Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    महिलाओं में 30-40 की उम्र में क्यों बढ़ रहा है कैंसर का जोखिम? डॉक्टर ने बताए कारण

    Updated: Tue, 03 Feb 2026 02:01 PM (IST)

    हाल के वर्षों में 40 साल से कम उम्र की महिलाओं में कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं, जिनमें ब्रेस्ट, कोलोरेक्टल और सर्वाइकल कैंसर प्रमुख हैं। मोटापा, खराब ज ...और पढ़ें

    क्यों महिलाओं में बढ़ रहे हैं कैंसर के मामले? (Picture Courtesy: Freepik)

    क्यों महिलाओं में बढ़ रहे हैं कैंसर के मामले? (Picture Courtesy: Freepik)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। कैंसर को अक्सर बढ़ती उम्र की बीमारी माना जाता रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में डॉक्टरों ने एक चौंकाने वाला बदलाव देखा है। 40 साल से कम उम्र की महिलाओं में कैंसर के मामले धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं। हालांकि, बुजुर्गों की तुलना में इस आयु वर्ग में जोखिम अब भी कम है, लेकिन बदलता ट्रेंड चिंता का विषय है। 

    ऐसे में इस बीमारी के खतरे को कम करने के लिए इसके पीछे के कारणों को समझना जरूरी है, ताकि समय पर पहचान करके बीमारी का बेहतर इलाज किया जा सके। आइए जानें इस बारे में डॉ. एस.एम शोएब ज़ैदी (प्रिंसिपल डायरेक्टर एंड यूनिट हेड- सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, मैक्स सुपर स्पेशेलिटी हॉस्पिटल, नोएडा) से। 

    किन अंगों को बना रहा है निशाना?

    डॉक्टरों के अनुसार, युवा महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं, जो अक्सर काफी अग्रेसिव होते हैं। इसके अलावा, 30 से 40 की उम्र के बीच महिलाओं में कोलोरेक्टल कैंसर के मामले भी बढ़ रहे हैं। अनियमित स्क्रीनिंग के कारण सर्वाइकल कैंसर के मामलों में भी कमी देखने को नहीं मिल रही। थायरॉइड और कुछ प्रकार के ब्लड कैंसर के मामले भी बढ़ रहे हैं।

    Cancer Risk Factor

    क्यों बढ़ रहा है यह खतरा?

    इस बढ़ते जोखिम के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे- मोटापा, शारीरिक गतिविधि में कमी, शराब पीना और अल्ट्रा प्रोसेस्ड डाइट। ये फैक्टर्स हार्मोनल बदलाव पैदा कर रहे हैं। इसके अलावा-

    • लाइफस्टाइल- देर से शादी और बच्चों के जन्म में देरी, कम प्रेग्नेंसी और ब्रेस्टफीडिंग की कम अवधि भी ब्रेस्ट कैंसर के पैटर्न को प्रभावित कर रही है।
    • पर्यावरण और तनाव- प्लास्टिक से लेकर कॉस्मेटिक्स तक में पाए जाने वाले एंडोक्राइन-डिस्ट्रप्टिंग केमिकल्स और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड शरीर में सूजन पैदा कर सकते हैं। सुस्त जीवनशैली, बढ़ता तनाव और नींद की कमी भी कैंसर का कारण बन रहा है।
    • जेनेटिक्स- युवा महिलाओं में कैंसर का एक हिस्सा BRCA जैसे जीन म्यूटेशन से जुड़ा होता है। अगर परिवार में कैंसर का इतिहास रहा है, तो खतरा बढ़ जाता है।

    देर से पहचान

    अक्सर युवा महिलाओं में कैंसर की पहचान देरी से होती है, क्योंकि लक्षणों को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। उम्र कम होने का मतलब यह नहीं है कि आपको खतरा नहीं है। ब्रेस्ट में गांठ, लगातार पेट से जुड़ी समस्याएं, बिना कारण वजन कम होना, असामान्य ब्लीडिंग या लंबे समय तक थकान को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए।

    खबरें और भी

    बचाव और जागरूकता

    जल्दी जांच से इलाज के नतीजों में बड़ा अंतर आ सकता है। महिलाओं को अपने शरीर को समझना चाहिए और इन बातों का ध्यान रखना चाहिए-

    • नियमित जांच- 50 की उम्र से पहले ब्रेस्ट अल्ट्रासाउंड और 50 के बाद मैमोग्राफी मददगार होती है।
    • सेल्फ एग्जामिन- ब्रेस्ट सेल्फ-एग्जामिनेशन यानी से  खुद से जांच की आदत डालें।
    • पारिवारिक इतिहास- अगर परिवार में किसी को कैंसर रहा है, तो समय से पहले स्क्रीनिंग शुरू कर दें।