतरा काफी कम होता है... लेकिन ऐसा क्यों है? विज्ञानियों ने आखिरकार इस दिलचस्प रहस्य से पर्दा उठा दिया है। आइए जानते हैं।

(Image Source: Freepik)
रेड ब्लड सेल्स बन जाते हैं 'शुगर स्पंज'
ग्लैडस्टोन इंस्टीट्यूट के विज्ञानियों के अनुसार, जब हम अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर होते हैं, तो वहां वातावरण में ऑक्सीजन की कमी होती है। इस कम ऑक्सीजन से निपटने के लिए हमारे शरीर के रेड ब्लड सेल्स अपने काम करने के तरीके में एक बड़ा बदलाव लाते हैं। ये सेल्स एक 'शुगर स्पंज' की तरह काम करने लगते हैं और ब्लड फ्लो से भारी मात्रा में ग्लूकोज को तेजी से सोखना शुरू कर देते हैं।
शरीर को मिलते हैं दोहरे फायदे
कोशिकाओं में होने वाला यह बदलाव शरीर के लिए 'एक तीर से दो निशाने' जैसा काम करता है:
- ऑक्सीजन की बेहतर सप्लाई: यह प्रक्रिया कोशिकाओं को इस बात के लिए सक्षम बनाती है कि वे कम ऑक्सीजन वाले माहौल में भी शरीर के टिश्यूज तक कुशलता से ऑक्सीजन पहुंचा सकें।
- ब्लड शुगर में कमी: खून से बड़ी मात्रा में ग्लूकोज के अवशोषित हो जाने के कारण, शरीर में ब्लड शुगर का सर्कुलेशन अपने आप कम हो जाता है। शुगर के स्तर में यही गिरावट डायबिटीज के खतरे को कम करने का मुख्य कारण है।
बरसों पुराने वैज्ञानिक सवाल का मिला जवाब
यह महत्वपूर्ण शोध 'सेल मेटाबॉलिज्म' नामक जर्नल में प्रकाशित किया गया है। इस अध्ययन से जुड़ीं वरिष्ठ शोधकर्ता ईशा जैन का कहना है कि इस खोज ने शरीर विज्ञान के एक ऐसे लंबे समय से चले आ रहे सवाल का सटीक समाधान कर दिया है, जिसका जवाब विज्ञानी काफी समय से ढूंढ रहे थे।