सिर्फ गोलियों से नहीं बढ़ती इम्युनिटी! डॉक्टर ने बताया उन सप्लीमेंट्स का सच जो आजकल हर कोई ले रहा है
डॉक्टर का कहना है कि सप्लीमेंट्स सिर्फ पोषक तत्वों की कमी पूरी करते हैं, सीधे इम्युनिटी नहीं बढ़ाते। आइए, डिटेल में जानते हैं इस बारे में। ...और पढ़ें

इम्युनिटी बूस्ट करने का सच: क्या वाकई काम करते हैं सप्लीमेंट्स? (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। कोरोना महामारी के बाद से हम सभी के बीच 'इम्युनिटी बूस्टर' चीजों की होड़-सी मच गई है। आज बाजार में विटामिन-सी, विटामिन-डी, जिंक, मल्टीविटामिन और तरह-तरह के हर्बल सप्लीमेंट्स की भारी मांग है। हमें लगने लगा है कि बस एक गोली खाने से हमारी इम्युनिटी रातों-रात मजबूत हो जाएगी, लेकिन क्या यह सच है या सिर्फ बाजार का एक नया ट्रेंड?
एशियन हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन के एसोसिएट डायरेक्टर और हेड डॉ. सुनील राणा की मानें तो हमारी इम्युनिटी कोई बिजली का बटन नहीं है, जिसे गोली खाकर तुरंत 'ऑन' किया जा सके। यह हमारे शरीर का एक बहुत ही कॉम्प्लेक्स सिस्टम है, जो हमारे खानपान, नींद, कसरत और दिमागी शांति जैसे कई पहलुओं पर निर्भर करता है। आइए, इस बार7 अप्रैल को मनाए जा रहे World Health Day 2026 के मौके पर डिटेल में जानते हैं इस बारे में।

(Image Source: AI-Generated)
क्या सप्लीमेंट्स सच में इम्युनिटी बढ़ाते हैं?
डॉ. सुनील राणा के अनुसार, सप्लीमेंट्स का असली काम हमारे शरीर में पोषक तत्वों की कमी को पूरा करना है, न कि सीधे तौर पर इम्युनिटी को 'बूस्ट' करना। अगर आपके शरीर में विटामिन-डी या बी12 की कमी है, तो ये सप्लीमेंट्स आपकी इम्युनिटी बेहतर करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन अगर आपके शरीर में पोषण की कोई कमी नहीं है, तो बिना वजह एक्स्ट्रा गोलियां खाने का आपको कोई फायदा नहीं मिलने वाला है।
अचानक क्यों बढ़ गई है इनकी मांग?
इन गोलियों की बढ़ती मांग के पीछे मुख्य रूप से तीन कारण छिपे हैं:
- महामारी के बाद लोगों का अपनी सेहत को लेकर पहले से कहीं ज्यादा सतर्क हो जाना।
- सोशल मीडिया और आकर्षक विज्ञापनों का गहरा प्रभाव।
- बिना ज्यादा मेहनत किए, सेहत सुधारने का "जल्दी और आसान समाधान" खोजने की चाहत।
ज्यादा सप्लीमेंट्स लेना हो सकता है खतरनाक
कई लोग सोचते हैं कि "ज्यादा खाएंगे तो ज्यादा फायदा होगा", लेकिन डॉक्टर इस सोच को बिल्कुल गलत मानते हैं। जरूरत से ज्यादा सप्लीमेंट्स लेने से शरीर को नुकसान पहुंच सकता है। उदाहरण के लिए, बहुत ज्यादा विटामिन डी लेने से आपकी किडनी पर बुरा असर पड़ सकता है। इसी तरह, अधिक मात्रा में जिंक लेने से जी मचलाना और पाचन से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। मल्टीविटामिन का बहुत ज्यादा इस्तेमाल शरीर का प्राकृतिक संतुलन बिगाड़ सकता है।
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क्या है इम्युनिटी मजबूत करने का सही तरीका?
डॉक्टरों का स्पष्ट कहना है कि मजबूत इम्युनिटी के लिए आपकी लाइफस्टाइल ही सबसे बड़ा हथियार है। इसके लिए इन बातों पर ध्यान दें:
- सही और संतुलित आहार: अपने भोजन में ताजे फल, सब्जियां, प्रोटीन और हेल्दी फैट को शामिल करें।
- पूरी नींद लें: रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेना बेहद जरूरी है।
- रोजाना एक्सरसाइज करें: दिन भर में कम से कम 30 मिनट कसरत करने की आदत डालें।
- तनाव से दूर रहें: दिमागी शांति और स्ट्रेस कम करने के लिए योग और मेडिटेशन का सहारा लें।
- हाइड्रेशन: दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
किन्हें सच में सप्लीमेंट्स की जरूरत है?
हर स्वस्थ इंसान को इन गोलियों की जरूरत नहीं होती। हालांकि, कुछ खास स्थितियों में डॉक्टर इन्हें लेने की सलाह जरूर देते हैं, जैसे:
- बुजुर्ग लोग
- गर्भवती महिलाएं
- वे लोग जिनके शरीर में पहले से पोषण की भारी कमी हो
- वे लोग जिनका रोजाना का खानपान संतुलित नहीं है
इम्युनिटी बढ़ाने के लिए विज्ञान में कोई 'जादुई गोली' नहीं बनी है। सप्लीमेंट्स सिर्फ तभी मददगार होते हैं जब शरीर को सच में उनकी जरूरत हो। लंबे समय तक बीमारियों से बचे रहने और एक मजबूत शरीर पाने का एकमात्र सही रास्ता है- अच्छा खानपान, रेगुलर एक्सरसाइज और एक हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना।